पाकिस्तान समर्थक होने का आरोप... 82 वर्षीय खालिद काजी क्यों जाना चाहते हैं कश्मीर? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
82 वर्षीय OCI कार्डधारक डॉक्टर खालिद जहांगीर काजी ने कश्मीर में पारिवारिक शादी में शामिल होने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर को होगी.
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अमेरिका में रह रहे 82 वर्षीय डॉक्टर खालिद जहांगीर काजी की कश्मीर यात्रा का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. काजी अपनी बहन के परिवार में होने वाले शादी समारोह में शामिल होना चाहते हैं. OCI कार्डधारक काजी की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है.
दरअसल, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने काजी की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया. अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर को होगी. काजी की याचिका ऐसे समय सामने आई है, जब उनके OCI कार्ड को रद्द किए जाने और भारत यात्रा पर रोक से जुड़ा विवाद पहले से अदालत में चल रहा है.
वकील ने उम्र का दिया हवाला
काजी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पराग त्रिपाठी ने सुप्रीम कोर्ट में उनकी उम्र और पारिवारिक परिस्थितियों का हवाला दिया. उन्होंने बताया कि काजी पहले भी भारत आ चुके हैं. वकील ने कहा कि 82 साल की उम्र में यह संभवतः आखिरी मौका हो सकता है, जब काजी कश्मीर जाकर अपने परिवार के साथ समय बिता सकें. वकील ने अदालत को यह भी बताया कि काजी कश्मीर यात्रा के दौरान किसी भी राजनीतिक गतिविधि में शामिल नहीं होने का लिखित आश्वासन देने के लिए तैयार हैं. उनका उद्देश्य केवल पारिवारिक शादी समारोह में शामिल होना बताया गया है. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस मामले पर जवाब मांगा. अब केंद्र का पक्ष सामने आने के बाद अदालत आगे की दिशा तय करेगी.
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खालिद जहांगीर काजी पर क्या है आरोप?
डॉक्टर खालिद जहांगीर काजी का OCI कार्ड मई 2023 में रद्द कर दिया गया था. भारतीय वाणिज्य दूतावास, न्यूयॉर्क की ओर से उन पर पाकिस्तान समर्थक प्रचार करने और कश्मीरी अलगाववादियों के प्रति सहानुभूति रखने का आरोप लगाया गया था. भारत सरकार ने उनकी गतिविधियों को देश की संप्रभुता और सुरक्षा के प्रतिकूल बताते हुए OCI कार्ड रद्द किया था. इसके साथ ही उन्हें फॉरेनर्स एक्ट के तहत ब्लैकलिस्ट भी किया गया था. हालांकि, काजी ने इस कार्रवाई को अदालत में चुनौती दी. नवंबर 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट की एकल पीठ ने OCI कार्ड रद्द करने के सरकार के फैसले को निरस्त कर दिया. अदालत ने कहा था कि कार्ड रद्द करने से पहले काजी को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर नहीं दिया गया.
हाईकोर्ट में मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं
दिल्ली हाईकोर्ट की एकल पीठ के फैसले के बावजूद काजी की मुश्किलें पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं. इस फैसले के खिलाफ अपील हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के सामने लंबित है. इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने काजी को भारत यात्रा की अनुमति देने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी थी. अब सुप्रीम कोर्ट में उनकी नई याचिका पर सुनवाई हो रही है. काजी की तरफ से उनकी उम्र, पारिवारिक समारोह और राजनीतिक गतिविधि से दूर रहने के आश्वासन को प्रमुख आधार बनाया गया है.
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फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ केंद्र सरकार से जवाब मांगा है. इसका मतलब यह नहीं है कि काजी को कश्मीर जाने की अनुमति मिल गई है. अब 7 सितंबर की सुनवाई अहम होगी, जब केंद्र सरकार अपना पक्ष अदालत के सामने रखेगी. इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 82 वर्षीय डॉक्टर को अपने परिवार के शादी समारोह में शामिल होने के लिए कश्मीर जाने का रास्ता मिलता है या नहीं.