हरिद्वार में मौलाना अरशद मदनी का बड़ा बयान, कहा- जिहाद करना हर मुसलमान का हक
मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि देश प्यार-मोहब्बत से ही चल सकता है, लेकिन आज मस्जिदें और मदरसे गिराए जा रहे हैं. मुसलमानों की मॉब लिंचिंग हो रही है. मुसलमानों ने देश को क्या दिया है और आज देश मुसलमानों को क्या दे रहा है?
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हरिद्वार के कलियर पहुंचे जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने उत्तराखंड प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की. इस दौरान उन्होंने सामाजिक सौहार्द, लोकतांत्रिक व्यवस्था, धार्मिक स्वतंत्रता और राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न मुद्दों पर बड़ी संख्या में मौजूद उलेमा, हाफिज और मुस्लिम समाज के लोगों को संबोधित किया.
'जिहाद करना हर मुसलमान का हक'
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने राज्य कार्यकारिणी की बैठक में कहा, "1803 में जब हमारा देश गुलाम था, तब देश की आजादी के लिए जिहाद का संदेश दिया गया था. देश को आजाद कराने, यानी गुलामी की जंजीरों को गले से निकालने के लिए जिहाद करना हर मुसलमान का फर्ज है. ये बात मरदसे से निकली हुई है और जो ये नहीं जानता है, वह जाहिल है."
संबोधन के दौरान मौलाना अरशद मदनी ने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी. उन्होंने आजादी में मुसलमानों और मस्जिदों की अहमियत बताते हुए कहा कि आज के समय में सरकार इन्हीं मस्जिदों को तोड़ रही है. आजादी के बाद सरकार में बैठे लोगों ने मुसलमानों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया. सभी सरकारों ने दंगे-फसाद में उलझाए रखा, लेकिन आज के समय में सरकार सिर्फ मुसलमानों के विरोध में नहीं, बल्कि इस्लाम की भी विरोधी है. हमारी मजहबी जगहों को बुलडोजर से गिराया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि देश की आजादी और देश को आगे बढ़ाने में मुसलमानों का बड़ा योगदान रहा है.
“आज मस्जिदें और मदरसे गिराए जा रहे हैं”
मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि देश प्यार-मोहब्बत से ही चल सकता है, लेकिन आज मस्जिदें और मदरसे गिराए जा रहे हैं. मुसलमानों की मॉब लिंचिंग हो रही है. मुसलमानों ने देश को क्या दिया है और आज देश मुसलमानों को क्या दे रहा है? प्यार और मोहब्बत के बिना देश नहीं चल सकता. मैं सभी से कहता हूं कि अगर मुल्क से मोहब्बत है तो नफरत की सियासत छोड़कर प्यार की सियासत को जिंदा रखो.
उन्होंने मुसलमानों से कहा कि हर किसी के साथ प्यार और मोहब्बत से रहो, तभी आप देश के प्रति वफादार हो. अगर ऐसा नहीं करते तो आप देश के प्रति वफादार नहीं हो. उन्होंने कहा कि बंगाल में बाढ़ आई तो उलेमा-ए-हिंद ने हिंदू और मुसलमान दोनों को खाना खिलाया. आज उसी मुसलमान का घर गिराया जा रहा है और मदरसों को खत्म किया जा रहा है.
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दिल्ली में आगजनी की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुसलमानों ने अपनी दुकानों से सामान निकालकर रख दिया और सबकी जान बचाई. किसी का धर्म नहीं पूछा, सबकी जान बचाई. क्या ये देश के गद्दार हैं?