दिल्ली पुलिस ने आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू के इशारे पर सिंधु बॉर्डर पर खालिस्तान समर्थक भित्तिचित्र बनाने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. ब्रिक्स समिट के बीच ये गरिफ्तारी बड़ी मानी जा रही है. पुलिस ने आरोपियों का पीछा पंजाब तक किया और उसे फ़रीदकोट से गिरफ़्तार कर दिल्ली लाई.
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न्यूज12 Sep, 202601:21 PMसिंघु बॉर्डर पर खालिस्तानी ग्रैफिटी लगाने वाले 3 गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस ने पंजाब तक किया पीछा, ब्रिक्स समिट के बीच एक्शन
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धर्म ज्ञान06 Sep, 202605:45 AM6 सितंबर का पंचांग: आज भूलकर भी न करें ये काम, जानें राहुकाल, शुभ मुहूर्त और दिशाशूल का समय
6 सितंबर 2026 को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रात 7:29 बजे तक रहेगी, इसके बाद एकादशी शुरू होगी. सूर्योदय 6:14 और सूर्यास्त 6:36 बजे होगा. अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:49 बजे तक रहेगा, जबकि अमृत काल 10:32 से 12:02 बजे तक रहेगा.
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धर्म ज्ञान05 Sep, 202606:15 AM5 सितंबर का पंचांग: राहुकाल से दिशाशूल तक, जानें आज क्या करें और किस समय से रहें सावधान
5 सितंबर 2026 को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि रात 9:53 बजे तक रहेगी, फिर दशमी शुरू होगी. शनिवार को शनि देव और हनुमान जी की पूजा कर सिंदूर व चोला अर्पित करना शुभ माना जाता है.
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धर्म ज्ञान04 Sep, 202606:00 AMजन्माष्टमी के दिन कब है शुभ मुहूर्त, कब रहेगा राहुकाल? जानें 4 सितंबर का पंचांग
आज शुक्रवार 4 सितंबर जन्माष्टमी के दिन अष्टमी तिथि रात 12:13 बजे तक रहेगी. निशीथ काल में रात 11:57 से 12:43 बजे तक श्रीकृष्ण की पूजा होगी। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:01 से 12:50 बजे तक रहेगा, जबकि राहुकाल सुबह 10:52 से दोपहर 12:25 बजे तक रहेगा.
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धर्म ज्ञान03 Sep, 202607:00 AM3 सितंबर 2026 पंचांग: कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि पर बन रहे शुभ संयोग, जानें शुभ-अशुभ समय
गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है. इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप, ध्यान और दान-पुण्य करते हैं. पीले वस्त्र धारण करना, पीली वस्तुओं का दान करना और भगवान विष्णु को पीले फूल या भोग अर्पित करना धार्मिक परंपराओं में शुभ माना जाता है.
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धर्म ज्ञान02 Sep, 202602:13 PM52 गढ़ों में से एक है पौड़ी का भैरव गढ़ी मंदिर, गोरखाओं को भी झेलनी पड़ी थी हार, यहां आने वाले भक्तों की हर मनोकामना होती है पूरी
'भैरव गढ़ी मंदिर' गढ़वाल के 52 गढ़ों (किलों) में से एक (लंगूर गढ़) माना जाता है. इतिहास के अनुसार, 18वीं शताब्दी के अंत (लगभग 1791) और 19वीं शताब्दी की शुरुआत में जब नेपाल के गोरखाओं ने गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों पर आक्रमण किया, तो उन्होंने इस सामरिक रूप से महत्वपूर्ण लंगूरगढ़ को जीतने के लिए लगभग दो वर्षों तक घेराबंदी की थी.
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राज्य01 Sep, 202602:31 PM‘राजनीति के लिए संतों का अपमान बंद करें’, अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में संतों के अपमान पर भड़का सनातन समाज
साधु-संतों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि केवल एक वर्ग विशेष का तुष्टिकरण करने और चुनावी लाभ लेने के लिए अखिलेश यादव और उनकी पार्टी लगातार संत परंपरा और सनातन धर्म को अपमानित करने का दुस्साहस कर रही है, जिसे अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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क्राइम28 Aug, 202601:11 PMVatika Limited पर ED का बड़ा एक्शन, दिल्ली-NCR में 7 ठिकानों पर छापेमारी; 33 करोड़ की संपत्ति जब्त
ईडी की जांच में वाटिका ग्रुप से जुड़ी अलग-अलग जमीन की मालिक और ग्रुप कंपनियों और मुख्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है.