अखिलेश यादव के जलभराव वाले पोस्ट पर वाराणसी के महापौर का पलटवार, कहा- काशी को बदनाम करने की साजिश
महापौर अशोक तिवारी ने वाराणसी की कई जगहों पर सीवर में बोरी और मलबा मिलने को बड़ी साजिश बताया. उन्होंने सख्त लहजे में कहा, CCTV से जिम्मेदारों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी.
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काशी में जलभराव और गलियों के जलमग्न होने को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद सियासत तेज हो गई है. अखिलेश यादव के ट्वीट में काशी में जलभराव की स्थिति को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद महापौर अशोक तिवारी ने पलटवार किया है.
उन्होंने सोशल मीडिया पर जलभराव को लेकर चलाए जा रहे अभियान की परिस्थितियों की जांच कराए जाने की बात कही. उन्होंने अखिलेश यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनको बनारस के बारे में कम जानकारी है या उनका सूचना तंत्र काफी कमजोर है. बिना सही जानकारी के उनको सोशल मीडिया पर वीडियो साझा नहीं करना चाहिए.
सीवर पाइपलाइन में बोरी मिलने से जुड़ा मामला
अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए महापौर ने कहा कि उन्हें इस तरह के छोटे राजनीतिक मामलों से बचना चाहिए। ऐसा तरीका नहीं अपनाया जाना चाहिए जिससे काशी की बदनामी हो. यह काशी की जनता का अपमान है. सीवर पाइपलाइन में बोरी मिलने के मामले में जलकल विभाग भेलूपुर थाने में केस दर्ज करवाया जा चुका है.
महापौर अशोक तिवारी ने कहा कि पिछले करीब एक सप्ताह से सोशल मीडिया पर काशी में जलजमाव, गलियों के जलमग्न होने और कई वार्डों में समस्याओं को लेकर लगातार सोशल मीडिया पर ट्रेंड या अभियान चलाया जा रहा था. सोशल मीडिया पर जहां-जहां शिकायतें और वीडियो सामने आए, वहां अधिकारियों को भेजकर मौके की जांच कराई गई.
सीवर को बाधित करने वालों पर होगा एक्शन
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान कई स्थानों पर सीवर को कूड़े-करकट और अन्य सामग्री से ढके जाने की बात सामने आई. कुछ स्थानों पर सीवर में बोरी भरकर डाली गई थी, जबकि कहीं प्लाई डालकर सीवर को ढक दिया गया था.
महापौर ने नवेद कॉम्प्लेक्स का भी उल्लेख किया. उन्होंने इसे अवैध बिल्डिंग बताते हुए कहा कि इसके नीचे से बड़ा नाला गुजरता है और उसके ऊपर निर्माण किया गया है. उनका कहना है कि नालों और सीवर की स्थिति की जांच कराई जा रही है, ताकि जलभराव के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके. CCTV के इस दौर में यह पता लगाया जा सकता है कि सीवर में बोरी कब डाली गई? किसने डाली गई और इसके पीछे क्या वजह थी? उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने जांच के दौरान सीवर में बोरे डाले जाने और नाले में मलबा भरे होने की बात भी देखी है.
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हालांकि, महापौर ने साफ किया कि इन गतिविधियों के लिए कौन जिम्मेदार है, इसका निर्णय जांच पूरी होने के बाद ही होगा. उन्होंने कहा, जलभराव को लेकर कोई समस्या है तो उसका समाधान कराने के लिए नगर निगम और जलकल लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन अगर जानबूझकर सीवर और नालों को बाधित किया गया है तो यह नगर निगम, जलकल और काशी की जनता की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली बात है.