भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप, आतंकी और ड्रोन ट्रेनिंग...तिहाड़ से छूटे अमेरिकी सहित 7 विदेशी नागरिक, अपने देश रवाना!
भारत के खिलाफ कथित तौर पर युद्ध छेड़ने के आरोप में गिरफ्तार छह यूक्रेनी नागरिकों और एक अमेरिकी नागरिक को भारत छोड़ने की छूट मिल गई है. स्पेशल NIA कोर्ट ने शर्तों के साथ अपने परिवार से मिलने के लिए विदेश जाने की इजाजत दी है.
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दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट की स्पेशल NIA कोर्ट ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक को USA और छह यूक्रेनी नागरिकों को अपने परिवारों से मिलने के लिए एक महीने के लिए यूक्रेन जाने की इजाज़त दे दी. यह इजाज़त कुछ शर्तों और औपचारिकताओं के साथ दी गई है. कोर्ट ने उनके पासपोर्ट भी जारी करने का आदेश दिया है. इन सभी सात विदेशी नागरिकों को डिफ़ॉल्ट ज़मानत मिल गई है. यानी कि NIA से उन्हें भारत से बाहर जाने की इजाजत दे दी गई. सभी तिहाड़ जेल से छूट गए और भारत से चले गए.
अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक को भारत छोड़ने की इजाजजत!
एनआईए कोर्ट ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को कुछ शर्तों और जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद एक महीने के लिए अपने परिवारों से मिलने अमेरिका और यूक्रेन जाने की अनुमति दी है. कोर्ट ने इन सभी विदेशी नागरिकों के पासपोर्ट भी उन्हें सौंपने का निर्देश दिया है.
इससे पहले विशेष एनआईए कोर्ट ने सभी सात विदेशी नागरिकों को डिफॉल्ट बेल दे दी थी. इसके बाद सभी तिहाड़ जेल से रिहा हो गए और अपने मुल्क चले गए.
डायके सहित यूक्रेनी नागरिकों को मिली डिफॉल्ट बेल!
छह यूक्रेनी नागरिकों की पहचान पेट्रो हुरबा, तारास स्लिवियाक, इवान सुकमानोवस्की, मारियन स्टेफांकिव, मक्सिम होंचरुक और विक्टर कामिंस्की के रूप में हुई है. इन्हें अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक के साथ मार्च 2026 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गिरफ्तार किया था.
राउज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को छह यूक्रेनी नागरिकों को डिफॉल्ट बेल देते हुए प्रत्येक को एक लाख रुपए का कैश बॉन्ड भरने का निर्देश दिया था. विशेष एनआईए जज प्रशांत शर्मा ने यह आदेश पारित किया था.
कोर्ट ने छह यूक्रेनी नागरिकों को इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट से जुड़े अपराधों से भी मुक्त कर दिया था. फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) के समक्ष इन अपराधों के कंपाउंड होने के आधार पर यह कार्रवाई की गई थी. एफआरआरओ ने प्रत्येक आरोपी पर 5.5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था.
अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक की जमानत की शर्तों में भी बदलाव
कोर्ट ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक की जमानत की शर्तों में भी बदलाव किया था. वैनडाइक को एक लाख रुपए का श्योरिटी बॉन्ड जमा करने से छूट देते हुए एक लाख रुपए का कैश बॉन्ड भरने पर रिहा करने का आदेश दिया गया था.
म्यांमार में आतंकी ट्रेनिंग देने के आरोप में गिरफ्तार 7 विदेशी नागरिकों को परिवार से मिलने की इजाजत, कोर्ट ने शर्तों के साथ दी राहत, मैथ्यू वैनडायके अपने देश रवाना! NIA ने हटा ली थी UAPA की धारा!#Myanmar #MatthewVanDyke #UAPA pic.twitter.com/eYuhA9Syz6
— NMF NEWS (@NMFNewsNational) September 26, 2026
इससे पहले 18 सितंबर को विशेष एनआईए कोर्ट ने वैनडाइक को डिफॉल्ट बेल दी थी. उस समय कोर्ट ने एक लाख रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की एक जमानत की शर्त रखी थी. कोर्ट ने उसे दिल्ली में रहने और जांच अधिकारी के बुलाने पर जांच के लिए उपलब्ध रहने का निर्देश भी दिया था.
वैनडाइक ने जांच पूरी करने और निर्धारित समय में चार्जशीट दाखिल करने में देरी के आधार पर डिफॉल्ट बेल मांगी थी. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि इसी मामले में गिरफ्तार छह यूक्रेनी नागरिक उचित जमानत आवेदन दाखिल करने पर इसी आधार पर डिफॉल्ट बेल पाने के हकदार होंगे.
क्या है पूरा मामला?
एनआईए ने सातों विदेशी नागरिकों को मार्च 2026 में गिरफ्तार किया था. जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि ये लोग म्यांमार के जातीय सशस्त्र समूहों को हथियार और ड्रोन ऑपरेशन से संबंधित ट्रेनिंग देने से जुड़े थे.
एजेंसी के मुताबिक, आरोपी भारत में टूरिस्ट वीजा पर आए थे और पूर्वोत्तर की ओर गए थे. उन पर मिजोरम से अवैध रूप से म्यांमार में प्रवेश करने का भी आरोप लगाया गया था. एनआईए ने यह भी आरोप लगाया था कि म्यांमार में हथियारों और ड्रोन युद्ध से जुड़ी ट्रेनिंग दी गई और इसके लिए यूरोप से ड्रोन लाए गए थे.
NIA ने नहीं लगाई UAPA की धारा!
मामले की शुरुआत में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोप लगाए गए थे. हालांकि, एनआईए की ओर से बाद में दाखिल चार्जशीट में यूएपीए की धाराएं नहीं लगाई गईं और आरोपियों के खिलाफ इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट से संबंधित धाराएं लगाई गईं.
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एजेंसी का कहना है कि कथित आतंकी गतिविधियों से जुड़े पहलू की जांच अभी जारी है और आगे सबूत मिलने पर पूरक चार्जशीट दाखिल की जा सकती है.