NEET पेपर लीक मुद्दे पर छात्रों के आगे झुकी सरकार, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्ष ने घेरा; जानें किसने क्या कहा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान में छात्र आंदोलन के दबाव में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इसके बाद आप विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया सामने आ रही है.
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नीट पेपर लीक मुद्दे पर देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की इस्तीफ़े की मांग को लेकर बीते कई दिनों से आंदोलन चल रहा था. आंदोलन में छात्रों को विपक्षी दलों का भी भरपूर सहयोग मिला. सरकार पर बढ़ते दबाव के बाद शनिवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा दे दिया है. शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद अब विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया सामने आने लगी है और केंद्र सरकार पर हमला भी चीज कर दिया है.
कांग्रेस ने क्या कहा?
कांग्रेस अध्यक्ष ने मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर लिखा, 'भारत के ‘छात्रों की गूँज’ आख़िरकार अंहकारी सत्ता की दहलीज़ तक पहुँच गई. ये हमारे करोड़ों युवाओं की जीत है जिन्होंने देशभर में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सड़क पर आवाज़ उठाई. ये सत्य की जीत है और मोदी जी के हठ की हार है. ये उन सभी परिवारों की जीत हैं जिन्होंने अपने ख़ून, अपने बच्चों को खोया, क्योंकि यह सरकार भ्रष्टाचारी है. ये साझा विपक्ष की जीत है, जिन्होंने छात्रों के हित में संसद से सड़क तक आवाज़ उठाई. अब बारी है मोदी जी को हमारी युवा पीढ़ी से माफ़ी माँगने की और जिन्होंने उनपर लाठी-डंडे-Pellet Guns चलवाई है, उनपर कठोर कार्यवाही करने की.' इनके अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने भी धर्मेंद्र प्रधान अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इस फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने सोशल मीडिया के एक्स पर लिखा, 'मुझे अभी-अभी खबर मिली है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इस्तीफ़ा दे दिया है. मैं इस इस्तीफ़े का स्वागत करता हूँ. मुझे उम्मीद है कि इससे स्थिति शांत होगी और संसद व उसके बाहर बुनियादी मुद्दों पर चर्चा का रास्ता खुलेगा.'
भारत के ‘छात्रों की गूँज’ आख़िरकार अंहकारी सत्ता की दहलीज़ तक पहुँच गई।
ये हमारे करोड़ों युवाओं की जीत है जिन्होंने देशभर में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सड़क पर आवाज़ उठाई।
ये सत्य की जीत है और मोदी जी के हठ की हार है।
ये उन सभी परिवारों की जीत हैं जिन्होंने…— Mallikarjun Kharge (@kharge) July 25, 2026Advertisement
केजरीवाल ने बताया लोकतंत्र की जीत
वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी (AAP) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, 'युवाओं की जीत. अहंकारी प्रधानमंत्री और सरकार को झुकना पड़ा.' इसके साथ ही पार्टी ने दावा किया कि ये फैसला मोदी सरकार ने देशभर के छात्रों के आंदोलन और बढ़ते दबाव के कारण लिया है. इसके साथ ही आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी वीडियो जारी करते हुए कहा है कि 'धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर पूरे देश को बधाई. यह लोकतंत्र की बड़ी जीत है.'
Congratulations to the entire country on Dharmendra Pradhan’s resignation. Big win for democracy. pic.twitter.com/whzjhwSjOs
Advertisement— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) July 25, 2026यह भी पढ़ें
गौरतलब है कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे वक्त आया है, जब NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक को लेकर पूरे देश में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है. जंतर-मंतर सहित कई स्थानों पर प्रदर्शन कर रहे छात्र और CJP लंबे समय से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने, व्यापक सुधार लागू करने और मामले के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे. अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि केंद्र सरकार नए शिक्षा मंत्री की घोषणा कब करती है और क्या इस घटनाक्रम के बाद परीक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर महत्वपूर्ण फैसलों का ऐलान किया जाता है.