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बंगाल में बंद होंगे 200 से ज्यादा मदरसे! सुवेंदु सरकार ने भेजा नोटिस, सर्वे के बाद एक्शन

सरकार ने बंगाल के करीब 252 खारिजी मदरसों को बंद करने के लिए नोटिस भी जारी कर दिया है. जबकि 100 मदरसों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

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13 Sep 2026
( Updated: 13 Sep 2026
12:31 PM )
बंगाल में बंद होंगे 200 से ज्यादा मदरसे! सुवेंदु सरकार ने भेजा नोटिस, सर्वे के बाद एक्शन
Image Source- IANS
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पश्चिम बंगाल (West Bengal) की सुवेंदु सरकार अवैध गतिविधियों पर लगातार एक्शन मोड में है. इसी कड़ी में अब राज्य में 200 से ज्यादा ऐसे मदरसे बंद किए जाएंगे जो खारिजी हैं. यानी जिन्हें मान्यता नहीं मिली है. ये मदरसे कई साल से चल रहे हैं. 

सरकार ने बंगाल के करीब 252 मदरसों को बंद करने के लिए नोटिस भी जारी कर दिया है. जबकि 100 मदरसों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. बीते दिनों बंगाल सरकार ने मदरसों को लेकर एक सर्वे करवाया था. जिसमें मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता प्राप्त मदरसों को चिन्हित किया गया था. 

पश्चिम बंगाल में कितने खारिजी मदरसे हैं?

सुवेंदु सरकार के सर्वे में मदरसों की जांच पड़ताल की गई थी. जांच में सामने आया कि बंगाल में करीब 2396 खारिजी मदरसे हैं. सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 252 मदरसों को बंद करने का फैसला किया है. 

'खारिजी' शब्द का अर्थ बाहरी से है. खारिजी मदरसे से मतलब उन मदरसों से है जो गैर मान्यता प्राप्त और स्वतंत्र इस्लामी शिक्षण संस्थान होते हैं. यह मदरसा शिक्षा बोर्ड या सरकार से संबंधित भी नहीं होते. इन्हें 'कौमी' या 'निजामिया' मदरसा भी कहा जाता है. 

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22 जिलों में किया गया था सर्वे 

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निर्देश पर पश्चिम बंगाल के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग ने 22 जिलों में यह सर्वे किया था. जिसमें गैर मान्यता प्राप्त मदरसों, मदरसों के मैनेजमेंट, छात्रों के एडमिशन रिकॉर्ड और प्रक्रिया, फंडिंग और उसके स्त्रोत और रजिस्ट्रेशन जैसे पॉइंट्स को जांच के पटल पर रखा गया था. 

एयरपोर्ट की मस्जिद को भी शिफ्ट करने के आदेश

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इससे पहले बंगाल सरकार ने कोलकाता में नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट इलाके से बांकरा मस्जिद को दूसरी जगह ले जाने के आदेश दिए थे. मस्जिद को शिफ्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई. सरकार ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा मुद्दा बताया था. सरकार के इस फैसले का कुछ मौलवियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध भी किया था. हालांकि सरकार अपने रुख पर कायम है और एयरपोर्ट की मस्जिद परक नमाज को भी बैन कर दिया.

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