शरीर की गर्मी से बनेगी बिजली! अब खुद ही चार्ज होंगे आपके गैजेट्स
Electric Gadgets: ज्ञानिकों ने एक ऐसा खास मेटीरियल बनाया हैं , जो हमारे शरीर से निकलने वाली गर्मी को पकड़कर उसे बिजली में बदल सकता हैं. यह कोई भारी भरकम मशीन नहीं हैं,बल्कि एक नरम और लचीला जेल हैं , जिसे आसानी से पहना जा सकता हैं.
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Watch Electric Gadgets: अगर आपका शरीर खुद ही बिजली बनाना शुरू कर दें...और आपके छोटे छोटे डिवाइस बिना चार्ज किए चलते रहें. सुनने में थोड़ा अजीब लगता हैं , लेकिन अब ये हकीकत बनने की तरफ बढ़ा रहा हैं. Queensland University ऑफ़ Technology के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा खास मेटीरियल बनाया हैं , जो हमारे शरीर से निकलने वाली गर्मी को पकड़कर उसे बिजली में बदल सकता हैं. यह कोई भारी भरकम मशीन नहीं हैं,बल्कि एक नरम और लचीला जेल हैं ,जिसे आसानी से पहना जा सकता हैं.
कैसे काम करता है ये कमाल का जेल?
हमारा शरीर लगातार गर्मी छोड़ता रहता है. आमतौर पर यह गर्मी हवा में मिलकर खत्म हो जाती है, यानी इसका कोई इस्तेमाल नहीं होता.
लेकिन इस नए जेल के साथ ऐसा नहीं है. यह शरीर और आसपास के तापमान के फर्क को पकड़ता है. जैसे ही यह फर्क बनता है, जेल के अंदर मौजूद छोटे-छोटे आयन (चार्ज्ड कण) हिलने लगते हैं- और यही मूवमेंट बिजली पैदा करता है. जो गर्मी पहले बेकार चली जाती थी, अब वही आपके काम आने लगेगी.
हाइड्रोजेल की खास बात क्या है?
यह मटेरियल असल में एक तरह का हाइड्रोजेल है, मतलब इसमें पानी मौजूद होता है और यह काफी सॉफ्ट और खिंचने वाला होता है.यही वजह है कि इसे पहनना बिल्कुल आरामदायक है. यह आपकी स्किन के साथ आसानी से फिट हो जाता है, बिना किसी परेशानी के. पहले जो थर्मोइलेक्ट्रिक मटेरियल्स इस्तेमाल होते थे, वो सख्त, महंगे और बनाने में मुश्किल होते थे. लेकिन यह नया जेल हल्का, सस्ता और ज्यादा यूज़र-फ्रेंडली है.
कितनी बिजली बना सकता है?
अभी यह तकनीक शुरुआती दौर में है, लेकिन इसके नतीजे काफी उम्मीद जगाने वाले हैं. लैब में जब इसका टेस्ट किया गया, तो सिर्फ 10×10 मिलीमीटर के छोटे से डिवाइस ने करीब 0.46 वोल्ट बिजली पैदा की. अब ये सुनकर लग सकता है कि ये बहुत कम है, लेकिन असल बात यह है कि यह सिर्फ शुरुआत है. जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी बेहतर होगी, वैसे-वैसे इससे ज्यादा बिजली भी बनाई जा सकेगी.
पहनने वाले डिवाइस के लिए गेम चेंजर
इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा वियरेबल डिवाइस में देखने को मिल सकता है.
जैसे-
फिटनेस बैंड
हेल्थ मॉनिटर
स्मार्ट कपड़े
इन सबको बार-बार चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि ये खुद आपके शरीर से ही एनर्जी ले लेंगे.
सिर्फ शरीर तक ही सीमित नहीं
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यह टेक्नोलॉजी सिर्फ इंसानी शरीर तक सीमित नहीं है. फैक्ट्रियों और बड़े इंडस्ट्रियल सेटअप में बहुत सारी गर्मी बेकार चली जाती है. अगर इसी तकनीक का इस्तेमाल वहां किया जाए, तो उस गर्मी को भी बिजली में बदला जा सकता है. इससे न सिर्फ बिजली की बचत होगी, बल्कि ऊर्जा का बेहतर इस्तेमाल भी हो सकेगा.
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