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कुशीनगर बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे CM योगी, दुख दर्द साझा कर राहत सामग्री का किया वितरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि 15-16 गांवों में बड़े पैमाने पर धान, गन्ना, सब्जी जैसी फसलों के नुकसान होने की आशंका है. इसे लेकर प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि सर्वे कराकर 10 दिनों में मुआवजा उपलब्ध करा दिया जाए. बाढ़ के चलते जो सड़कें खराब हैं उनके भी मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं.

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29 Sep 2026
( Updated: 29 Sep 2026
06:48 PM )
कुशीनगर बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे CM योगी, दुख दर्द साझा कर राहत सामग्री का किया वितरण
Image Credit: UPID
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नेपाल से अधिक पानी आने के चलते कुशीनगर जिले में सोमवार देर रात जवहीं दयाल (चैनपट्टी) के ततवा टोला के पास नारायणी नदी के एपी तटबंध का कुछ हिस्सा टूटने के बाद स्थिति का निरीक्षण करने और पानी से घिरे गांवों के प्रभावितों की मदद के लिए मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ग्राउंड जीरो पर पहुंच गए. मुख्यमंत्री ने इस दौरान बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की, लंच पैकेट और राहत सामग्री का वितरण किया और सबको आश्वस्त किया कि आपदा की इस घड़ी में सरकार उनके साथ मुस्तैदी से खड़ी है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जलशक्ति मंत्री और सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देशित किया कि स्थिति सामान्य होने के बाद नारायणी नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन का कार्य कराया जाए ताकि तटबंध और इसके आसपास के गांव सुरक्षित रहें. 

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सीएम ने कुशीनगर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई सर्वेक्षण
सोमवार रात तटबंध टूटने की जानकारी होने के बाद से ही सीएम योगी, हालात पर नजर बनाए रखने के साथ ही अधिकारियों को दिशानिर्देश देते रहे. मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की श्रद्धांजलि सभा समाप्त होते ही खुद भी मौके पर आ गए. उन्होंने हवाई सर्वेक्षण कर तटबंध और इसके कुछ हिस्से के टूटने से प्रभावित हुए क्षेत्रों का जायजा लिया. तटबंध के गांवों में जाकर ग्रामीणों से मुलाकात की. ऊंचे स्थानों पर शरण लिए ग्रामीणों के बीच जाकर उन्होंने लंच पैकेट और बच्चों को चॉकलेट वितरित किए. इसके बाद वह सेवरही क्षेत्र के इंटर कॉलेज बेदुपार पहुंचे और बाढ़ प्रभावित लोगों का दुख दर्द साझा करते हुए राहत सामग्री का वितरण किया. मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि आपदा की इस घड़ी में सरकार उनके साथ हैं.

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राहत सामग्री का वितरण करने के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि चार दिनों तक मूसलाधार बारिश के बाद प्रदेश और देश के विभिन्न क्षेत्रों में त्रासदी का सामना करना पड़ा है. जैसे-तैसे चार दिन व्यतीत हुए लेकिन नेपाल में अतिवृष्टि होने से भारी पैमाने पर जल नीचे आ गया. सामान्य दिनों में तीन से चार लाख क्यूसेक पानी नारायणी में आता है लेकिन कल अचानक यह साढ़े पांच लाख क्यूसेक पानी आ गया. इसके कारण एपी तटबंध से सटे कई गांवों में पानी आ गया.

बचाव और राहत कार्य जारी 
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी जानकारी होते ही तत्काल ही बचाव और राहत कार्य बड़े पैमाने पर शुरू कर दिए गए. यहां एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की दो-दो टीमों के साथ ही पीएसी की फ्लड यूनिट को भी लगाया गया है. प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी कल से ही राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं. प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी रात में ही यहां आ गए. इसके साथ ही सांसद देवरिया शशांक मणि त्रिपाठी, सांसद कुशीनगर विजय दूबे, विधायक डॉ. असीम कुमार और सुरेंद्र कुशवाहा भी लगातार सहयोग करने में जुटे हुए हैं.

सीएम योगी ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार सभी पीड़ितों के साथ है. उन्होंने कहा कि पीड़ितों के लिए 5000 पैकेट राहत सामग्री की व्यवस्था कर दी गई है. इस राहत सामग्री में 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 2 किलो दाल, आलू, लाई, चना, तेल, मसाला, नमक, बाल्टी सहित कुल 35 आइटम हैं, जिनका वजन 50 किलो है. उन्होंने कहा कि सरकार ने यह तय किया है कि भरपूर सहायता देने के साथ ही जनहानि पर तत्काल चार लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी. जिनके मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत तत्काल एक नया आवास उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है. जिनके क्षतिग्रस्त मकान मरम्मत योग्य हैं, उन्हें भी मरम्मत के लिए धनराशि दी जाएगी. 

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पीड़ित किसानों को 10 दिन के भीतर मुआवजा देने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि 15-16 गांवों में बड़े पैमाने पर धान, गन्ना, सब्जी जैसी फसलों के नुकसान होने की आशंका है. इसे लेकर प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि सर्वे कराकर 10 दिनों में मुआवजा उपलब्ध करा दिया जाए. बाढ़ के चलते जो सड़कें खराब हैं उनके भी मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य होने पर एपी तटबंध को मजबूत करने के लिए निर्देश दिए गए हैं ताकि यह फिर से न टूटने पाए. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को क्षेत्र में अगले 5-6 दिनों तक लगातार मेडिकल कैंप लगाने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही यह निर्देश भी दिए गए हैं कि सभी पीएससी, सीएससी में एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज वैक्सीन देने की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित कर दी जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति की जान हमारे लिए महत्वपूर्ण है. 

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उन्होंने कहा कि जलशक्ति मंत्री और प्रमुख सचिव सिंचाई को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है कि स्थिति सामान्य होने के बाद नारायणी नदी की ड्रेसिंग कर उसे चैनेलाइज किया जाए. इससे नदी अपनी राह खुद बना लेगी और यह क्षेत्र सुरक्षित हो जाएगा. इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, देवरिया के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, कुशीनगर के सांसद विजय दूबे, विधायक डॉ. असीम कुमार, सुरेंद्र चौरसिया आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे.

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