IAS अफसर दुर्गा शक्ति नागपाल ने जज को दी ‘धमकी’, अब चलेगा अवमानना का केस! High Court ने लगाई कड़ी फटकार
हाई कोर्ट ने इसे न्यायिक मामलों में हस्तक्षेप मानते हुए IAS अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई है. हाई कोर्ट ने कहा, ये न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है.
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उत्तर प्रदेश की चर्चित महिला IAS ऑफिसर दुर्गा शक्ति नागपाल एक बार फिर चर्चा में हैं. आरोप है कि दुर्गा शक्ति नागपाल ने निजली अदालत की जज को फोन कर दबाव बनाया है. केस को प्रभावित करने की कोशिश की. इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले में संज्ञान लिया है.
हाई कोर्ट ने इसे न्यायिक मामलों में हस्तक्षेप मानते हुए IAS अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई है. हाई कोर्ट ने कहा, ये न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है और न्याय प्रशासन में बाधा उत्पन्न करता है. इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दुर्गा शक्ति नागपाल की हरकत को गलत माना है.
दुर्गा शक्ति नागपाल पर क्या हैं आरोप?
मामला देवीपाटन मंडल के कमिश्नर के नाम से दर्ज नजूल भूमि से जुड़ा हुआ है. यह 'ज्योति विद्या मंदिर बनाम नगरपालिका' केस 1997 से लंबित है. अब इस मामले की कोर्ट में तेजी से सुनवाई हो रही है. आरोप है कि इसी केस के सिलसिले में कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल सिविल जज शबीना खन पर दबाव बना रही थीं.
सिविल जज शबीना खान के मुताबिक, दुर्गा शक्ति नागपाल ने उन्हें कई बार कॉल किया. बकौल शबीना जज, ‘कमिश्नर ने कहा- अच्छा हुआ कि आपने बात कर ली, वरना मैं आपकी शिकायत हाईकोर्ट करने वाली थी. आपको तमीज नहीं कि सीनियर IAS ऑफिसर से कैसे बात करते हैं? मैंने 16 साल की सर्विस में ऐसा ऑफिसर नहीं देखा. आपके व्यवहार से लगता है कि आप ज्यूडिशियल ऑफिसर हैं भी या नहीं.’
जज के अनुसार, बातचीत के लहजे और भाषा से जज को सीधा आभास हुआ कि उन्हें पीठासीन अधिकारी के रूप में प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. इसके बाद 4 अगस्त 2026 को जज शबीना ने जिला जज से इस मामले को अपनी अदालत से हटाने का अनुरोध किया, जिसे स्वीकार करते हुए केस दूसरी अदालत में ट्रांसफर कर दिया गया.
हाई कोर्ट ने क्या कहा?
हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान इस बात पर हैरानी जताई गई कि कोई भी पक्षकार (चूंकि राज्य सरकार इस मामले में एक पक्षकार है) सीधे अदालत को फोन कैसे कर सकता है. कोर्ट ने कहा कि खुद कमिश्नर ने भी फोन किए जाने की बात से इंकार नहीं किया है.
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हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा, अधिकारी की ओर से फोन पर प्रथम दृष्टया बनाया गया यह दबाव न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है. हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में कहा,
‘अधीनस्थ अदालतों को किसी भी प्रकार के दबाव और अपमान से सुरक्षित रखा जाना चाहिए. पीठासीन अधिकारियों को बिना किसी डर के अपनी जिम्मेदारी निभाने की पूरी स्वतंत्रता होनी चाहिए.’
हाई कोर्ट ने माना कि भले ही मामला ट्रांसफर कर दिया गया हो लेकिन फोन कॉल के आरोपों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि चीफ जस्टिस या किसी सीनियर जस्टिस से जरूरी दिशा-निर्देश प्लेने के बाद मामले को आपराधिक अवमानना के तहत उपयुक्त कोर्ट के सामने रखा जाए.
कौन हैं दुर्गा शक्ति नागपाल
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- 2010 बैच की IAS अधिकारी हैं दुर्गा शक्ति नागपाल
- कंप्यूटर साइंस में B.Tech
- पहली बार में IRS में चयनित हुईं फिर 2009 में ऑल इंडिया 20वीं रैंक हासिल की
- पंजाब कैडर (मोहाली) से एडमिनिस्ट्रेशन करियर की शुरुआत की
- UP कैडर के IAS अभिषेक सिंह से शादी के बाद पंजाब से UP कैडर ट्रांसफर करवाया
- अभिषेक सिंह ने 2023 में IAS की नौकरी से इस्तीफा देकर एक्टिंग और मॉडलिंग में कदम रखा
- दुर्गा शक्ति नागपाल नोएडा में SDM रहते हुए नदी के तटों पर चल रहे अवैध रेत खनन पर कार्रवाई कर चर्चा में आईं
साल 2013 में जेवर के पास कादलपुर गांव में अवैध रूप से बनाई जा रही दीवार को हटाने के मामले में तत्कालीन अखिलेश सरकार ने निलंबित किया