दिल्ली में सियासी घमासान के बीच सोनम वांगचुक से केंद्रीय मंत्रियों की मुलाकात, क्या निकलेगा कोई समाधान?
सोनम वांगचुक को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत मिलने के बाद उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने उनसे मुलाकात की. इस मुलाकात को सरकार की ओर से बातचीत की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है.
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देश की राजधानी दिल्ली में बीते कई दिनों से सियासी हंगामा देखने को मिल रही है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर लगातार सीजेपी समेत तमाम विरोधी दलों का विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. इस बीच सीजेपी प्रोटेस्ट को समर्थन दे रहे सोनम वांगचुक से सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में मुलाकात की है. बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को सोनम वांगचुक को बड़ी राहत देते हुए उन्हें सफदरजंग से मेदांता अस्पताल में शिफ़्ट होने की अनुमति दी है.
सरकार ने शुरू की बातचीत की पहल
दरअसल, दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार की शाम सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल छुट्टी मिली. इसके बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के साथ गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया. इस बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह का सोनम वांगचुक से मुलाकात यह संदेश दे रहा है कि सरकार ने अब बातचीत की पहल शुरू कर दी है. ऐसे में अब यह संकेत भी मिल रहे हैं कि मोदी सरकार ने अपने मंत्रियों को बातचीत के लिए मैदान में उतार दिया है ताकि जल्द राजधानी दिल्ली में सबकुछ सामान्य हो सके.
28 जून से भूख हड़ताल पर हैं सोनम वांगचुक
जानकारी देते चलें कि सोनम वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के अगुवाई में शुरू हुए विरोध प्रदर्शन को समर्थन देते हुए 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं, उनका मानना है कि सरकार को शिक्षा व्यवस्था में अपनी जवाबदेही सही तरह से तय करनी चाहिए. इनकी मुख्य मांगो में NEET समेत कई परीक्षाओं के पेपर लीक, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान परीक्षा के नियमों में पारदर्शिता लाने की मांग शामिल है. इसी अनशन के दौरान दिल्ली पुलिस ने 18 जुलाई की सुबह सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सुबह सफदरजंग अस्पताल लेकर गई. इसके बाद उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो कोर्ट से अपील की थी कि सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल शिफ्ट किया जाए.
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बहरहाल, सोनम वांगचुक से केंद्रीय मंत्रियों की मुलाकात के बाद यह देखना अहम होगा कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत अब किस दिशा में आगे बढ़ती है. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या इस पहल से कोई ठोस समाधान निकलता है या फिर विरोध प्रदर्शन और तेज़ होगा. लेकिन मंगलवार को जिस तरह से कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अखिलेश यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकारी आवास के बाहर प्रदर्शन के लिए पहुंचे और उन्हें पुलिस ने हिरासत में लेकर वहां से हटाया वो इस बात का संकेत देता है कि आने वाले दिनों में सरकार के लिए चुनौती बढ़ सकती है.