सरकारी स्कूल में घुसकर टीचर्स को धमकी देना पड़ा भारी, अभिजीत दिपके पर केस दर्ज
Abhijit Dipke FIR: करीब 53 साल के जिला परिषद शिक्षा विभाग के एक कर्मचारी की शिकायत पर शनिवार को FIR दर्ज की गई. शिकायत में कहा गया है कि CJP टीम के स्कूल में पहुंचने से वहां की सामान्य पढ़ाई और सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ. आरोप यह भी है कि टीम ने एक शिक्षक से बहस की और उन्हें निलंबित कराने की धमकी दी.
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CJP: महाराष्ट्र के लातूर जिले में सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था को लेकर आवाज उठा रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम मुश्किल में फंस गई है. CJP के संयोजक अभिजीत दिपके, अजय शिंदे और चार-पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ लातूर के औसा थाने में मामला दर्ज किया गया है. आरोप है कि ये लोग बिना अनुमति जिला परिषद के एक स्कूल में घुसे, बच्चों के बीच बैठकर शिक्षकों से पढ़ाई और स्कूल के कामकाज को लेकर सवाल किए और पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया.
पुलिस के मुताबिक, मामला 20 अगस्त की दोपहर करीब 1:10 बजे उर्दू औसा स्थित जिला परिषद स्कूल का है. करीब 53 साल के जिला परिषद शिक्षा विभाग के एक कर्मचारी की शिकायत पर शनिवार को FIR दर्ज की गई. शिकायत में कहा गया है कि CJP टीम के स्कूल में पहुंचने से वहां की सामान्य पढ़ाई और सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ. आरोप यह भी है कि टीम ने एक शिक्षक से बहस की और उन्हें निलंबित कराने की धमकी दी.
FIR में क्या-क्या लगाए आरोप?
शिकायतकर्ता के मुताबिक, स्कूल में बच्चों के बीच बैठने और शिक्षकों से सवाल करने का वीडियो बनाया गया. बाद में इसे सोशल मीडिया पर फैलाया गया. आरोप है कि वीडियो को इस तरह पेश किया गया कि ऐसा लगा जैसे स्कूल में किसी दूसरे स्कूल के बच्चों को बैठाया गया हो. शिकायत में कहा गया है कि इससे स्कूल और वहां काम करने वाले शिक्षकों की छवि खराब हुई.
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FIR में आरोप है कि आरोपियों ने वहां मौजूद एक शिक्षक से भी अभद्र व्यवहार किया. उन्होंने कथित तौर पर कहा, "ये लोग हराम का खाते हैं" और शिक्षक को निलबित कराने की धमकी दी. FIR में दर्ज आरोप के अनुसार, उन्होंने शिक्षक से कहा, "मैं तुम्हें सस्पेंड करवा दूंगा." पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132, 329(3), 351(2), 356(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है.
यह फ्रॉड ठग अभिजीत दिपके कक्षा में हाथ पीछे बांधकर ऐसे खड़ा है मानो वह हिंगोली का कलेक्टर हो या स्कूल का ट्रस्टी हो।
— Yati Sharma (@yati_Official1) August 18, 2026
बच्चे पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन वह सीधे कक्षा में घुस गया और शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार करने लगा। आखिर उसे यह अधिकार किसने दिया?
और उसे अपने साथ इतनी बड़ी मीडिया… pic.twitter.com/LCE9Q5Ifoj
पहले भी स्कूलों को लेकर अभियान
अभिजीत दि१पके ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने गृह जिले हिंगोली से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू किया था. इस अभियान का मकसद सरकारी स्कूलों में सुविधाओं और पढ़ाई की व्यवस्था बेहतर कराने की मांग उठाना बताया गया है. इससे पहले दीपके NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शनों में भी सक्रिय रहे हैं.
जयपुर मामले के बाद और तेज हुआ विवाद
CJP टीम के साथ जयपुर में सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने के दौरान कथित मारपीट और झड़प का मामला भी चर्चा में है. अभिजीत दिपके ने चेतावनी दी है कि अगर 48 घंटे के भीतर कथित हमलावरों पर कार्रवाई नहीं हुई और स्कूल की व्यवस्था सुधारने की दिशा में काम शुरू नहीं हुआ, तो वह खुद जयपुर पहुंचकर स्कूल के बाहर धरने पर बैठेंगे.
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