चमोली टनल हादसा: CM धामी ने लिया घटनास्थल का जायजा, हादसे में 7 लोगों की मौत
सीएम धामी टनल हादसे में घायल हुए लोगों से भी मिलेंगे. इसके बाद वह गोपेश्वर जिला अस्पताल जाकर भर्ती घायलों की कुशलक्षेम पूछेंगे और उपचार व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे.
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उत्तराखंड के चमोली जिले में पीपलकोटी में निर्माणाधीन रेलवे टनल में गुरुवार शाम अचानक पानी और मलबा घुस जाने से बड़ा हादसा हो गया. इस हादसे में अब 7 लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हुए हैं.
चमोली में निर्माणाधीन रेलवे टनल पर हुआ हादसा
जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में अब तक 14 घायलों को भर्ती कराया गया है. इनमें सुनील दीवान, हाबिल गुडिया, निस्तर भिगंरा, विनोद रावना, दीना बेगरा, खेला राम बिसरा, छबेग सिंह, तिलक राज, चन्दन कुमार, अवधेश, नन्दलाल, रोहित पाण्डे, पेन सिंह और गोविंद शामिल हैं.
मुख्यमंत्री धामी ने किया हादसा स्थल का निरीक्षण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया. मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान की प्रगति की जानकारी ली तथा अधिकारियों एवं बचाव दलों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की.
मुख्यमंत्री ने टनल के अंदर जाकर बचाव एवं राहत कार्यों का जायजा लिया और रेस्क्यू अभियान में जुटी टीमों से मौके पर आवश्यक जानकारी ली. टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टीआरटी टनल की लंबाई लगभग 3 किलोमीटर है. टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा एवं पानी आने की स्थिति उत्पन्न हुई.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी उपलब्ध संसाधनों एवं तकनीकी विशेषज्ञता का प्रभावी उपयोग किया जाए. उन्होंने बचाव कार्य में जुटी एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस सहित सभी टीमों के साथ समन्वय बनाए रखने तथा टनल में फंसे शेष 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए.
दोपहर 12:30 बजे मुख्यमंत्री धामी हरिद्वार पहुंचेंगे. वहां वह प्रेमनगर आश्रम में आयोजित 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' कार्यक्रम में शामिल होंगे.
बचाव कार्य जारी
स्थानीय विधायक लखपत बुटोला ने इस घटना को बेहद दुखद बताया. उन्होंने कहा, "यह एक गहरा दुखद हादसा है. प्रशासन की पूरी टीम और मेरे सभी साथी मौके पर पहुंच चुके हैं. हमारी प्राथमिकता बचाव कार्य में लगे लोगों को हर संभव सहयोग देना है."
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि गुरुवार शाम 6.30 बजे के आसपास निर्माण कार्य के दौरान बड़ी मात्रा में पानी और मलबा टनल के अंदर चला गया था.
मुख्यमंत्री ने दिए राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेस्क्यू अभियान के साथ-साथ घायलों के उपचार, परिजनों की सहायता एवं घटनास्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी न हो. उन्होंने बचाव दलों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए अभियान को पूरी गंभीरता एवं सावधानी के साथ संचालित करने के निर्देश दिए.
अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 6.30 बजे जब टनल में काम चल रहा था तभी पानी और मलबे का तेज बहाव भीतर घुस गया. इस दौरान 20 से 25 मजदूर टनल के अंदर फंस गए.
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राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है. भारतीय सेना की एचएआरडी (मानवीय सहायता और आपदा राहत) और मेडिकल टीमें जोशीमठ से मौके पर पहुंच गई हैं. उनके साथ आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें भी राहत कार्य में जुटी हैं.