1978 के दंगे के बाद से ही संभल में अपराधियों और दंगाइयों को राजनीतिक संरक्षण मिलता रहा. लेकिन आज उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून का राज स्थापित है. 24 नवंबर 2024 की घटना में सरकार ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया कि चाहे कोई कितना भी बड़ा नेता या सांसद क्यों न हो, यदि वह राज्य की शांति और सुरक्षा से खिलवाड़ करेगा, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा.
-
राज्य08 Aug, 202607:00 PMसंभल हिंसा: सुनियोजित साजिश, काला सच और तुष्टिकरण की राजनीति
-
धर्म ज्ञान08 Aug, 202606:22 PMकहां है बिल्वेश्वर महादेव मंदिर, 40 दिनों ये काम करने से पूरी होती भक्तों की मनोकामनाएं, सावन में दूर-दूर से आते श्रद्धालु
बिल्वेश्वर महादेव मंदिर आस्था और भक्ति का प्रमुख केंद्र है. यहां स्वयंभू धातु का शिवलिंग स्थापित है. मान्यता है कि 40 दिनों तक लगातार दीपक जलाने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. सावन के महीने में यहां विशेष जलाभिषेक का आयोजन होता है और दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं.
-
धर्म ज्ञान08 Aug, 202611:57 AMकहां शांत वादियों में विराजमान हैं बाल भोलेनाथ, जानिए श्री जागेश्वर महादेव मंदिर का पौराणिक इतिहास
श्री जागेश्वर महादेव मंदिर उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में देवदार के घने जंगलों और जटा गंगा नदी के किनारे बसा पावन धाम 'श्री जागेश्वर महादेव मंदिर' लगभग 2500 साल पुराना माना जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर का निर्माण मुख्य रूप से गुप्त काल के बाद और मध्यकाल से पहले कत्युरी राजाओं द्वारा किया गया था.
-
धर्म ज्ञान07 Aug, 202612:53 PMकहां बसा है भगवान शिव का ये मंदिर, जहां भोलेनाथ ने धारण किया था गोपी का रूप, कामदेव ने तपस्या भंग करने का किया था प्रयास
मंदिर को लेकर एक पौराणिक कथा प्रचलित है, जिसमें बताया गया है कि भगवान शिव ने यहां गोपी रूप धारण किया था, जिसके कारण इस स्थान का नाम गोपेश्वर और मंदिर का नाम गोपीनाथ पड़ा.
-
ब्लॉग05 Aug, 202605:40 PMसड़क से सदन तक ‘हल्ला बोल’, संसदीय मर्यादाओं के विपरीत सपा का आचरण, लोकतांत्रिक मूल्यों से सरेआम खिलवाड़
यूपी विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान जो दृश्य देखने को मिला, उसने लोकतांत्रिक व्यवस्था की जड़ों को हिलाकर रख दिया है. सपा ने सदन के भीतर और बाहर जिस प्रकार का अभद्र और अराजक आचरण प्रस्तुत किया, वह सदन के मूल्यों और संसदीय मर्यादाओं के सर्वथा विपरीत है.
-
Advertisement
-
धर्म ज्ञान05 Aug, 202604:09 PMमधुश्रावणी: पति की लंबी उम्र के लिए नवविवाहिता करती हैं महादेव की यह विशेष पूजा, महिला पुरोहित कराती हैं पूजन
मिथिलांचल में ब्राह्मण, कर्ण कायस्थ, स्वर्णकार यह त्योहार मनाते हैं. इनमें से जिनके भी परिवार में कन्या का विवाह होता है. वह नवविवाहिता कन्या शादी के साल पड़ने वाले श्रावण के महीने में 14-15 दिनों तक महादेव की पूजा पूरे विधि विधान के साथ करती हैं.
-
राज्य03 Aug, 202611:00 AM'योगी की पाती': सावन के पहले सोमवार पर CM का खास संदेश, कहा-श्रावण को बनाएं सेवा, स्वच्छता और जल संरक्षण का जनअभियान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रावण मास के अवसर पर प्रदेशवासियों को संबोधित अपनी मासिक अपील 'योगी की पाती' जारी करते हुए सेवा, स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और सामाजिक समरसता को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया है.
-
धर्म ज्ञान03 Aug, 202610:33 AMसावन का पहला सोमवार आज, शिव मंदिरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
सावन का पहला सोमवार आज शिव मंदिरों में भक्तों की उमड़ी भीड़ हर तरफ ‘हर हर महादेव’ और ‘बम बम भोले’ के जयघोष की गूंज से मौहाल शिवमय हो उठा है.
-
धर्म ज्ञान03 Aug, 202609:57 AMसावन के पहले सोमवार पर आस्था का सैलाब, शिवालयों में उमड़े श्रद्धालु, CM योगी बोले-श्रावण माह लोकमंगल और सामूहिकता का पावन पर्व
सावन के पहले सोमवार पर शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ा. श्रद्धालु की लंबी कतारें देखने को मिलीं. बाबा महाकाल, वैद्यनाथ धाम और काशी विश्वनाथ धाम सहित कई मंदिरों में भक्तों ने जलाभिषेक किया. इस अवसर पर सीएम योगी ने भी शुभकामनाएं दी हैं.
-
धर्म ज्ञान02 Aug, 202609:45 AMयूपी के मंदिरों में भक्ति का अनूठा दृश्य: योगी सरकार की चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच शिवालयों में घंटियों संग गूंजा 'बम-बम भोले'
सावन के पवित्र महीने की शुरुआत हो गई है. इस दौरान आस्था का ज्वार उमड़ रहा है. शिवालयों की घंटियों संग बम-बम भोले की गूंज सुनाई दे रही है. बाजारों में शिवभक्तों की रौनक दिखाई पड़ रही है, जगह-जगह सेवा शिविरों में कांवड़ियों का भव्य स्वागत किया जा रहा है. वहीं योगी सरकार की चाक-चौबंद व्यवस्था भी इसमें चार-चांद लगा रही है.
-
धर्म ज्ञान01 Aug, 202612:16 PMAlmora: एक रात में बना मां स्याही देवी मंदिर, दिन में तीन बार बदलता है स्वरूप!
इस मंदिर को लेकर कहा जाता है कि मंदिर का निर्माण केवल एक रात में हुआ था. लोककथाओं के अनुसार, स्थानीय लोगों ने मंदिर के लिए ईंटें तैयार की थीं. तेज बारिश के बावजूद वे ईंटें अगली सुबह पकी हुई मिलीं. मंदिर को जोड़ने में चूने या सीमेंट की जगह बेल और गुड़ के मिश्रण का प्रयोग हुआ, जो आज भी लोगों को अचंभित करता है. स्याही देवी को आसपास के 52 गांवों की इष्ट देवी माना जाता है और उत्तराखंड के अनेक परिवार इन्हें अपनी कुलदेवी के रूप में पूजते हैं.
-
धर्म ज्ञान01 Aug, 202611:49 AMकहां है ये महादेव का चमत्कारी मंदिर, जहां बिना बुलावे के नहीं पहुंच सकता कोई, भक्तों की हर इच्छा पूरी करते हैं भोलेनाथ
बिनसर महादेव मंदिर का इतिहास भी काफी पुराना माना जाता है. कहा जाता है कि यह मंदिर 14वीं शताब्दी का है और यहां भगवान शिव स्वयंभू शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं. स्थानीय लोगों के बीच एक खास मान्यता भी प्रचलित है कि इस मंदिर तक हर कोई नहीं पहुंच पाता.
-
धर्म ज्ञान01 Aug, 202611:13 AMनिरजंन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानन्द गिरि महाराज ने सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर में किया विशेष रुद्राभिषेक, बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर में स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने विशेष रुद्राभिषेक किया. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. यहां उनके साथ-साथ तमाम भक्तों, साधु-संतों को कैलाशेश्वर महादेव जी के शिवलिंग पर सर्प स्वरूप के अद्भुत दर्शन भी हुए.