'मैं लूंगा जिम्मेदारी, डरने की जरूरत नहीं'... छात्रों पर कार्रवाई के आरोपों के बीच जवानों से बोले CRPF चीफ
Jantar Mantar Protest: प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग को लेकर कई सवाल उठे और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद इस पूरे मामले पर बहस तेज हो गई. इसी बीच एक कार्यक्रम में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के महानिदेशक (DG) ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने अपने जवानों के समर्थन में बड़ा बयान दिया है.
Follow Us:
Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर -मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर हुए छात्र प्रदर्शन के बाद सुरक्षा बलों की कार्रवाई लगातार चर्चा में बनी हुई है. प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग को लेकर कई सवाल उठे और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद इस पूरे मामले पर बहस तेज हो गई. इसी बीच एक कार्यक्रम में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के महानिदेशक (DG) ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने अपने जवानों के समर्थन में बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ड्यूटी के दौरान अगर जवान देश, जनता और बल के हित में कोई फैसला लेते हैं, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी वह खुद उठाएंगे. उनके इस बयान को जवानों का मनोबल बढ़ाने वाला संदेश माना जा रहा है.
जवानों से बोले- बिना डर के करें अपनी ड्यूटी
सोमवार को आयोजित CRPF के इन्वेस्टीचर समारोह में जवानों को संबोधित करते हुए डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि चाहे जवान ऑपरेशनल बटालियन में हों या कानून-व्यवस्था संभालने वाली किसी यूनिट में, अगर वे राष्ट्रहित, जनहित और बल के हित में कोई कार्रवाई करते हैं, तो उसके लिए उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जहां भी किसी फैसले की जवाबदेही तय होगी, वहां वह खुद महानिदेशक के तौर पर जिम्मेदारी लेंगे. उन्होंने जवानों से पूरी निडरता और ईमानदारी के साथ अपना कर्तव्य निभाने की अपील भी की.
लापरवाही करने वालों को नहीं मिलेगी छूट
हालांकि, CRPF प्रमुख ने यह भी साफ कर दिया कि यह भरोसा सिर्फ उन जवानों के लिए है जो नियमों के दायरे में रहकर अपना काम करते हैं। अगर कोई जानबूझकर लापरवाही करता है या कानून का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. इससे पहले इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, CRPF मुख्यालय ने अपने जवानों की हालिया तैनातियों के दौरान दिखाए गए धैर्य और संयम की सराहना की थी.
RAF की कार्रवाई पर उठ रहे हैं सवाल
दरअसल, यह पूरा मामला 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन से जुड़ा है. उस दिन बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी संसद मार्च के लिए जुटे थे. हालात बिगड़ने पर भीड़ को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी सीआरपीएफ की विशेष यूनिट रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के पास थी. लेकिन प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए जिस तरह बल प्रयोग किया गया, उसे लेकर अब सवाल उठ रहे हैं. इसी वजह से RAF की कार्रवाई जांच के दायरे में आ गई है.
प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ था?
20 जुलाई को आयोजित प्रदर्शन में हजारों छात्र और अन्य प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर और उसके आसपास के इलाकों में जमा हो गए थे. जब भीड़ संसद की ओर बढ़ने लगी, तब पुलिस और सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने के लिए कार्रवाई की. इस दौरान लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए. घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की गई. कई छात्रों ने आरोप लगाया कि उन पर प्लास्टिक पैलेट भी चलाए गए, जिससे विवाद और बढ़ गया.
जांच में सामने आए नए दावे
यह भी पढ़ें
घटना के बाद आई कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि रैपिड एक्शन फोर्स ने अधिकारियों के निर्देश पर दो राउंड प्लास्टिक पैलेट चलाए थे. हालांकि, शुरुआती दौर में दिल्ली पुलिस ने ऐसे आरोपों से इनकार किया था. अब इन आरोपों और पूरी कार्रवाई की जांच सीआरपीएफ खुद कर रही है. जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उस दिन की गई कार्रवाई पूरी तरह नियमों के अनुसार थी या कहीं कोई चूक हुई थी.
Good job CRPF👍
Salute to DG sir for motivational thoughts and plain speeking jai hind