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3 सितंबर 2026 पंचांग: कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि पर बन रहे शुभ संयोग, जानें शुभ-अशुभ समय

गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है. इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप, ध्यान और दान-पुण्य करते हैं. पीले वस्त्र धारण करना, पीली वस्तुओं का दान करना और भगवान विष्णु को पीले फूल या भोग अर्पित करना धार्मिक परंपराओं में शुभ माना जाता है.

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03 Sep 2026
( Updated: 04 Sep 2026
01:51 PM )
3 सितंबर 2026 पंचांग: कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि पर बन रहे शुभ संयोग, जानें शुभ-अशुभ समय
Image Credits: AI/IANS
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हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना गया है.तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के आधार पर दिन के शुभ-अशुभ समय का निर्धारण किया जाता है.3 सितंबर 2026, गुरुवार को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि रहेगी.इस दिन कृतिका नक्षत्र और व्याघात योग का संयोग बन रहा है.गुरुवार होने के कारण भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा के लिए भी दिन विशेष माना जाता है.

नक्षत्र

पंचांग के अनुसार, 3 सितंबर को गुरुवार का दिन है.इस दिन कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि, कृतिका नक्षत्र, व्याघात योग और विष्टि करण रहेगा.सप्तमी तिथि 4 सितंबर की रात 2:26 बजे तक रहेगी जबकि कृतिका नक्षत्र रात करीब 12:30 बजे तक रहेगा.

योग

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कृतिका नक्षत्र को ऊर्जा, साहस और दृढ़ता से जोड़कर देखा जाता है.वहीं, व्याघात योग को ज्योतिषीय परंपरा में सावधानी बरतने वाला योग माना जाता है.इसलिए इस दिन बड़े और नए कार्य शुरू करने से पहले शुभ मुहूर्त और पंचांग का विचार करना उचित माना जाता है.विष्टि करण को भी सामान्यतः शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता.

अभिजित मुहूर्त और राहुकाल 

3 सितंबर को अभिजित मुहूर्त सुबह 11:33 बजे से दोपहर 12:23 बजे तक रहेगा.वहीं, राहुकाल दोपहर 1:33 बजे से 3:07 बजे तक रहेगा.इस दौरान नए शुभ कार्य शुरू करने से बचने की धार्मिक मान्यता है.यमगंड सुबह 5:40 से 7:15 बजे और गुलिक काल सुबह 8:49 से 10:24 बजे तक रहेगा.

इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा करें 

वहीं, गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है.इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप, ध्यान और दान-पुण्य करते हैं.पीले वस्त्र धारण करना, पीली वस्तुओं का दान करना और भगवान विष्णु को पीले फूल या भोग अर्पित करना धार्मिक परंपराओं में शुभ माना जाता है.

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 इस दिशा की ओर यात्रा करना अशुभ

गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा में दिशाशूल होता है.ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन दक्षिण दिशा की ओर यात्रा करना अशुभ या कष्टकारी माना जाता है.यदि जाना जरूरी हो तो पारंपरिक उपायों को अपना सकते हैं.

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