पुष्कर की धार्मिक महत्ता केवल ब्रह्मा मंदिर तक सीमित नहीं है. पुष्कर सरोवर के किनारे पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है. मान्यता के अनुसार, यहां श्रद्धा के साथ किए गए श्राद्ध और तर्पण से पितरों को शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है.
-
धर्म ज्ञान24 Sep, 202608:13 PMब्रह्मा का एक मात्र मंदिर, पुष्कर सरोवर पितरों के मोक्ष का स्थान, जहां भगवान राम ने पिता दशरथ का किया था श्राद्ध
-
धर्म ज्ञान22 Sep, 202609:42 PMपितृपक्ष 2026: गयाजी जाने से पहले इस घाट पर पिंडदान करना है जरूरी, भगवान राम से जुड़ी है मान्यता
पुनपुन घाट की सबसे खास बात इससे जुड़ी भगवान राम और माता सीता की पौराणिक कथा है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब भगवान राम अपने पिता राजा दशरथ का श्राद्ध और पिंडदान करने के लिए निकले तो उन्होंने गया जाने से पहले पुनपुन नदी के तट पर अपने पूर्वजों के लिए तर्पण किया था.
-
राज्य16 Sep, 202607:40 PMमां तरकुलहा देवी धाम के प्राचीन पोखरे के कायाकल्प की जगी उम्मीद, CM योगी ने दो युवाओं से की मुलाकात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों युवाओं से मुलाकात की. उनके साथ फोटो खिंचवाई और आशीर्वाद दिया. मुख्यमंत्री ने दोनों युवाओं की भूरि भूरि प्रशंसा की.
-
धर्म ज्ञान10 Sep, 202612:20 PMगयाजी में ही क्यों किया जाता है पिंडदान? जानिए पितृपक्ष में इस धाम के विशेष महत्व की पूरी कहानी
हिंदू मान्यता के अनुसार पिंडदान पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का संस्कार है. माना जाता है कि गयाजी में पिंडदान करने से पितरों की अपूर्ण इच्छाओं की पूर्ति होती है, उन्हें शांति मिलती है और उनकी आत्मा उच्च लोकों की ओर अग्रसर होती है.
-
धर्म ज्ञान09 Sep, 202602:46 PMपितृपक्ष 2026 कब से शुरू होगा? जानिए पूरी श्राद्ध तिथियां और धार्मिक मान्यताएं
आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से पितृपक्ष की शुरुआत होती है. इस अवधि को श्राद्ध पक्ष भी कहते हैं. इस दौरान पितरों की आत्मशांति और तृप्ति के लिए घरों में श्राद्ध कर्म किए जाते हैं. इस दौरान पिंडदान का भी विशेष महत्व है.
-
Advertisement
-
धर्म ज्ञान06 Sep, 202605:45 AM6 सितंबर का पंचांग: आज भूलकर भी न करें ये काम, जानें राहुकाल, शुभ मुहूर्त और दिशाशूल का समय
6 सितंबर 2026 को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रात 7:29 बजे तक रहेगी, इसके बाद एकादशी शुरू होगी. सूर्योदय 6:14 और सूर्यास्त 6:36 बजे होगा. अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:49 बजे तक रहेगा, जबकि अमृत काल 10:32 से 12:02 बजे तक रहेगा.
-
धर्म ज्ञान05 Sep, 202606:15 AM5 सितंबर का पंचांग: राहुकाल से दिशाशूल तक, जानें आज क्या करें और किस समय से रहें सावधान
5 सितंबर 2026 को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि रात 9:53 बजे तक रहेगी, फिर दशमी शुरू होगी. शनिवार को शनि देव और हनुमान जी की पूजा कर सिंदूर व चोला अर्पित करना शुभ माना जाता है.
-
धर्म ज्ञान04 Sep, 202606:00 AMजन्माष्टमी के दिन कब है शुभ मुहूर्त, कब रहेगा राहुकाल? जानें 4 सितंबर का पंचांग
आज शुक्रवार 4 सितंबर जन्माष्टमी के दिन अष्टमी तिथि रात 12:13 बजे तक रहेगी. निशीथ काल में रात 11:57 से 12:43 बजे तक श्रीकृष्ण की पूजा होगी। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:01 से 12:50 बजे तक रहेगा, जबकि राहुकाल सुबह 10:52 से दोपहर 12:25 बजे तक रहेगा.
-
धर्म ज्ञान03 Sep, 202607:00 AM3 सितंबर 2026 पंचांग: कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि पर बन रहे शुभ संयोग, जानें शुभ-अशुभ समय
गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है. इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप, ध्यान और दान-पुण्य करते हैं. पीले वस्त्र धारण करना, पीली वस्तुओं का दान करना और भगवान विष्णु को पीले फूल या भोग अर्पित करना धार्मिक परंपराओं में शुभ माना जाता है.