जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

'अयोध्या आएं, लेकिन माफी मांगकर', रामभक्तों पर गोलीकांड को लेकर सपा पर बरसे CM योगी, संतों के अपमान को लेकर भी घेरा

Deepotsav 2026: सीएम योगी ने अयोध्या की उपेक्षा करने, रामभक्तों पर गोलियां चलवाने और संतों का अपमान करने वालों पर तगड़ा प्रहार किया. उन्होंने सपा को नसीहत दी कि अपने कृत्यों पर पश्चाताप करें.

Author
08 Nov 2026
( Updated: 08 Nov 2026
10:37 AM )
'अयोध्या आएं, लेकिन माफी मांगकर', रामभक्तों पर गोलीकांड को लेकर सपा पर बरसे CM योगी, संतों के अपमान को लेकर भी घेरा
Image Source: Yogi Adityanath/ FB
Advertisement

अयोध्या धाम में आयोजित भव्य-दिव्य दीपोत्सव-2026 समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर अयोध्या की उपेक्षा करने, रामभक्तों पर गोलियां चलवाने और संतों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए उसे कठघरे में खड़ा किया. उन्होंने दो टूक कहा कि जिन लोगों ने अयोध्या को उपेक्षित किया था, अपमानित किया था, रामभक्तों पर गोलियां चलाई थीं और संतों पर लाठीचार्ज कराया था, वे अयोध्या आएं जरूर, लेकिन माफी मांगकर आएं.

रामभक्तों और संतों से एक बार माफी मांग लें तथा अपने कृत्यों के लिए पश्चाताप करें. प्रभु श्रीराम सबके पालनहार और कृपालु हैं, वे सबको माफ कर देंगे, लेकिन अहंकारी सत्ता का अहंकार समाप्त करने में प्रभु क्षण भर भी नहीं लगाते.

सीएम ने कहा कि आज की अयोध्या त्रेता युग की स्मृतियों को जीवंत कर रही है. जिस अयोध्या में कभी श्रीराम का नाम लेने पर लाठी और गोली चलती थी, जहां राम के नाम को प्रतिबंधित करने का पाप होता था और जिसे उपेक्षित एवं अभिशप्त बना दिया गया था, वही अयोध्या आज अपने प्राचीन गौरव के साथ पूरी दुनिया को आकर्षित कर रही है.

25 हजार दीपों से शुरू हुई यात्रा आज 30 लाख दीप प्रज्वलित करने के संकल्प तक पहुंच गई

मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपोत्सव का यह दसवां संस्करण अयोध्या की सांस्कृतिक चेतना, जनआस्था और रामभक्ति की अद्भुत अभिव्यक्ति है. 25 हजार दीपों से शुरू हुई दीपोत्सव की यात्रा आज 25 लाख की सीमा पार करते हुए 30 लाख दीप प्रज्वलित करने के संकल्प तक पहुंच गई है. श्रीराम की चेतना ही वास्तव में भारत की चेतना है. यह भारत की संस्कृति और संस्कार है. श्रीराम भारत राष्ट्र के प्राण हैं और भारत का आत्मसम्मान भी हैं. यही कारण है कि हमारे शास्त्रों ने सप्त पुरियों में अयोध्या को प्रथम पुरी के रूप में मान्यता दी है. अयोध्या के कण-कण और रोम-रोम में प्रभु श्रीराम विराजमान हैं. रामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदास जी ने अयोध्या की महिमा का वर्णन करते हुए लिखा है- 'अवधपुरी अति रुचिर बनाई. देवन्ह सुमन बृष्टि झरि लाई'. 'अवधपुरी प्रभु आवत जानी. भई सकल सोभा कै खानी'.

Advertisement

मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रेता युग में प्रभु श्रीराम, माता जानकी, अनुज लक्ष्मण और पवनपुत्र हनुमान के साथ 14 वर्ष का वनवास पूरा करके अयोध्या लौटे होंगे तो अयोध्यावासियों ने इसी प्रकार दीपों और उल्लास से उनका स्वागत किया होगा. आज की अयोध्या उसी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृश्य का स्मरण करा रही है. उन्होंने रामचरितमानस की पंक्तियां भी उद्धृत कीं- 'जद्यपि सब बैकुंठ बखाना, बेद पुरान बिदित जगु जाना. अवधपुरी सम प्रिय नहिं सोऊ, यह प्रसंग जानइ कोउ कोऊ'.

500 वर्षों के संघर्ष के बाद लौटा अयोध्या का गौरव

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या ने अपने गौरव की पुनर्प्राप्ति के लिए लंबा संघर्ष किया है. 500 वर्षों की गुलामी और विदेशी आक्रांताओं के दौर में रामभक्तों, संतों, नागाओं, निहंगों और समाज के प्रत्येक वर्ग ने संघर्ष किया. कारसेवकों ने बलिदान दिया. पूज्य संतों ने आंदोलन का नेतृत्व किया. श्रद्धेय अशोक सिंघल जी के नेतृत्व और संतों के मार्गदर्शन में राम जन्मभूमि आंदोलन आगे बढ़ा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में आज अयोध्या की भावनाओं के अनुरूप रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हैं. जिन लोगों ने न्यायालयों में वकीलों की फौज खड़ी करके राम के अस्तित्व को नकारने का प्रयास किया था, आज कम से कम उनको इतनी सद्बुद्धि तो आई कि वे राम के अस्तित्व को स्वीकार कर पा रहे हैं. यह हमारी वैचारिक विजय है. राम ने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया. उन्होंने वनवासी, गिरवासी, वानर, भालू, निषादराज और माता शबरी सहित समाज के हर वर्ग को अपनाया. श्रीराम जन्मभूमि परिसर में महर्षि वाल्मीकि, महर्षि विश्वामित्र, माता शबरी और जटायु के मंदिर इस समावेशी चेतना के प्रतीक हैं. अयोध्या बजरंगबली की नगरी है और हनुमानगढ़ी यहां के रक्षक देवता की उपस्थिति का प्रतीक है.

Advertisement

मुख्यमंत्री ने कथा की मर्यादा और पवित्रता का भी उठाया मुद्दा

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग कभी अयोध्या की गलियों को रक्तरंजित करते थे, आज वे भी अपने लोभ का संवरण नहीं कर पा रहे हैं. आश्चर्य होता है कि कुछ लोग कथा में जाते हैं तो उन्हें यह भी नहीं पता होता कि कथा की क्या मर्यादा होती है. कथा है या मुशायरा, इसका भी उन्हें भान नहीं रहता. हमारी कथाओं की अपनी मर्यादा और पवित्र परंपरा है, लेकिन कुछ लोग अपनी उच्छृंखल प्रवृत्ति के कारण राम की मर्यादा और कथा की पवित्रता को ध्यान में रखे बिना उसे भी मुशायरे के दायरे में लाकर अपवित्र करने का प्रयास करते हैं.

तीन घंटे बिजली से स्मार्ट और सोलर सिटी तक पहुंची अयोध्या: मुख्यमंत्री 

मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास की चर्चा करते हुए कहा कि पहले यहां मुश्किल से तीन घंटे बिजली मिलती थी. आज अयोध्या देश की स्मार्ट सिटी और सोलर सिटी के रूप में स्थापित हो चुकी है. धर्म पथ, भक्ति पथ, श्रीराम पथ और जन्मभूमि पथ दुनिया को आकर्षित कर रहे हैं. कभी उपेक्षित रही अयोध्या में आज नया घाट से गुप्तार घाट तक घाटों की लंबी श्रृंखला विकसित हुई है. राम की पैड़ी पर पहले जल सड़ता था, जबकि आज सरयू का स्वच्छ जल एक ओर से आता है और दूसरी ओर से प्रवाहित होकर नदी में जाता है. डबल इंजन सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में अयोध्या के विकास पर लगभग 40 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम कर रही है. त्रेता युग में प्रभु श्रीराम पुष्पक विमान से अयोध्या आए थे, लेकिन वर्षों तक यहां एयरपोर्ट नहीं बन पाया. आज महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अयोध्या की पहचान बना है. महर्षि वाल्मीकि ने राम से देश-दुनिया का साक्षात्कार कराया और आज उन्हीं के नाम पर बने एयरपोर्ट के माध्यम से आधुनिक अयोध्या दुनिया से जुड़ रही है. अयोध्या में माता शबरी के नाम पर रसोई और भोजनालय तथा निषादराज के नाम पर रैन बसेरे संचालित हो रहे हैं. 

'अब अयोध्या में न कर्फ्यू लगेगा, न दंगा करने का दुस्साहस होगा'

Advertisement

मुख्यमंत्री ने रामभक्तों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आपने जो इतिहास रचा है, उसके बाद अयोध्या अब कभी कर्फ्यू के दायरे में नहीं आएगी. यहां कोई दंगा-फसाद करने का दुस्साहस नहीं कर पाएगा. अयोध्या को अब कोई उपेक्षित नहीं कर पाएगा, संतों का अपमान नहीं कर पाएगा और रामभक्तों पर गोली चलाने का दुस्साहस भी नहीं कर पाएगा.

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने भारत के उप राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि तमिलनाडु के एक सामान्य किसान परिवार में जन्म लेकर भारतीय परंपरा, संस्कृति, मूल्यों और आदर्शों के प्रति निष्ठा रखने वाले उप राष्ट्रपति जी ने सांसद, केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल और अब उप राष्ट्रपति के रूप में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया है. उन्होंने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और उपस्थित पूज्य संतों का भी अभिनंदन किया.

ये भी पढ़ें: CM योगी ने लोगों से की खास अपील, बोले- हर घर में जले खुशियों का दीप, कोई परिवार दीपावली के उल्लास से न रहे वंचित

Advertisement

इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा, अयोध्या के महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह के साथ ही पूज्य संतजन, जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर जी महाराज, जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्रीधराचार्य जी महाराज, जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी राघवाचार्य जी महाराज, जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी महाराज, मणिराम दास छावनी के श्रीमहंत कमलनयन दास जी महाराज, दिगंबर अखाड़ा के श्रीमहंत राम लखन दास जी महाराज, जगद्गुरु सतुआ बाबा के साथ अन्य पूज्य संतजन, विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी दिनेश उपस्थित रहे.

दीपोत्सव की भव्यता के बीच उप राष्ट्रपति एवं मुख्यमंत्री ने किया प्रभु श्रीराम का राजतिलक

यह भी पढ़ें

अयोध्या में भव्य दीपोत्सव के अवसर पर उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीराम का राजतिलक किया और उनकी आरती उतारी. इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी भगवान श्रीराम का राजतिलक कर आरती की. लक्ष्मण जी एवं हनुमान जी का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया. इस सभी अतिथियों ने भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी को उपहार भेंट कर अपनी श्रद्धा एवं सम्मान प्रकट किया. इसके पश्चात वहां उपस्थित अयोध्या के पूज्य साधु-संतों ने भी प्रभु श्रीराम का राजतिलक किया और आरती उतारकर अपनी श्रद्धा निवेदित की. संतों के पूजन-अर्चन के बाद मंच पर उपस्थित मंत्रीगणों ने भी भगवान श्रीराम का पूजन-अर्चन कर आरती की. इस दौरान पूरा परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान रहा. दीपोत्सव के इस पावन अवसर पर जनप्रतिनिधियों, संतों और श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करने तथा प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें