उदयनिधि स्टालिन अरेस्ट, चेन्नई में बवाल; CM विजय का नाम लेकर की थी 'डबल मीनिंग' बात
Udhayanidhi Stalin Arrested: एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने अभिनेत्री तृषा को लेकर विवादित टिप्पणी की थी. इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है
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Udhayanidhi Stalin Arrested: तमिलनाडु में इन दिनों कावेरी जल विवाद को लेकर सीएम विजय थलपति पर निशाना साधते-साधते एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने अभिनेत्री तृषा को लेकर विवादित टिप्पणी की थी. इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है. रैली के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने 'तृषा, तृषा' के नारे लगाए. आरोप है कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर निशाना साधने की कोशिश में उदयनिधि ने ‘डबल मीनिंग’ अश्लील टिप्पणी की, जिसे कई लोगों ने अभिनेत्री तृषा से जोड़कर देखा. उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और इसके बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी का दौर शुरू हो गया. विपक्षी दलों का कहना है कि सार्वजनिक मंच से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. उदयनिधि ने कहा है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं कहा था और ना ही किसी का नाम लिया था. अब कोर्ट ही सही गलत का फैसला करेगा. स्टालिन ने यह भी कहा कि इसका परिणाम भुगतने के लिए वह तैयार हैं.
#WATCH | DMK leader and LoP Udhayanidhi Stalin detained by Police from his Chennai residence, following an FIR against him over his alleged defamatory remarks against actor Trisha and CM Vijay. Slogans directed at actor Trisha were raised at his rally yesterday. pic.twitter.com/JUk7cpaTdG
— ANI (@ANI) August 4, 2026
रैली के दौरान क्या हुआ?
तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था, जिसकी अगुवाई उदयनिधि स्टालिन कर रहे थे. अपने भाषण के दौरान वह मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की आलोचना कर रहे थे. इसी बीच भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने अचानक अभिनेत्री तृषा का नाम लेकर नारे लगाने शुरू कर दिए. कुछ पल के लिए उदयनिधि रुके, मुस्कुराए और एक टिप्पणी की, जिसे लेकर विवाद शुरू हो गया.
उन्होंने कहा कि "पानी कहीं और पहुंचे या न पहुंचे, वहां जरूर पहुंचना चाहिए." इसके तुरंत बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए यह भी कहा कि उनका इशारा कावेरी नदी के पानी की ओर था. हालांकि, उनके इस बयान को लेकर अलग-अलग तरह की व्याख्याएं होने लगीं और कई लोगों ने इसे अभिनेत्री तृषा और मुख्यमंत्री विजय पर तंज के रूप में देखा.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
रैली का यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया. वीडियो वायरल होते ही लोगों ने इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी. किसी ने इसे राजनीतिक कटाक्ष बताया तो कई लोगों ने इसे अनुचित और मर्यादा के खिलाफ बताया. देखते ही देखते यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया.
TVK ने जताई कड़ी नाराजगी
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है. पार्टी के विधायक रेवंत चरण ने ने लिखा कि बिल्कुल घिनौना...किसी के भी खिलाफ ऐसी शर्मनाक टिप्पणी करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है. इससे उस परिवार की सोच, राजनीतिक संस्कृति और गिरते स्तर का पता चलता है." उन्होंने आगे कहा कि यह उस नेता के लिए एक नया निचला स्तर है...उन्होंने आरोप लगाया कि कावेरी मुद्दे पर आयोजित प्रदर्शन में उम्मीद के मुताबिक भीड़ नहीं जुटी, इसलिए ध्यान आकर्षित करने के लिए इस तरह के विवादित बयान दिए गए. उनका कहना था कि जनता अब ऐसी राजनीति को पसंद नहीं करती और यही वजह है कि लोगों का भरोसा धीरे-धीरे DMK से कम हो रहा है.
Absolutely disgusting.
— Rhevanth Charan (@rhevanth95) August 3, 2026
Passing such disgraceful comments against anyone is completely unacceptable. It exposes the mindset, political culture, and declining standards of the Arivalayam clan.
Your announced protest collapsed even before it could begin. Now, desperate for… https://t.co/3nz0iTSRDF
भाजपा ने भी की कार्रवाई की मांग
इस मामले पर भाजपा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है. तमिलनाडु भाजपा के प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी को अशोभनीय और शर्मनाक बताया. उन्होंने सवाल उठाया कि इस पूरे मामले पर DMK नेतृत्व की ओर से अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई.
भाजपा ने मांग की है कि इस बयान की जांच हो और अगर जरूरत पड़े तो उदयनिध स्टालिन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाए...पार्टी का कहना है कि सार्वजनिक मंच पर नेताओं को अपनी भाषा और शब्दों का खास ध्यान रखना चाहिए.
कावेरी विवाद के बीच बढ़ा राजनीतिक तनाव
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यह पूरा विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब तमिलनाडु सरकार कावेरी नदी के पानी को लेकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है. राज्य सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुकी है और कानूनी समाधान की मांग कर रही है. लेकिन अब इस बयान को लेकर शुरू हुआ नया विवाद कावेरी मुद्दे से ज्यादा राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है. आने वाले दिनों में यह मामला तमिलनाडु की राजनीति में और अधिक गरमा सकता है.