कांग्रेस शासित तेलंगाना में ट्रंप के नाम पर सड़क, रेवंत रेड्डी सरकार ने 'डोनाल्ड ट्रंप एवेन्यू' का किया अनावरण, मचा बवाल
तेलंगाना में कांग्रेस की रेवंत रेड्डी सरकार ने हैदराबाद में 'डोनाल्ड ट्रंप एवेन्यू' का अनावरण कर दिया है. साइबरबाद में US काउंसलेट के पास सड़क का नाम ट्रंप के नाम पर रखा गया है. ये वही कांग्रेस है, जो जिसका विरोध करती है, उसके ही मुख्यमंत्री उसके उलट काम करते हैं, जैसे अडानी से निवेश लेना, ट्रंप के नाम पर सड़क का नामकरण.
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भारत में भी आखिरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड डोनाल्ड ट्रंप को भी सड़क पर पैर रखने की जगह मिल ही गई. दरअसल कांग्रेस शासित तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद शहर में ट्रंप के नाम पर एक सड़क का नाम रखा गया है. ये रोड 'डोनाल्ड ट्रंप एवेन्यू' के नाम से जानी जाएगी. आपको बता दें कि अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का ने बीते दिन अमेरिकी वाणिज्य दूतावास से सटी एक सड़क का नाम बदलकर 'डोनाल्ड ट्रंप एवेन्यू' रखने वाली एक औपचारिक पट्टिका का अनावरण किया.
तेलंगाना सरकार ट्रंप के नाम पर रखा सड़क का नाम
औपचारिक तौर पर तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद शहर की एक सड़क का नाम अमेरिका के 45वें और 47वें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर रखने का फैसला किया था. ये सड़क नानकरामगुडा में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (US Consulate General) की इमारत से सटी है, जिसे अभ आधिकारिक तौर पर 'डोनाल्ड ट्रंप एवेन्यू' कर दिया गया है.
नामी कंपिनियों के नाम पर भी स्ट्रीट करने का प्रस्ताव
सिर्फ डोनाल्ड ट्रंप ही नहीं नामी गिरामी कंपनियों के नाम पर भी सड़क को रखने का प्रस्ताव है. इस लिहाज से मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने दिल्ली में US-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) के सालाना सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था हैदराबाद की अहम सड़कों के नाम बड़ी ग्लोबल कंपनियों के नाम पर रखा जाना चाहिए. इतना ही नहीं Google Maps और पूरी कंपनी के ग्लोबल असर और योगदान को देखते हुए, एक अहम सड़क का नाम 'Google Street' रखने का फैसला किया गया है.
ये नाम हैदराबाद के फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट में बनने वाले Google के नए कैंपस के पास की सड़क को यह नाम दिया जाएगा; यह कैंपस US के बाहर Google का सबसे बड़ा कैंपस होगा. ये प्रस्ताव तेलंगाना सरकार की उस पहल का हिस्सा हैं, जिसका मकसद राज्य को इनोवेशन-आधारित भारत के प्रतीक के तौर पर स्थापित करना है.
'यह कूटनीति नहीं, राजनीतिक चापलूसी'
आपको बता दें कि सीएम रेड्डी के डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर सड़क का नामकरण करने के प्रस्ताव का तेलंगाना जागृति की संस्थापक और अध्यक्ष कलवकुंतला कविता ने तीखी आलोचना की थी. कविता ने एक्स पर लिखा था कि, "तेलंगाना में कई ऐसी महान हस्तियां हैं, जिन्होंने असल में इस राज्य को बनाया है, फिर भी मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी एक सड़क का नाम 'डोनाल्ड ट्रंप एवेन्यू' रखना चाहते हैं. आखिर डोनाल्ड ट्रंप ने तेलंगाना के लिए क्या किया है? असल में अमेरिका में रहने वाले देश के लाखों छात्र और प्रवासी उनकी अनिश्चित वीजा नीतियों के कारण हमेशा डरे रहते हैं."
कविता ने आगे कहा था कि कहा कि कोई भी कंपनी बोर्ड या सड़क का नाम देखकर हैदराबाद में निवेश नहीं करेगी. उन्होंने कहा, "किसी बड़ी सड़क का नाम ट्रंप के नाम पर रखना हमारे अपने लोगों का अपमान है. इसके अलावा, ग्लोबल कंपनियां हैदराबाद में टैलेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर और मुनाफे के लिए निवेश करेंगी न कि सड़क के साइनबोर्ड पर की गई राजनीतिक चापलूसी की वजह से. अगर इससे कुछ हासिल हो सकता है, तो वह है आपके परिवार के सदस्यों के लिए वीजा मंजूरी. यह कूटनीति नहीं है बल्कि यह अपनी पहचान और आत्मसम्मान की कीमत पर सस्ती अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरने की कोशिश है."
गौरतलब है कि तेलंगाना में रेवंत रेड्डी सरकार हैदराबाद में 'डोनाल्ड ट्रम्प एवेन्यू' का अनावरण कर दिया है. साइबरबाद में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास इस प्रमुख सड़क का नाम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नाम पर रखने का प्रस्ताव पहले रखा गया था. इससे पहले दिसंबर 2025 में रेवंत रेड्डी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के नाम पर सड़क का नामकरण करने का प्रस्ताव रखा था.
तेलंगाना जागृति की संस्थापक ने एक दिन पहले बुधवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि अगर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी में जरा भी ईमानदारी है, तो उन्हें तुरंत तुममिडी हट्टी में काम शुरू कर देना चाहिए. 148 मीटर के समझौते के अनुसार काम शुरू किया जाना चाहिए. वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का बहाना सिर्फ इसलिए बना रहे हैं, क्योंकि उनकी तुममिडी हट्टी बनाने की कोई मंशा नहीं है.
Attended the Freedom 250 celebrations at the US Consulate in Hyderabad.
The Telangana and US relationship is a deep cultural bond with Telugu being the fastest growing language in America.
Give Hyderabad a development center and receive global CEOs in return.
The partnership… pic.twitter.com/5Z9DCdWqjH— Bhatti Vikramarka Mallu (@Bhatti_Mallu) June 23, 2026Advertisement
छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम ने भी की थी आलोचना
वहीं छत्तीसगढ़ के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीएस सिंह देव ने इस संबंध में कहा था कि उनकी व्यक्तिगत राय में किसी जीवित व्यक्ति के नाम पर सार्वजनिक स्थानों का नाम रखना उचित नहीं है. मुझे ट्रंप के नाम पर सड़क का नाम रखने का कोई औचित्य समझ नहीं आता. सिद्धांत रूप में, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का नाम जीवित व्यक्तियों के नाम पर नहीं रखा जाना चाहिए.
गूगल स्ट्रीट भी रखने का प्रस्ताव
इसके साथ ही राज्य सरकार ने अन्य प्रमुख नामकरण योजनाओं की भी घोषणा की है. प्रस्तावित रीजनल रिंग रोड (आरआरआर) को जोड़ने वाली एक नई संपर्क सड़क का नाम दिवंगत उद्योगपति रतन टाटा के सम्मान में रखने का निर्णय लिया गया है. वहीं, तकनीकी क्षेत्र की वैश्विक कंपनी गूगल और उसकी सेवाओं के योगदान को मान्यता देते हुए एक प्रमुख मार्ग का नाम ‘गूगल स्ट्रीट’ रखने की भी योजना है.
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राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि यह पहल तेलंगाना को नवाचार और वैश्विक पहचान के केंद्र के रूप में स्थापित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है. सरकार का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हस्तियों और कंपनियों के योगदान को प्रतीकात्मक रूप से सम्मानित करना है.