स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026: सबसे साफ लखनऊ की हवा, इंदौर को पछाड़कर हासिल किया पहला मुकाम, जानें अन्य शहरों का हाल
इंदौर पिछली बार इस कैटेगरी में टॉप पर था. इसके साथ ही स्वच्छ शहरों में भी इंदौर का नाम सबसे ऊपर आता है, लेकिन इस बार स्वच्छ हवा के मामले में लखनऊ ने उसे पछाड़ दिया.
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UP की राजधानी लखनऊ ने हवा को साफ सुथरी बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है. इसी का नतीजा है कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में लखनऊ ने पहला मुकाम हासिल किया है. लखनऊ ने देशभर में 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में से पहला स्थान हासिल कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है.
इस उपलब्धि के बाद हवा की गुणवत्ता सुधारने और प्रदूषण रोकने के मामले में लखनऊ ने देश के बड़े शहरों को पछाड़ दिया. लखनऊ ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है. जो ग्लोबल वॉर्मिगं के लिहाज से भी बेहद अहम हो जाता है.
इंदौर को पीछे छोड़ा
दरअसल, केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने स्वच्छ वायु सर्वे करवाया था. जिसमें नवाबों के शहर ने इंदौर को भी पीछे छोड़ दिया. इंदौर पिछली बार इस कैटेगरी में टॉप पर था. इसके साथ ही स्वच्छ शहरों में भी इंदौर का नाम सबसे ऊपर आता है, लेकिन इस बार स्वच्छ हवा के मामले में लखनऊ ने उसे पछाड़ दिया.
लखनऊ में इस कॉलोनी की हवा सबसे साफ
लखनऊ शहर की पेपर मिल कॉलोनी वार्ड भी साफ हवा के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर अव्वल रहा. ये वार्ड 30 हजार से ज्यादा आबादी वाले वार्डों की श्रेणी में टॉप पर रहा. मंत्रालय ने इस उपलब्धि पर पेपर मिल कॉलोनी को 50 लाख रुपये का पुरस्कार भी दिया है.
लखनऊ ने कैसे पाया ये मुकाम
साल 2024-25 के सर्वे में लखनऊ ने 15वां स्थान हासिल किया था. लेकिन एक ही साल में वह पहले स्थान पर आ गया. इसकी वजह नगर निगम की अथक कोशिशें हैं. वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कई लेयर्स में काम किया. इसमें घर-घर कूड़ा उठाने के अभियान से लेकर इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने, पानी के छिड़काव समेत कई कारगर तरीके अपनाए.
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वहीं, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में नोएडा ने नोएडा को 8वां स्थान मिला है. इसमें सड़क सफाई, धूल नियंत्रण, जल छिड़काव, एंटी-स्मॉग गन के इस्तेमाल, हरित क्षेत्र के विस्तार, स्वच्छ परिवहन और जनभागीदारी से जुड़े कार्यों को और गति दी गई थी. वहीं, इस कैटेगरी में एमपी का जबलपुर शहर तीसरे स्थान पर रहा.