सीट के लिए TTE से मिन्नतें नहीं! रेलवे के नए सिस्टम से खुद मिलेगी खाली बर्थ
Railway Rules: यात्री अपने मोबाइल पर ही देख सकगे कि सफर के दोरान किस स्टेशन से किस कोच मे बर्थ खाली हुई है. इससे यात्रियों को बार-बार TTE से पूछताछ करने की जरूरत कम हो सकती है और पूरी प्रक्रिया पहले से ज्यादा पारदर्शी बनाने की कोशिश की जाएगी.
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Indian Railway: भारतीय रेलवे अब ट्रेन में खाली होने वाली बर्थ को लेकर एक नई डिजिटल व्यवस्था शुरू करने की तैयारी में है. अगर सफर के दौरान किसी यात्री के ट्रेन में न चढ़ने से उसकी बर्थ खाली रह जाती है, तो उसे लंबे समय तक खाली रखने के बजाय नियमों के अनुसार RAC या वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियो को देने की प्रक्रिया ऑटोमैटिक ( Automatic) करने की योजना है. सबसे खास बात यह होगी कि यात्री अपने मोबाइल पर ही देख सकगे कि सफर के दोरान किस स्टेशन से किस कोच मे बर्थ खाली हुई है. इससे यात्रियों को बार-बार TTE से पूछताछ करने की जरूरत कम हो सकती है और पूरी प्रक्रिया पहले से ज्यादा पारदर्शी बनाने की कोशिश की जाएगी.
TTE के HHT से तुरंत अपडेट होगी खाली बर्थ की जानकारी
इस व्यवस्था मे TTE के पास मौजूद Hand Held Terminal यानी HHT की भूमिका अहम होगी. जैसे ही किसी स्टेशन पर कोई यात्री ट्रेन में नहीं चढ़ता, TTE उस यात्री की बर्थ को डिवाइस में ‘अनबोर्डेड’ के रूप में अपडेट करेगा. इसके बाद यह जानकारी रेलवे के केंद्रीय सर्वर तक पहुंच जाएगी.. सिस्टम उपलब्ध बर्थ को नियमों के मुताबिक RAC या वेटिंग सूची में मौजूद पात्र यात्री को आवंटित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा..
HHT को रियल-टाइम डेटा सिंक, 4G कनेक्टिविटी और GPS जैसी सुविधाओं से लैस किए जाने की बात कही जा रही है. इसमें TTE की डिजिटल उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक सुविधा और लंबे समय तक चलने वाली बैटरी भी शामिल होगी. इसका मकसद ट्रेन में टिकट जांच और खाली बर्थ के प्रबंधन को ज्यादा व्यवस्थित बनाना है.
शिकायत करनी हो तो 139 और RailMadad App का सहारा
अगर किसी यात्री को लगता है कि खाली बर्थ को अपडेट नहीं किया गया या TTE चेकिंग के लिए नहीं पहुंचे, तो वह RailMadad के जरिए शिकायत कर सकता है. रेलवे की हेल्पलाइन 139 का इस्तेमाल भी सहायता और शिकायत के लिए किया जा सकता है. GPS और डिजिटल रिकॉर्ड की मदद से संबंधित मामले पर कार्रवाई करने की व्यवस्था विकसित की जा रही है..
TTE को मिलेगी स्मार्ट जैकेट और बॉडी कैमरा
इस योजना में TTE की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जा रहा है.. प्रस्तावित स्मार्ट जैकेट में GPS ट्रैकर, HD बॉडी कैमरा और SOS बटन जैसी सुविधाएं होंगी. अगर ट्रेन में किसी यात्री की तबीयत अचानक खराब होती है या कोई सुरक्षा संबंधी आपात स्थिति आती है, तो TTE SOS बटन दबाकर मदद के लिए अलर्ट भेज सकेगा. इससे नजदीकी कंट्रोल रूम और अगले स्टेशन तक सूचना तेजी से पहुंचाने में मदद मिल सकती है.
पहले मुंबई में ट्रायल, फिर देशभर में विस्तार की तैयारी
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बताया गया है कि पहले चरण में मुंबई सेंट्रल डिवीजन की चुनिंदा ट्रेनों में इस तकनीक का ट्रायल किया जाएगा. इसके बाद ट्रायल के नतीजों के आधार पर इसे दूसरे रेलवे जोन में लागू करने की योजना है. रेलवे का मानना है कि डिजिटल सिस्टम से खाली बर्थ के गलत इस्तेमाल क कम करने, टिकट जांच को बेहतर बनाने और यात्रियों की शिकायतों में कमी लाने में मदद मिल सकती है. हालांकि, बताए गए 40%, 80%, 60% और 100% सुधार के आंकड़े अभी अनुमान के तौर पर ही देखे जाने चाहिए, जब तक रेलवे की ओर से इनके आधिकारिक नतीजे जारी न हों