दिल्ली में आज हाई वोल्टेज सियासी घमासान, संसद मार्च के बीच सोनम वांगचुक का बड़ा ऐलान; अनशन खत्म करने के लिए रखीं 3 शर्तें
दिल्ली में आज संसद के मानसून सत्र के साथ सियासी हलचल तेज है। सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल जारी है, जबकि CJP ने संसद मार्च का ऐलान किया है. पुलिस ने मार्च की अनुमति नहीं दी है और कानून तोड़ने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है. वहीं, वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए सरकार के सामने तीन शर्तें रखी हैं.
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देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को सियासी हलचल तेज रहने वाली है. एक ओर संसद के मानसून सत्र की शुरुआत हो रही है, तो दूसरी ओर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोनम वांगचुक की सफदरजंग अस्पताल में भूख हड़ताल जारी है. इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी आज संसद मार्च का ऐलान किया है. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस मार्च की अनुमति देने से इनकार कर दिया है. पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई कानून-व्यवस्था भंग करने या निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
इन सबके बीच सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने के लिए सरकार के सामने तीन शर्तें रखी हैं. उन्होंने एक पत्र के जरिए कहा है कि अगर उनकी तबीयत में सुधार नहीं होता है, तो सांसदों और नेताओं को अस्पताल आकर उनसे बातचीत करनी होगी. ऐसे में संसद के पहले दिन सत्ता पक्ष से लेकर विपक्षी दलों की तमाम गतिविधियां चर्चा का केंद्र बने हुए हैं.
सोनम वांगचुक ने अनशन को लेकर दिया बड़ा संदेश
दरअसल, पहले इस बात की चर्चा थी कि यदि संसद के मानसून सत्र में शिक्षा व्यवस्था और जवाबदेही का मुद्दा उठाया जाता है, तो सोनम वांगचुक अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं. रविवार को उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने भी यही संकेत दिया था. इस बीच वांगचुक का 19 जुलाई का एक पत्र सामने आया है, जिसे उन्होंने कथित तौर पर सफदरजंग अस्पताल में कथित 'अवैध हिरासत' के दौरान लिखा है. पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि अस्पताल में उनकी गतिविधियों, भाषण देने और लोगों से बातचीत करने पर पाबंदियां लगाई गई हैं. यह पत्र ऐसे समय में सामने आया है, जब सोमवार, 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले संसद मार्च की तैयारी की जा रही है.
जानें क्या है शर्त?
अपने पत्र में सोनम वांगचुक ने कहा कि कई लोग लगातार उनसे पूछ रहे हैं कि वह अपना अनशन कब समाप्त करेंगे. उन्होंने बताया कि पहले भी समर्थकों को स्पष्ट किया जा चुका है कि यदि उनकी तय शर्तें पूरी होती हैं, तो वह 20 जुलाई को भूख हड़ताल खत्म करने के लिए तैयार हैं. वांगचुक ने अपनी पहली शर्त का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार हाल के पेपर लीक जैसे मामलों समेत शिक्षा व्यवस्था में हुई कथित विफलताओं की जवाबदेही तय करे. उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं को संसद के प्रवेश द्वार तक जाने की अनुमति मिलती है और वहां विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद उन्हें भरोसा दिलाते हैं कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाया जाएगा, तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे. उन्होंने आगे लिखा कि यदि स्वास्थ्य संबंधी या किसी अन्य कारण से वह संसद नहीं पहुंच पाते हैं, तो विभिन्न दलों के सांसद अस्पताल आकर उनसे मुलाकात करें और शिक्षा के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने का आश्वासन दें. ऐसी स्थिति में भी वह अपना अनशन खत्म करने के बारे में सोचेंगे.
सोनम वांगचुक की पत्नी ने क्या कहा?
रविवार रात जंतर-मंतर पर संबोधित करते हुए सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि यदि राजनीतिक दलों के नेता अस्पताल पहुंचकर वांगचुक से मुलाकात करते हैं और उन्हें भरोसा दिलाते हैं कि संसद के मानसून सत्र में शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा, तो वह सोमवार को अपना अनशन समाप्त कर देंगे. उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च से पहले वांगचुक का संदेश भी पढ़कर सुनाया, जिसमें सभी समर्थकों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई.
कैसी है वांगचुक की तबियत?
गीतांजलि आंग्मो ने बताया कि सोनम वांगचुक ने सभी समर्थकों से सोमवार के प्रस्तावित मार्च को पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से आयोजित करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि आंदोलन का किसी भी तरह से गलत या राजनीतिक मकसद के लिए इस्तेमाल न होने पाए. वहीं, वांगचुक की सेहत को लेकर उठ रही चिंताओं पर गीतांजलि ने कहा कि उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है. उन्होंने बताया कि उन्होंने वांगचुक को बेहतर इलाज के लिए किसी निजी अस्पताल में स्थानांतरित कराने की मांग को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया था, लेकिन उन्हें इस मामले में राहत नहीं मिल सकी.
संसद मार्च को लेकर CJP का बड़ा दावा
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि प्रस्तावित 'संसद मार्च' से पहले ही जंतर-मंतर और उसके आसपास बड़ी संख्या में समर्थक जुट चुके हैं. उनके अनुसार, रविवार रात तक करीब 20 हजार लोग प्रदर्शन स्थल के आसपास मौजूद थे और लगातार लोगों का पहुंचना जारी था. सौरव दास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि 20 जुलाई आने से पहले ही जंतर-मंतर के आसपास हजारों लोग एकत्र हो चुके हैं. उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए कहा कि अब शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय करने का समय आ गया है.
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बहरहाल, संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही राजधानी दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एक तरफ संसद मार्च को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, तो दूसरी ओर सोनम वांगचुक के अनशन और उनकी ओर से रखी गई शर्तों पर सभी की नजरें टिकी हैं. अब देखना यह दिलचस्प होगा कि इस पूरे घटनाक्रम पर सत्ता पक्ष और विपक्ष क्या रूख अपनाते हैं.