जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट में भी आरक्षण? CJP को एयरपोर्ट से ही परमिशन, RHA को नहीं करने दिया प्रदर्शन, उठा ले गई पुलिस
जंतर-मंतर पर रिजर्वेशन व्यवस्था में बदलाव और UGC को लेकर जोरदार प्रदर्शन हुआ. RHA के बैनर तले प्रदर्शनकारियों ने रिजर्वेशन-UGC सहित अन्य मांगों को लेकर धरना दिया, नारेबाजी की. वहीं पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्हें 1 महीने बाद भी इजाजत नहीं दी गई.
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण सिस्टम में बदलाव करने और यूजीसी के नियमों के विरोध में लगातार दूसरे दिन बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए. पहले दिन प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें टेंट लगाने और मंच बनाने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि सीजेपी प्रोटेस्टर्स को कथित तौर पर एयरपोर्ट पर ही परमिशन लेटर थमा दिया गया. ऐसे में एक बार फिर जब प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जुटना शुरू हुए हुए तो पुलिस ने उन्हें उठा लिया और गाड़ियों में भरकर ले गए.
जंतर-मंतर पर RHA का दूसरे दिन भी प्रदर्शन!
इस दौरान प्रदर्शनकारियों नें आरोप लगाया किया ऐसा लग रहा है जैसे प्रोटेस्ट के परमिशन में भी जाति या आरक्षण देखा जा रहा है. ऐसे में लोगों ने SC/ST एक्ट, यूजीसी रूल, आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग की और नारेबाजी की. हालांकि पहले दिन की तुलना में दूसरे दिन भीड़ छिटपुट दिखी और टुकड़ों-टुकड़ों में बंटी नज़र आई. वहीं पुलिस द्वारा महीने भर प्रदर्शन की इजाजत के मामले को लटकाने के सवाल पर प्रदर्शनकारियों ने सवाल किया कि क्या गरीब होने की वजह से उन्हें इसकी भी इजाजत नहीं दी जा रही है?
सवर्णों ने प्रदर्शन की इजाजत नहीं देने का लगाया आरोप?
वहीं बीते दिन एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि हमारी मांग है कि आरक्षण व्यवस्था में बदलाव किए जाएं. इसका राजनीतिकरण बंद होना चाहिए. जिसे जरूरत है, उसे मदद मिले. गांव के गरीब छात्रों को अच्छी शिक्षा मिले और वे अच्छे डॉक्टर और इंजीनियर बन सकें, ताकि देश का भविष्य उज्ज्वल हो.
प्रदर्शन में शामिल एक व्यक्ति ने कहा कि हम लगातार प्रतिभाओं का दमन कर रहे हैं और साथ ही विकसित भारत बनाने की बात कर रहे हैं. ऐसे में विकसित भारत कैसे बनेगा? यदि कम अंक लाने वाले छात्रों को डॉक्टर बनाया जाएगा तो देश का विकास कैसे होगा? यह आंदोलन राष्ट्रहित में चलाया जा रहा है.
CJP को एयरपोर्ट पर ही दिया गया प्रदर्शन का परमिशन?
उन्होंने आगे कहा कि लोग दूर-दूर से आंदोलन में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं. उन्हें भी धूप से बचने के लिए छाया की व्यवस्था करने की अनुमति मिलनी चाहिए. हमसे कहा जा रहा है कि टेंट नहीं लगाने देंगे, मंच नहीं बनाने देंगे. टेंट और मंच की व्यवस्था करने वालों को भी धमकाया जा रहा है. अन्य आंदोलनों में इसकी अनुमति मिलती है, लेकिन हमें क्यों नहीं मिल रही? क्या हम गरीब हैं, इसलिए हमें टेंट लगाने की भी इजाजत नहीं दी जाएगी?
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि हमें अनुमति मिल चुकी है. अधिक से अधिक लोग यहां पहुंचें. अपने हक की मांग के लिए यहां आना पड़ेगा. आंदोलन में शामिल होने के लिए आ रहे लोगों को पुलिस नहीं रोके.
वहीं, प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आरक्षण में सुधार की मांग बहुत पहले उठनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसलिए अब हमें आगे आना पड़ रहा है. आरक्षण सिर्फ जरूरतमंद लोगों को ही मिलना चाहिए. गरीबों को आरक्षण मिलना चाहिए, क्योंकि गरीबी जाति देखकर नहीं आती. सरकार हमारी बात समझे और आर्थिक स्थिति तथा गरीबी के आधार पर आरक्षण दे, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का व्यक्ति हो.
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विस्तार से पूरा मामला और प्रदर्शनकारियों की मांगों को सुनने के लिए ये वीडियो देखिए.