Gen-Z को जोड़ने के लिए BJP का बड़ा मिशन तैयार... नितिन नबीन ने इन दिग्गजों को सौंपी जिम्मेदारी, जानें क्या है पार्टी का प्लान
बीजेपी Gen-Z से जुड़ाव बढ़ाने के लिए देशभर में ‘जेन ज़ेड आउटरीच प्रोग्राम’ शुरू करने की तैयारी में है. अगले महीने से टीम युवाओं के बीच पहुंचकर उनकी आकांक्षाओं, चिंताओं और मुद्दों पर सीधे संवाद करेगी. पार्टी का फोकस युवाओं से फीडबैक लेकर अपना जुड़ाव मजबूत करने पर है.
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देश की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी अब नई पीढ़ी, खासकर Gen-Z के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने की तैयारी में जुट गई है. युवाओं के बदलते नजरिए, उनकी आकांक्षाओं और रोजगार, शिक्षा जैसे मुद्दों को समझने के लिए पार्टी ने एक खास आउटरीच पहल की योजना बनाई है. इसके तहत बीजेपी की एक नई टीम देशभर में युवाओं के बीच पहुंचेगी और उनसे सीधे संवाद करेगी.
Gen Z के लिए बनेगा खास आउटरीच प्रोग्राम
जानकारी के मुताबिक, बीजेपी 'जेन ज़ेड आउटरीच प्रोग्राम' शुरू करने की तैयारी कर रही है. इस अभियान के तहत टीम के सदस्य अगले महीने से अलग-अलग जगहों पर युवाओं से मुलाकात कर सकते हैं. इस दौरान युवाओं की प्राथमिकताओं, उनकी चिंताओं और भविष्य को लेकर उनकी उम्मीदों को समझने पर जोर रहेगा. हिंदुस्तान की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी की कोशिश सिर्फ युवाओं तक अपनी बात पहुंचाने की नहीं, बल्कि उनसे सीधे फीडबैक लेने की भी है. ऐसे में यह कार्यक्रम बीजेपी और नई पीढ़ी के बीच संवाद का एक नया माध्यम बन सकता है.
आउटरीच टीम में कई बड़े नाम
इस पहल के लिए बनाई गई टीम में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े को शामिल किया गया है. इसके अलावा गुजरात के मंत्री हर्ष सांघवी, छत्तीसगढ़ के मंत्री ओपी चौधरी समेत कई अन्य नेताओं को भी जिम्मेदारी दी गई है. टीम में अलग-अलग राज्यों और संगठनात्मक अनुभव वाले नेताओं को जगह दिए जाने से साफ है कि पार्टी इस अभियान को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाना चाहती है. नेताओं की जिम्मेदारी सिर्फ कार्यक्रमों में हिस्सा लेने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि युवाओं के साथ लगातार संवाद स्थापित करने पर भी जोर दिया जाएगा.
युवा वोटरों पर क्यों है खास नजर?
देश की सियासत में युवा मतदाताओं की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है. Gen-Z का एक बड़ा हिस्सा पहली बार या हाल के वर्षों में मतदान के दायरे में आया है. यह वर्ग सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काफी सक्रिय है और सियासी मुद्दों को भी अलग नजरिए से देखता है. ऐसे में बीजेपी का यह अभियान केवल चुनावी संपर्क तक सीमित रहेगा या पार्टी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा बनेगा, यह देखने वाली बात होगी. युवाओं के बीच रोजगार, शिक्षा, तकनीक, स्टार्टअप और अवसर जैसे मुद्दे अहम हैं. पार्टी इन विषयों पर युवाओं की राय जानने की कोशिश कर सकती है.
इस उम्र के युवाओं पर रहेगा फोकस
बीजेपी की नई टीम Gen-Z यानी 14 से 25 साल की उम्र के युवाओं के बीच ‘युवा संवाद’ अभियान चलाने की तैयारी में है. इस पहल के जरिए पार्टी युवाओं से सीधे संपर्क बढ़ाने और उनके बीच अपनी पहुंच मजबूत करने की कोशिश करेगी. अभियान के दौरान बातचीत, चर्चा और संवाद जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें युवाओं की सोच, चिंताओं, जरूरतों और भविष्य की उम्मीदों को समझने पर जोर रहेगा. साथ ही, युवाओं को बीजेपी नेताओं के साथ सीधे बातचीत कर अपने मुद्दे और सुझाव रखने का अवसर भी मिलेगा. कार्यक्रम का विस्तृत शेड्यूल, फॉर्मेट और आयोजन स्थलों की जानकारी जल्द सामने आने की उम्मीद है.
राष्ट्रीय टीम की बैठक में भी हुई चर्चा
बीजेपी में हालिया संगठनात्मक बदलाव के बाद शनिवार को राष्ट्रीय टीम की पहली बैठक भी हुई. बताया गया कि बैठक में नए नियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ चुनावी रणनीति और जमीनी स्तर पर लोगों तक पहुंच बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई. बैठक की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के सभी छह पदों के गायन से हुई.
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बताते चलें कि अब सबकी नजर बीजेपी के Gen-Z आउटरीच प्रोग्राम पर है. इसके कार्यक्रम, स्थान और पूरी जानकारी सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि पार्टी नई पीढ़ी के साथ अपने संवाद को किस दिशा में ले जाती है. लेकिन ये तो है कि अब हर दल की नजर में युवा सबसे अहम हैं.