असम की बसों में अब ITMS, GPS ट्रैकिंग से SOS बटन तक मिलेंगी स्मार्ट सुविधाएं
मुख्यमंत्री के अनुसार, ये इमरजेंसी सिस्टम सीधे कंट्रोल सेंटर से जुड़े होंगे. इनका मकसद इमरजेंसी रिस्पॉन्स को मजबूत करना और सुरक्षा को बेहतर बनाना है. अपग्रेड किया गया सिस्टम ऑटोमेटेड टिकटिंग और ई-पेमेंट को भी सपोर्ट करेगा, जिससे पारंपरिक टिकटिंग प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम होगी और रोजमर्रा के पब्लिक ट्रांसपोर्ट में डिजिटल पेमेंट की सुविधा आएगी.
Follow Us:
असम अपने सार्वजनिक परिवहन तंत्र को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है. यात्री सुरक्षा, परिचालन दक्षता और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से असम राज्य परिवहन निगम (एएसटीसी) की बसों में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) लगाया जाएगा.
स्मार्ट शेड्यूलिंग से कम हो सकता है यात्रियों का इंतजार
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा कि नए सिस्टम को अपनाकर राज्य की बसों को न सिर्फ स्मार्ट, बल्कि बहुत ज्यादा सुरक्षित बनाया जा रहा है.
इस पहल के तहत एएसटीसी बसों को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा, जिससे बसों की रियल-टाइम निगरानी, संचालन प्रबंधन और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी.
बसों में लगेंगे इमरजेंसी SOS और पैनिक बटन
इस सिस्टम को स्मार्ट शेड्यूलिंग में मदद करने के लिए भी डिजाइन किया गया है, जिससे यात्रियों के इंतजार का समय कम हो सकता है और फ्लीट मैनेजमेंट (बस बेड़े का प्रबंधन) बेहतर हो सकता है. इस पहल का एक अहम हिस्सा बसों के अंदर इमरजेंसी पैनिक/एसओएस बटन लगाना है.
डिजिटल टिकटिंग और ई-पेमेंट की सुविधा
मुख्यमंत्री के अनुसार, ये इमरजेंसी सिस्टम सीधे कंट्रोल सेंटर से जुड़े होंगे. इनका मकसद इमरजेंसी रिस्पॉन्स को मजबूत करना और सुरक्षा को बेहतर बनाना है. अपग्रेड किया गया सिस्टम ऑटोमेटेड टिकटिंग और ई-पेमेंट को भी सपोर्ट करेगा, जिससे पारंपरिक टिकटिंग प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम होगी और रोजमर्रा के पब्लिक ट्रांसपोर्ट में डिजिटल पेमेंट की सुविधा आएगी.
सरकार का कहना है कि टेक्नोलॉजी पर आधारित इस बदलाव का मकसद राज्य परिवहन निगम के कामकाज को ज्यादा तेजी से काम करने वाला और कुशल बनाना है. साथ ही यात्रियों के लिए सुरक्षा का माहौल बेहतर करना है.
GPS ट्रैकिंग से फ्लीट पर रहेगी नजर
आईटीएमएस की शुरुआत ऐसे समय में हो रही है, जब असम पब्लिक सर्विस और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ा रहा है.
रियल टाइम मॉनिटरिंग से अधिकारियों को बसों के बेड़े की आवाजाही पर नजर रखने, कामकाज में देरी का पता लगाने और सड़क पर होने वाली घटनाओं पर ज्यादा असरदार तरीके से कार्रवाई करने में भी मदद मिल सकती है. यह पहल ऐसे राज्य में खास तौर पर अहम साबित हो सकती है जहां पब्लिक बसें शहरी केंद्रों को छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों से जोड़ने वाला ट्रांसपोर्ट का एक अहम जरिया बनी हुई हैं.
यह भी पढ़ें
जीपीएस-इनेबल्ड ट्रैकिंग, डिजिटल टिकटिंग, इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम और स्मार्ट शेड्यूलिंग को बसों के बेड़े में शामिल करके, असम सरकार आईटीएमएस को असम राज्य परिवहन निगम के आधुनिकीकरण में एक नए चरण के तौर पर पेश कर रही है.