ईरान से जारी तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप का ताबड़तोड़ एक्शन, आर्मी के बाद अब नेवी चीफ जॉन फेलन बर्खास्त, जानें पूरा मामला
होर्मुज तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा फैसला लेते हुए नेवी चीफ जॉन फेलन को हटा दिया. पेंटागन ने पुष्टि करते हुए कहा कि फेलन तत्काल प्रभाव से पद छोड़ रहे हैं.
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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर जारी हालात के बीच अमेरिका में सैन्य नेतृत्व में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार अपना सख्त रूप अख़्तियार किए हुए हैं. ऐसे में पहले आर्मी शेफ़ को हटाने के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति ने नेवी चीफ जॉन फेलन को उनके पद से हटा दिया है. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पहले ही आर्मी नेतृत्व में बदलाव किया जा चुका है और वैश्विक स्तर पर अमेरिका की रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं.
दरअसल, पेंटागन ने बुधवार 23 अप्रैल 2026 को इस फैसले की पुष्टि की. आधिकारिक बयान में कहा गया कि नेवी सेक्रेटरी जॉन सी फेलन तत्काल प्रभाव से अपने पद से हट रहे हैं. पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता सीन पार्नेल ने कहा कि फेलन ने विभाग और अमेरिकी नेवी के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी जाती हैं. बता दें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगातार लिए जा रहे इन फ़ैसलों पर अमेरिका में भी कई तरह की चर्चाएं हो रही है. कोई उनके फैसले को सही बता रहा है तो कोई कह रहा है कि ट्रंप अपनी ज़िद के चलते अमेरिका का नुकसान कर रहे हैं.
हेगसेथ से टकराव बना वजह
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जॉन फेलन को हटाने के पीछे सबसे बड़ी वजह रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और उप रक्षा सचिव स्टीफन फेनबर्ग के साथ उनका लंबे समय से चल रहा विवाद माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि कई महीनों से प्रबंधन शैली, नियुक्तियों और नेवी की योजनाओं को लेकर मतभेद बढ़ते जा रहे थे. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, हालात इतने बिगड़ गए थे कि दोनों पक्षों के बीच तालमेल लगभग खत्म हो चुका था. खासकर नेवी के जहाज निर्माण कार्यक्रम को लेकर लगातार असहमति सामने आ रही थी.
‘गोल्डन फ्लीट’ प्रोजेक्ट बना विवाद की जड़
फेलन और रक्षा मंत्रालय के बीच टकराव का सबसे बड़ा कारण ‘गोल्डन फ्लीट’ प्रोजेक्ट बताया जा रहा है. इस योजना के तहत नए युद्धपोतों और ‘ट्रंप-क्लास’ एयरक्राफ्ट कैरियर के निर्माण पर भारी निवेश की बात थी. फेलन इस प्रोजेक्ट के बड़े समर्थक थे, लेकिन पेंटागन के शीर्ष अधिकारी इसके क्रियान्वयन के तरीके से संतुष्ट नहीं थे. सूत्रों के मुताबिक, उप रक्षा सचिव फेनबर्ग इस प्रोजेक्ट को लेकर लगातार असंतुष्ट थे और उन्होंने इसके कुछ हिस्सों को फेलन से वापस लेना भी शुरू कर दिया था. यही टकराव आखिरकार उनके पद से हटने का कारण बना.
आंतरिक संबंध भी बने समस्या
खबरों में यह भी सामने आया है कि फेलन के अपने डिप्टी अंडर सेक्रेटरी हंग काओ के साथ संबंध भी अच्छे नहीं थे. काओ को रक्षा सचिव हेगसेथ का करीबी माना जाता है. दोनों के बीच कई नीतिगत और सांस्कृतिक मुद्दों पर मतभेद थे, जिसने स्थिति को और जटिल बना दिया. अब फेलन के हटने के बाद काओ के जिम्मेदारी संभालने की संभावना जताई जा रही है. इससे पहले भी नेवी के भीतर बड़े स्तर पर बदलाव किए जा चुके हैं, जिसमें चीफ ऑफ स्टाफ जॉन हैरिसन को भी हटाया गया था.
पहले भी हो चुका है बड़ा एक्शन
गौरतलब है कि यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले करीब 20 दिन पहले ही आर्मी चीफ जनरल रैंडी जॉर्ज को भी उनके पद से हटाया गया था. उनका कार्यकाल अभी बाकी था, लेकिन उन्हें तय समय से पहले ही पद छोड़ना पड़ा. लगातार हो रहे इन फैसलों को अमेरिका की सैन्य रणनीति में बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. खासकर ऐसे समय में जब ईरान के साथ तनाव और होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति वैश्विक चिंता का विषय बनी हुई है.
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बहरहाल, जॉन फेलन को हटाने का फैसला अमेरिका के रक्षा ढांचे में चल रहे अंदरूनी टकराव और रणनीतिक बदलावों को साफ तौर पर दर्शाता है. आने वाले दिनों में इसका असर अमेरिका की सैन्य नीतियों और वैश्विक राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है.
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