क्या जेल में आरोपियों को मिल रही थी VIP सुविधा? राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर आया आधिकारिक जवाब, जानें जेल अधीक्षक ने क्या कहा
अयोध्या जिला कारागार प्रशासन ने श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपियों को वीआईपी सुविधा दिए जाने की खबरों का खंडन करते हुए उन्हें पूरी तरह तथ्यहीन बताया है.
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अयोध्या में श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में निरुद्ध आरोपियों को जेल में विशेष सुविधाएं (वीआईपी ट्रीटमेंट) दिए जाने संबंधी समाचार-पत्रों और डिजिटल मीडिया में प्रकाशित खबरों का अयोध्या जिला कारागार प्रशासन ने खंडन किया है. जिला कारागार के अधीक्षक मुकेश कुमार ने रविवार को स्पष्ट किया कि इस मामले में कुल आठ आरोपी कारागार में निरुद्ध हैं और उन्हें किसी प्रकार की विशेष सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है.
सीसीटीवी कैमरों से की जा रही निगरानी
जेल अधीक्षक मुकेश कुमार ने बयान जारी करते हुए कहा कि चढ़ावा चोरी के आरोपियों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने संबंधी खबरें पूरी तरह तथ्यहीन हैं. कारागार में सभी बंदियों अथवा आरोपियों के साथ नियमानुसार व्यवहार किया जा रहा है किसी को भी नियमों से हटकर कोई विशेष सुविधा प्रदान नहीं की गई है. जेल प्रशासन ने मीडिया में प्रसारित ऐसी खबरों का औपचारिक रूप से खंडन किया है. सभी आठों आरोपियों को कारागार की हाई सिक्योरिटी बैरक में पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था के बीच रखा गया है. उनकी गतिविधियों पर लगातार सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कड़ी निगरानी की जा रही है. सभी बंदी हर समय कैमरों की जद में रहते हैं आवश्यकता पड़ने पर किसी भी समय सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा सकती है.
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बताते चलें कि जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के सभी आठों आरोपी हाई सिक्योरिटी बैरक में कड़ी निगरानी के बीच रखे गए हैं और उन्हें किसी भी तरह की वीआईपी सुविधा नहीं दी जा रही है. प्रशासन ने मीडिया में प्रसारित ऐसी खबरों को पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन बताते हुए उनका खंडन किया है.