जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

"आपकी त्वचा देश के भविष्य से ज्यादा चमकदार..." PM मोदी के VIDEO पर दिपके की टिप्पणी से मचा बवाल

PM Modi Video: लोकसभा के बाद अब राजयसभा ने भी एंटी -पेपर लीक संसोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फैसले को लेकर एक वीडियो जारी किया, जिस पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने तीखी टिप्पणी करते हुए उनकी त्वचा के रंग को लेकर तंज कसा. उनकी यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई..

Author
31 Jul 2026
( Updated: 31 Jul 2026
09:06 AM )
"आपकी त्वचा देश के भविष्य से ज्यादा चमकदार..." PM मोदी के VIDEO पर दिपके की टिप्पणी से मचा बवाल
Image Source: IANS/Video Grab
Advertisement

Abhijeet Dipke Comment on PM Modi Video: देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों के बीच सरकार ने परीक्षा व्यवस्था को और सख्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. लोकसभा के बाद अब राजयसभा ने भी एंटी -पेपर लीक संसोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है.. अब यह विधेयक राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा और उनकी मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा. नए कानून का मकसद परीक्षा में गड़ ड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करना और छात्रों का परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा फिर से मजबूत करना है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फैसले को लेकर एक वीडियो जारी किया, जिस पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने तीखी टिप्पणी करते हुए उनकी त्वचा के रंग को लेकर तंज कसा...उनकी यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई..

प्रधानमंत्री ने बताया बड़ा सुधार, कहा- पेपर माफिया को नहीं बख्शा जाएगा

राज्यसभा में विधेयक पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सेल्फी वीडियो जारी किया. उन्होंने कहा कि यह कानून देश में परीक्षा प्रणाली को अधिक भरोसेमंद और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक अहम कदम है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पेपर लीक कराने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. सरकार तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करेगी और सख्त कानूनों के जरिए परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाएगी ताकि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय न हो.

Advertisement

अभिजीत दीपके ने वीडियो पर किया विवादित कमेंट

प्रधानमंत्री के वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इंस्टाग्राम पर लिखा, "आपकी त्वचा देश के भविष्य से ज्यादा चमकदार है." यह टिप्पणी सीधे तौर पर प्रधानमंत्री के रंग-रूप पर की गई थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं. कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक व्यंग्य बताया, जबकि कई लोगों ने इसे व्यक्तिगत टिप्पणी मानकर आलोचना की.

संसद में कई घंटे चली बहस, विपक्ष के संशोधन खारिज

Advertisement

इस विधेयक पर राज्यसभा में करीब सात घंटे तक लंबी चर्चा हुई. इस दौरान वामपंथी दलों और डीएमके की ओर से कई संशोधन पेश किए गए, लेकिन सरकार ने उन्हें स्वीकार नहीं किया और सभी प्रस्ताव खारिज हो गए. बहस का जवाब देते हुए कार्मिक मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने यह भी कहा कि देश में सामने आए अधिकतर पेपर लीक के मामले राज्य स्तर की भर्ती और परीक्षाओं से जुड़े रहे हैं, जिनमें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की भूमिका नहीं थी. उन्होंने कहा कि सरकार लगातार परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जरूरी कदम उठा रही है.

सरेंडर का नहीं मिलेगा मौका, बांग्लादेश लौटते ही अरेस्ट हो जाएंगी शेख हसीना! तारिक रहमान सरकार का बड़ा बयान

नए कानून में क्या होंगे बड़े बदलाव?

Advertisement

सरकार का कहना है कि यह संशोधन केवल अपराधियों को सजा देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने में भी मदद करेगा. नए प्रावधानों के तहत प्रश्न पत्र लीक करने या इस तरह की साजिश में शामिल पाए जाने पर दोषियों को 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा.
इसके अलावा पेपर लीक के मामलों की समयबद्ध जांच अनिवार्य होगी और राज्यों को ऐसे मामलों की जल्दी सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने के निर्देश दिए जाएंगे. सरकार का मानना है कि इससे दोषियों को जल्द सजा मिलेगी और छात्रों का भरोसा भी बढ़ेगा.

लगातार हो रहे विवादों के बाद आया नया कानून

हाल के समय में कई बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने के आरोप लगे थे. इन घटनाओं के बाद देशभर में छात्रों ने बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठाए. इसी विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया और बाद में प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई. सरकार का कहना है कि इन्हीं घटनाओं को देखते हुए कानून को और मजबूत बनाने की जरूरत महसूस हुई.

सीजेपी पहले भी उठा चुकी है सवाल

Advertisement

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) इस विधेयक का पहले भी विरोध कर चुकी है. पार्टी का कहना है कि सरकार का पूरा ध्यान पेपर लीक होने के बाद सजा देने पर है, जबकि सबसे जरूरी बात यह है कि पेपर लीक होने से पहले उसे कैसे रोका जाए.
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने पहले कहा था कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट, सख्त सजा और भारी जुर्माना अपनी जगह सही हैं, लेकिन सरकार यह नहीं बता रही कि आखिर पेपर लीक होगा ही क्यों नहीं. उनका कहना था कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और बेहतर निगरानी जैसी व्यवस्थाओं पर ज्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए.

दीपके ने कानून के साथ उसकी लागू करने की प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल

विधेयक पर चर्चा से एक दिन पहले अभिजीत दीपके ने पत्रकारों से बातचीत में भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए थे. उनका कहना था कि केवल नए कानून बना देने से समस्याएं खत्म नहीं होतीं. अगर उन्हें सही तरीके से लागू नहीं किया जाएगा तो उनका कोई खास फायदा नहीं होगा.
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट का वादा किया गया, लेकिन पहली ही सुनवाई सीबीआई के वकील की अनुपस्थिति के कारण टल गई. उनके अनुसार, कानून तभी असरदार साबित होगा जब उसे लागू करने वाली व्यवस्था ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ काम करेगी. केवल सख्त नियम बना देने से छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा.

यह भी पढ़ें

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें