खड़गे परिवार पर जमीन घोटाले का बड़ा आरोप! BJP ने खोली 100 करोड़ की जमीन आवंटन की फाइल
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके बेटे प्रियांक खड़गे पर सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट के जरिए कर्नाटक में जमीन हड़पने और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं. भंडारी का दावा है कि खड़गे परिवार ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर कई जमीन सौदों में अनियमितताएं की हैं.
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बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके बेटे व कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खड़गे पर सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट के जरिए कर्नाटक में जमीन की लूट और भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया है. प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि यह एक-दो मामले नहीं बल्कि कई मामले हैं जिनमें खड़गे परिवार ने कथित तौर पर गरीबों की जमीन हड़पी है.
बीजेपी कार्यालय में प्रेस वार्ता में लगाए आरोप
बीजेपी कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पार्टी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके बेटे एक ट्रस्ट के जरिए कर्नाटक में जमीन हड़पने और भ्रष्टाचार में शामिल हैं.इस ट्रस्ट का नाम सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट है. इस ट्रस्ट में मल्लिकार्जुन खड़गे, उनके बेटे प्रियांक खड़गे, उनके दामाद और उनकी पत्नी शामिल हैं. भंडारी ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित भ्रष्टाचार के एक नहीं बल्कि कई मामले रखूंगा, जिनसे पता चलेगा कि कैसे मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस ट्रस्ट के जरिए जमीन के अलग-अलग टुकड़ों पर कब्जा किया और अपनी ताकत और रसूख का इस्तेमाल करके गरीबों की जमीन हड़पी और कई जगहों पर जमीन लूटने की कोशिश की.
100 करोड़ की जमीन आवंटन पर उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि जमीन हड़पने का जो पहला मामला रखना चाहता हूं, वह सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट का है. इसे 2024 में केआईएडी (कर्नाटक इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट बोर्ड) ने मंजूरी दी थी, जब कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार थी. इसका मकसद एयरोस्पेस और डिफेंस के क्षेत्र में रिसर्च और डेवलपमेंट करना बताया गया था. पांच एकड़ के इस प्लॉट की मार्केट वैल्यू अब 100 करोड़ रुपए है. इसे किसी इंडस्ट्रियल या एयरोस्पेस ट्रस्ट को दिया जाना चाहिए था. इसके बजाय इसे कांग्रेस अध्यक्ष के मालिकाना हक वाले एक प्राइवेट ट्रस्ट को दे दिया गया और इस ट्रस्ट ने कोई रिसर्च और डेवलपमेंट का काम नहीं किया.
गांधी-वाड्रा परिवार से की तुलना
बीजेपी प्रवक्ता भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी और पूरे गांधी-वाड्रा परिवार (जिसमें उनके जीजा रॉबर्ट वाड्रा भी शामिल हैं) पर अलग-अलग इलाकों में जमीन हड़पने के ऐसे ही आरोप और मामले चल रहे हैं. मल्लिकार्जुन खड़गे ने सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट के जरिए वही तरीका अपनाया जो गांधी-वाड्रा परिवार ने अपनाया था. यह 'प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट' की धारा 131ए और 131बी के तहत एक अपराध है. बीजेपी प्रवक्ता ने पूछा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को बताना चाहिए कि उनके पास जो ट्रस्ट हैं, उसने ऐसा कौन सा काम किया कि एयरोस्पेस और डिफेंस रिसर्च जमीन आपके प्राइवेट ट्रस्ट को दे दी गई.
19 एकड़ सरकारी जमीन को लेकर भी उठाए सवाल
भंडारी ने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने 19 एकड़ जमीन खड़गे के प्राइवेट ट्रस्ट को दे दी। इसका मतलब है कि 19 एकड़ सरकारी जमीन एक ऐसे ट्रस्ट की प्राइवेट जमीन बन गई, जिसके सदस्यों में मल्लिकार्जुन खड़गे समेत उनके परिवार के लोग शामिल हैं. तो क्या मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुलबर्गा में ये 19 एकड़ जमीन हथियाने के लिए अपनी ताकत और रसूख का इस्तेमाल किया. कांग्रेस पार्टी को जवाब देना चाहिए कि लैंड का पैसा क्यों लूटा. खड़गे पर जमीन लूटने का भ्रष्टाचार का आरोप लग रहा है सामने आकर जवाब देना चाहिए.
फर्जी विक्रेता खड़ा करने का भी आरोप
उन्होंने एक दूसरे मामले का जिक्र करते हुए कहा कि यह सिर्फ दूसरा मामला नहीं है.। मैं आपके सामने एक और मामला रखना चाहता हूं. सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट ने बहुत अजीब काम किया. उन्होंने एक फर्जी विक्रेता खड़ा किया. ट्रस्ट जमीन ट्रांसफर करना चाहता था, और वह हमेशा के लिए गुलबर्गा में मल्लिकार्जुन खड़गे के प्राइवेट ट्रस्ट के पास चली गई। अभी तक किसी को नहीं पता कि यह विक्रेता कौन है. तो, भ्रष्टाचार के तीसरे तरीके के तौर पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक फर्जी विक्रेता खड़ा किया.
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(INPUT-IANS)