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योगी सरकार के निवेश, निर्यात और ‘ब्रांड यूपी’ को वैश्विक बाजार से जोड़ने का अहम मंच बनकर उभरा IEML

इंडिया एक्सपो मार्ट ने आगे भी अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रदर्शनी कारोबार के विस्तार की योजनाएं सामने रखी हैं. हॉल संख्या 4 व 6 के नवीनीकरण तथा हॉल संख्या 18 के विकास जैसी योजनाएं इसकी क्षमता को और बढ़ाने की दिशा में हैं.

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29 Sep 2026
( Updated: 29 Sep 2026
06:57 PM )
योगी सरकार के निवेश, निर्यात और ‘ब्रांड यूपी’ को वैश्विक बाजार से जोड़ने का अहम मंच बनकर उभरा IEML
Image Credit: UPID
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ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट (आईईएमएल) में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के चौथे संस्करण का मंगलवार शाम समापन हो गया. वर्ष 2023 में शुरू हुआ यह आयोजन अब उत्तर प्रदेश के उद्योग, उद्यमिता, निर्यात और वैश्विक कारोबार को एक मंच पर लाने वाले प्रमुख व्यापारिक आयोजनों में अपनी पहचान बना चुका है. वर्ष 2003 में स्थापित इंडिया एक्सपो मार्ट पिछले चार वर्षों में यूपी के उत्पादों और उद्यमियों को देश-दुनिया के खरीदारों, निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों से जोड़ने का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है.

उत्तर प्रदेश की बदलती आर्थिक तस्वीर के बीच इंडिया एक्सपो मार्ट अब केवल प्रदर्शनी स्थल नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रेड प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित हुआ है. प्रदेश में निवेश, निर्यात और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए विकसित एक्सप्रेसवे, एयर कनेक्टिविटी, औद्योगिक पार्क, लॉजिस्टिक्स और आधुनिक ट्रेड इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ ऐसे प्लेटफॉर्म उत्तर प्रदेश के उत्पादों और उद्यमियों को वैश्विक आपूर्ति शृंखला से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

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2003 में रखी नींव, 2026 में बना वैश्विक व्यापार का बड़ा मंच
इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड का गठन 12 अप्रैल 2001 को हुआ. वर्ष 2003 में ग्रेटर नोएडा स्थित परिसर की आधारशिला रखी गई और 2006 में इसका उद्घाटन हुआ. शुरुआत में स्थायी मार्ट और प्रदर्शनी अवसंरचना के माध्यम से भारतीय निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंच उपलब्ध कराने का उद्देश्य रखा गया. समय के साथ यहां स्थायी शो-रूम, बड़े प्रदर्शनी हॉल, बिजनेस मीटिंग स्पेस, हॉस्पिटैलिटी और आयोजन संबंधी सुविधाएं विकसित होती गईं. आज यह परिसर विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और कारोबार के नए अवसर तलाशने का मंच उपलब्ध कराता है.

योगी सरकार के ‘ब्रांड यूपी’ को वैश्विक मंच
उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले वर्षों में ओडीओपी, निर्यात प्रोत्साहन, एमएसएमई, स्टार्टअप, निवेश और रोजगार को आर्थिक विकास के प्रमुख आधारों के रूप में आगे बढ़ाया है. इस पूरी रणनीति में ऐसे ट्रेड प्लेटफॉर्म की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है, जहां यूपी के उत्पाद सीधे देश-दुनिया के खरीदारों तक पहुंच सकें. इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई. इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित यह आयोजन प्रदेश के उद्यमियों, निर्यातकों, कारीगरों और उत्पादकों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का बड़ा माध्यम बन गया है. इसके जरिए उत्तर प्रदेश के ओडीओपी, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि उत्पादों, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है.

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यूपीआईटीएस ने बढ़ाया ग्लोबल कनेक्ट
वर्ष 2025 के यूपीआईटीएस में 2,200 से अधिक प्रदर्शकों और 80 से अधिक देशों की भागीदारी दर्ज की गई. आयोजन के दौरान 288 एमओयू हुए, जिनका कुल घोषित मूल्य लगभग 89 करोड़ रुपये था. 2026 में यूपीआईटीएस का विस्तार और व्यापक हुआ. चौथे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में 2,400 से अधिक प्रदर्शक, 90 देशों की भागीदारी और 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने इसे प्रदेश के बढ़ते वैश्विक व्यापार संपर्क का बड़ा मंच बना दिया है. इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के उत्पादों के साथ-साथ छह साझेदार देशों- वियतनाम, जापान, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रिया और बेलारूस की भागीदारी भी अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बढ़ते दायरे को दर्शाती है.

‘लोकल से ग्लोबल’ तक पहुंच रहा यूपी
योगी सरकार की नीतियों में स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर रहा है. यूपीआईटीएस इसी दिशा में एक व्यावहारिक प्लेटफॉर्म बनकर सामने आया है. इंडिया एक्सपो मार्ट के स्थायी मार्ट में 31 जुलाई 2026 तक 1,800 शो-रूम और 774 निर्यातकों की मौजूदगी दर्ज की गई. इससे पूरे वर्ष खरीदारों और विक्रेताओं के बीच संपर्क बनाए रखने की व्यवस्था मजबूत होती है. मार्ट सोर्सिंग डेज जैसे आयोजनों के जरिए खरीदार प्रमुख प्रदर्शनियों के बाहर भी उत्पादों और आपूर्तिकर्ताओं से जुड़ सकते हैं. इस प्रकार ट्रेड कनेक्ट केवल पांच-दिन के किसी आयोजन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सालभर चलने वाली व्यावसायिक गतिविधि में बदल जाता है.

16 प्रदर्शनी हॉल, 76 हजार वर्गमीटर से अधिक ऑपरेशनल एरिया
इंडिया एक्सपो मार्ट ने मांग के अनुरूप लगातार अपनी क्षमता बढ़ाई है. 31 मार्च 2024 तक जहां 14 प्रदर्शनी हॉल संचालित थे, वहीं 31 मार्च 2026 तक इनकी संख्या बढ़कर 16 हो गई. इसी अवधि में ऑपरेशनल हॉल क्षेत्रफल 64,888 वर्गमीटर से बढ़कर 76,484 वर्गमीटर हो गया, लगभग 17.87 प्रतिशत की वृद्धि. यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है जब उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख निवेश और औद्योगिक केंद्रों में अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है.

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दुनिया के प्रमुख सेक्टर एक ही परिसर में
इंडिया एक्सपो मार्ट का विस्तार केवल आकार में नहीं, बल्कि सेक्टरों की विविधता में भी हुआ है. यहां हस्तशिल्प और होम डेकोर से लेकर रिन्यूएबल एनर्जी, बैटरी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग, फूड, हॉस्पिटैलिटी, पैकेजिंग और औद्योगिक तकनीक तक के आयोजन होते हैं. आईएचजीएफ दिल्ली फेयर, रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया एक्सपो, बैटरी शो इंडिया, सीपीएचआई एंड पी - एमईसी इंडिया और इंडस फूड जैसे बड़े आयोजनों ने इसे विभिन्न उद्योगों के कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण मंच बनाया है.

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यूपी की अर्थव्यवस्था को मिलने वाला बहुआयामी लाभ
इंडिया एक्सपो मार्ट का प्रभाव केवल प्रदर्शनी में शामिल कंपनियों तक सीमित नहीं है. बड़े आयोजनों से होटल, परिवहन, कैटरिंग, स्टॉल निर्माण, सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स, तकनीकी सेवाओं और अन्य स्थानीय व्यवसायों के लिए मांग पैदा होती है. मार्ट ने 31 जुलाई 2026 तक 391 कर्मचारियों की संख्या दर्ज की है. इसके अतिरिक्त प्रत्येक बड़े आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में बाहरी सेवा प्रदाता भी जुड़े रहते हैं. इस तरह ट्रेड शो इकोसिस्टम प्रत्यक्ष रोजगार के साथ-साथ सेवा क्षेत्र और स्थानीय कारोबार के लिए भी अवसर पैदा करता है.

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प्रदर्शनी से आगे डिजिटल कॉमर्स तक
इंडिया एक्सपो मार्ट ने ट्रेड को केवल फिजिकल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रखा है. एक्सपो डिजिटल इंडे और एक्सपोबाजार जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारतीय उत्पादों को ऑनलाइन बाजार और सप्लाई-चेन से जोड़ने का प्रयास किया गया है. यह मॉडल योगी सरकार के उस व्यापक विजन के अनुरूप दिखाई देता है जिसमें उत्तर प्रदेश के उत्पादों को केवल देश के बाजार तक सीमित न रखकर अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है.

ग्रेटर नोएडा बना ग्लोबल बिजनेस डेस्टिनेशन
जेवर एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, दिल्ली-एनसीआर की निकटता और विकसित औद्योगिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ ग्रेटर नोएडा तेजी से वैश्विक व्यापार और निवेश गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है. इंडिया एक्सपो मार्ट इस परिवर्तन का एक प्रमुख हिस्सा है. यहां आयोजित अंतरराष्ट्रीय ट्रेड शो उत्तर प्रदेश को दुनिया के कारोबारी नक्शे पर स्थापित करने में मदद कर रहे हैं. यूपीआईटीएस ने इस कड़ी को और मजबूत किया है. जहां एक ओर राज्य के छोटे उद्यमी और कारीगर अपने उत्पाद लेकर वैश्विक खरीदारों के सामने पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विदेशी कंपनियां और निवेशक उत्तर प्रदेश के औद्योगिक इकोसिस्टम को करीब से समझ रहे हैं.

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भविष्य की ओर बढ़ता ट्रेड इन्फ्रास्ट्रक्चर
इंडिया एक्सपो मार्ट ने आगे भी अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रदर्शनी कारोबार के विस्तार की योजनाएं सामने रखी हैं. हॉल संख्या 4  व 6 के नवीनीकरण तथा हॉल संख्या 18 के विकास जैसी योजनाएं इसकी क्षमता को और बढ़ाने की दिशा में हैं. साथ ही मनी अल्फ़ा 360°, प्रॉसेस इंजीनियरिंग एक्सपो एंड कॉन्फ्रेंस और भारत सस्टेनेबिलिटी एक्सपो जैसे नए आयोजन विकसित किए जा रहे हैं.

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