गंगा के पवित्र तट पर स्थित नारायणी शिला इसलिए पितृ पक्ष के दौरान खास आकर्षण का केंद्र बन जाती है. आस्था रखने वालों के लिए यह वह स्थान है, जहां वे अपने पूर्वजों का स्मरण करते हुए उनकी शांति की कामना करते हैं.
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धर्म ज्ञान24 Sep, 202606:07 PMहरिद्वार की नारायणी शिला क्यों है पितृ कर्म के लिए खास? जानिए इसकी प्राचीन मान्यता और कथा
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धर्म ज्ञान23 Sep, 202607:12 PMपितृ पक्ष में उज्जैन का सिद्धवट क्यों है खास? यहां होती है पिंडदान और तर्पण की परंपरा
उज्जैन में क्षिप्रा नदी, महाकालेश्वर और दूसरे प्राचीन तीर्थ स्थल एक ही धार्मिक परंपरा से जुड़े दिखाई देते हैं. यहां रामघाट का भी पिंडदान की परंपरा से जुड़ा एक लोकप्रिय धार्मिक संदर्भ है. कहा जाता है कि भगवान राम ने अपने माता-पिता के लिए यहां पिंडदान किया था और इसी वजह से इस स्थान को रामघाट कहा गया.
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धर्म ज्ञान23 Sep, 202601:14 PMपितृ पक्ष में कौवों को ही क्यों खिलाया जाता है श्राद्ध का भोजन? जानें धार्मिक मान्यता और पौराणिक कथा
कौवे को भोजन अर्पित करने की प्रक्रिया भी एक विशेष विधि के अनुसार की जाती है. उड़द की दाल, चावल और गुड़ का प्रसाद तैयार किया जाता है. इसे तर्पण स्थल पर रखा जाता है और कौवे को यह भोजन दिया जाता है.
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धर्म ज्ञान22 Sep, 202609:42 PMपितृपक्ष 2026: गयाजी जाने से पहले इस घाट पर पिंडदान करना है जरूरी, भगवान राम से जुड़ी है मान्यता
पुनपुन घाट की सबसे खास बात इससे जुड़ी भगवान राम और माता सीता की पौराणिक कथा है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब भगवान राम अपने पिता राजा दशरथ का श्राद्ध और पिंडदान करने के लिए निकले तो उन्होंने गया जाने से पहले पुनपुन नदी के तट पर अपने पूर्वजों के लिए तर्पण किया था.
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धर्म ज्ञान12 Sep, 202603:52 PMपितृपक्ष मेला 2026: गयाजी में 12 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था, 24 घंटे सफाई और सुरक्षा की रहेगी व्यवस्था
गयाजी और बोधगया के निजी होटल भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार हैं. बोधगया के कई होटल श्रद्धालुओं के लिए विशेष पिंडदान पैकेज और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध करा रहे हैं.
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धर्म ज्ञान11 Sep, 202602:28 PMPitru Paksha 2026: पितृपक्ष में भूलकर भी न खरीदें ये चीजें! जानें नए कपड़े और सामान को लेकर क्या हैं नियम
पितृपक्ष के दौरान घर का वातावरण शांत और पवित्र रखना चाहिए. किसी भी प्रकार का झगड़ा करना अशुभ माना जाता है. घर में प्रेम, सौहार्द और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखना चाहिए.
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धर्म ज्ञान10 Sep, 202612:20 PMगयाजी में ही क्यों किया जाता है पिंडदान? जानिए पितृपक्ष में इस धाम के विशेष महत्व की पूरी कहानी
हिंदू मान्यता के अनुसार पिंडदान पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का संस्कार है. माना जाता है कि गयाजी में पिंडदान करने से पितरों की अपूर्ण इच्छाओं की पूर्ति होती है, उन्हें शांति मिलती है और उनकी आत्मा उच्च लोकों की ओर अग्रसर होती है.
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धर्म ज्ञान09 Sep, 202602:46 PMपितृपक्ष 2026 कब से शुरू होगा? जानिए पूरी श्राद्ध तिथियां और धार्मिक मान्यताएं
आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से पितृपक्ष की शुरुआत होती है. इस अवधि को श्राद्ध पक्ष भी कहते हैं. इस दौरान पितरों की आत्मशांति और तृप्ति के लिए घरों में श्राद्ध कर्म किए जाते हैं. इस दौरान पिंडदान का भी विशेष महत्व है.