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ऑर्डर किया आईफोन, निकला साबुन… बड़े रैकेट का भंडाफोड़, इंस्टाकार्ट कंपनी के गोदाम लूटने वाले 3 मास्टरमाइंड दबोचे गए

इस गिरोह का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि खुद गोदाम का मैनेजर और उसके साथी थे. ये लोग खुद ही महंगे आईफोन और वीआईपी गैजेट्स के ऑनलाइन ऑर्डर प्लेस करते थे.

ऑर्डर किया आईफोन, निकला साबुन… बड़े रैकेट का भंडाफोड़, इंस्टाकार्ट कंपनी के गोदाम लूटने वाले 3 मास्टरमाइंड दबोचे गए
Image Source- NMF Reporter
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जरा सोचिए आपने किसी ई कॉमर्स कंपनी से ऑनलाइन महंगा फोन मंगाया है, लेकिन जब डिब्बा खोला तो पत्थर या साबुन निकले. जाहिर है आपकी हालत तो ऐसी हो जाएगी. जैसे काटो तो खून नहीं. ये चौंकाने वाला मामला सामने आया है UP के बागपत से, जहां इंस्टकार्ट के डिलीवरी गोदाम से 77 लाख रुपये के महंगे स्मार्टफोन और कीमती सामानों के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है. 

ऑनलाइन शॉपिंग की दुनिया में ग्राहकों के साथ होने वाले इस धोखे के पीछे किसी अनजान ठग का नहीं, बल्कि कंपनी के ही रखवालों का हाथ था. इस मामले ने पुलिस के भी होश उड़ा दिए. 
पुलिस ने यहां बड़ौत कस्बे में शातिर 'पार्सल-स्वैपिंग' गैंग का पर्दाफाश किया है. 

खेल देख पुलिस भी दंग

खेल का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 3 मुख्य मास्टरमाइंड्स को दबोच लिया है. इस पूरे खेल को जिस तरह से अंजाम दिया गया है उसने पुलिस को भी दंग कर दिया. इस गिरोह का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि खुद गोदाम का मैनेजर और उसके साथी थे.

ये लोग खुद ही महंगे आईफोन और वीआईपी गैजेट्स के ऑनलाइन ऑर्डर प्लेस करते थे. जैसे ही सामान वेयरहाउस पहुंचता, ये शातिर कैमरे की नजरों से बचकर पैकेट को बेहद सावधानी से खोलते, असली आईफोन निकाल लेते और उसकी जगह साबुन की बट्टियां या सस्ते डिफेक्टिव सामान भरकर पैकेट को वापस 'कैंसिल' या 'रिटर्न' मार्क कर देते थे.

कैसे हुआ रैकेट का भंडाफोड़? 

पिछले 18 महीनों से चल रहे इस खेल का भंडाफोड़ तब हुआ, जब कंपनी के इंटरनल ऑडिट में बड़ौत हब से असामान्य रूप से हाई रिटर्न रेट दिखाई दिया. इसके बाद कंपनी के अधिकारी की शिकायत पर पुलिस हरकत में आई और बड़ौत के आजाद नगर के रहने वाले इन मास्टरमाइंड्स का पूरा कच्चा चिट्ठा खोल कर रख दिया. पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से भारी मात्रा में चोरी के गैजेट्स ओर विभिन्न कंपनियों के फोन बरामद कर लिए हैं. 

यह भी पढ़ें- कमरे में छापे जा रहे थे नकली नोट, 5वीं पास शेर सिंह निकला मास्टरमाइंड, कानपुर पुलिस ने गिरोह को ऐसे दबोचा

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पुलिस के मुताबिक, 13 सितंबर को फ्लिपकार्ट के लिए डिलीवर करने वाली कंपनी इंस्टाकार्ट के प्रतिनिधी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी. जिसमें बताया गया कि 77 लाख के मोबाइल फोन्स डिलीवरी के लिए भेजे गए थे लेकिन वह मिल नहीं रहे है, वह न ही ग्राहकों तक भेजे गए हैं. इसके बाद पूरे मामले पर पुलिस ने कई टीमें बनाकर जांच तेज की गई. जिसमें खुलासा हुआ कि बड़ौत ब्रांच के कई कर्मचारियों की मिलीभगत से कारनामे को अंजाम दिया गया था. महंगे फोन को मार्केट में बेचा गया. इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर अलग-अलग जगहों से महंगे फोन जब्त किए. जिसमें एपल-सैमसंग के साथ वन प्लस के 42 महंगे फोन जब्त किए गए हैं. साथ ही साजिश में शामिल तीन मुख्य लोगों को अरेस्ट किया जा रहा है. 

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बागपत से विनीत कौशिक की रिपोर्ट

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