'एक बार सलवार पहनकर भागे थे...', बाबा रामदेव की आंदोलन वाली चेतावनी पर बृजभूषण सिंह का तीखा हमला
बाबा रामदेव की आंदोलन की चेतावनी पर बृजभूषण शरण सिंह ने तीखा पलटवार किया. उन्होंने रामदेव की आंदोलन क्षमता पर सवाल उठाते हुए उनके पुराने आंदोलन का जिक्र किया और कहा कि मैदान में आकर आंदोलन करें.
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योग गुरु बाबा रामदेव और कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच लंबे समय से चली आ रही जुबानी जंग एक बार फिर चर्चा में है. इस बार मामला बाबा रामदेव की आंदोलन वाली चेतावनी से जुड़ा है, जिस पर बृजभूषण शरण सिंह ने बेहद तीखे अंदाज में प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने बाबा रामदेव की आंदोलन करने की क्षमता पर सवाल उठाते हुए पिछली घटनाओं का भी जिक्र किया. ऐसे में बृजभूषण शरण सिंह का ताजा बयान आने वाले दिनों में नई राजनीतिक बहस को जन्म दे सकता है.
बाबा रामदेव की चेतावनी पर क्या बोले बृजभूषण?
बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह हाल ही में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. कार्यक्रम के बाद पत्रकारों ने उनसे बाबा रामदेव की ओर से दिए गए आंदोलन के संकेत को लेकर सवाल किया. आजतक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस पर बृजभूषण ने बाबा रामदेव पर तंज कसते हुए कहा कि अगर उन्हें आंदोलन करना है तो मैदान में आना चाहिए. उन्होंने बाबा रामदेव के पुराने आंदोलन का जिक्र करते हुए उनकी क्षमता पर सवाल उठाया और कहा कि एक बार वह सलवार पहनकर भाग गए थे. बृजभूषण ने यह भी कहा कि बाबा रामदेव पहले स्वदेशी की बात करते थे, लेकिन अब उनकी बातों को लोग गंभीरता से नहीं लेते. उनके इस बयान के बाद दोनों के बीच पुरानी राजनीतिक और सार्वजनिक तकरार फिर सुर्खियों में आ गई है.
पतंजलि और महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली का विवाद
बृजभूषण शरण सिंह और बाबा रामदेव की तकरार कोई नई बात नहीं है. दोनों कई मौकों पर एक-दूसरे पर निशाना साध चुके हैं. इस विवाद की एक अहम कड़ी महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली को लेकर भी रही है. बृजभूषण कई बार आरोप लगा चुके हैं कि बाबा रामदेव महर्षि पतंजलि के नाम पर बड़ा कारोबार करते हैं, लेकिन गोंडा स्थित उनकी जन्मस्थली के विकास के लिए अपेक्षित काम नहीं किया गया. इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले भी बयानबाजी देखने को मिली है.
आखिर बाबा रामदेव ने आंदोलन की बात क्यों कही?
दरअसल, कुछ दिन पहले बाबा रामदेव ने एक इंटरव्यू में देश में भ्रष्टाचार और भर्ती प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई थी. उन्होंने स्कूलों में सुविधाओं की कमी, प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया. बाबा रामदेव ने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों में इंटरव्यू के दौरान पक्षपात और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती हैं. उन्होंने कहा कि अगर ऐसी व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो देश में आंदोलन की स्थिति बन सकती है. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह अराजकता या हिंसक आंदोलन के पक्षधर नहीं हैं.
बयानबाजी से आगे बढ़ेगा मामला?
बाबा रामदेव की चेतावनी और बृजभूषण शरण सिंह के पलटवार ने पुराने विवाद को फिर हवा दे दी है. दोनों के बीच पहले भी कई मुद्दों पर सार्वजनिक तौर पर तीखी बयानबाजी हो चुकी है. अब सवाल यह है कि यह विवाद सिर्फ जुबानी हमले तक सीमित रहेगा या आने वाले दिनों में दोनों पक्ष इस मुद्दे को लेकर और खुलकर सामने आएंगे.
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बहरहाल, इतना साफ है कि बाबा रामदेव की आंदोलन वाली टिप्पणी ने बृजभूषण शरण सिंह को जवाब देने का मौका दिया और उनके तीखे बयान के बाद दोनों के बीच पुरानी तल्खी एक बार फिर चर्चा में आ गई है.