Anti Paper leak Law: लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी एंटी पेपर लीक बिल पास हो गया. संसद के दोनों सदनों से बिल पास होने के बाद 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल' पेपर लीक को रोकने और परीक्षा माफियाओं को सख्त से सख्त सजा दिलाएगा.
सरकारी परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के उपायों को मजबूत करने वाले इस कानून को संसद की मंजूरी मिल गई है. बिल पास होने के समय केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह सदन में मौजूद थे. जितेंद्र सिंह ने ही दिन में यह बिल पेश किया था, जिसे लोकसभा ने बुधवार को लगभग सात घंटे की बहस के बाद पास कर दिया था.
चर्चा के दौरान पक्ष-विपक्ष की तीखी बहस
उच्च सदन में हुई चर्चा में दोनों पक्षों ने अपनी बात रखी. सरकार ने संशोधनों का बचाव करते हुए कहा कि पेपर लीक करने वाले माफिया को रोकने के लिए सख्त सजा, विशेष अदालतें और तय समय-सीमा में मुकदमे की सुनवाई जरूरी है. उच्च सदन में हुई बहस के दौरान तीखी नोक-झोंक देखने को मिली, जिसमें विपक्ष के सदस्यों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की आलोचना की और ढांचागत सुधारों की मांग की.
आर्थिक दंड (जुर्माना) बढ़ाकर 10 करोड़ रुपए कर दिया गया है, साथ ही जेल की सजा और तेजी से सुनवाई (फास्ट-ट्रैक कार्यवाही) का भी प्रावधान किया गया है.
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने क्या कहा?
बिल पेश करते हुए जितेंद्र सिंह ने सदन को बताया कि इन संशोधनों से पता चलता है कि सरकार 2024 के कानून के अनुभव से सीखने को तैयार है. उन्होंने बताया कि मूल कानून लागू होने के बाद से 52 FIR दर्ज की गई हैं और पेपर लीक से जुड़ी आत्महत्याओं की घटनाओं में कमी आई है. राज्यसभा में बिल पास होने के बाद अब इसके राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने और कानून बनने का रास्ता साफ हो गया है.
वहीं, दूसरी ओर सत्ता पक्ष ने छात्रों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता, पूर्व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में टास्क फोर्स के गठन और गड़बड़ी वाली परीक्षाओं को तुरंत रद्द करके दोबारा आयोजित करने जैसे कदमों का जिक्र किया.
दोनों सदनों से पेपर लीक विरोधी बिल पास होने के बाद उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इसमें किए गए बदलावों को नोटिफाई करेगी. सत्ता पक्ष इस कानून को परीक्षाओं में बार-बार होने वाली गड़बड़ियों के खिलाफ एक व्यापक कदम के तौर पर पेश कर रहा है. वहीं, दूसरी ओर, विपक्ष सार्वजनिक परीक्षाओं के आयोजन में बड़े स्तर पर सिस्टम में सुधार और इसमें शामिल एजेंसियों की ज्यादा जवाबदेही की मांग कर रहा है.
क्या है पेपर लीक संशोधन कानून में प्रावधान?
• पेपर लीक करने वालों को 10 साल की कैद और 10 करोड़ रुपए तक जुर्माने की सजा
• पेपर लीक से जुड़े मामलों की तुरंत सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट को कानूनी आधार दिया
• पेपर लीक में शामिल पाए जाने पर कोचिंग या संस्थान को बंद किया जाएगा
• पेपर सेट करने वाला दोषी पाया गया तो हमेशा के लिए सिस्टम से होगा बाहर
PM मोदी ने क्या कहा?
दोनों सदनों से बिल पास होने के बाद PM मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक Video शेयर किया. जिसमें उन्होंने कहा, 'पेपर लीक की वजह से बच्चों के भविष्य के लिए संकट पैदा हो रहा है. सभी राज्यों में भी और केंद्र में भी शिक्षा पद्धति में सुधार अनिवार्य हो गया है. टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल ज़रूरी है.'
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उन्होंने कहा, 'बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले पेपर माफिया, गैंग, को बख़्शा नहीं जाएगा. इस मामले में कठोर क़ानूनों की भी ज़रूरत है. हम संसद में बिल लेकर गए थे और जैसा हमने वादा किया था कि पिछले दो दिन दोनों सदनों में इस पर विस्तारपूर्वक चर्चा की. अब दोनों सदनों ने इस कठोर प्रावधान वाले बिल को पारित कर दिया है. अब विश्वस्त परीक्षा प्रणाली की ओर जाने में एक अहम काम पूरा हुआ है.'