सुरक्षा में लापरवाही : दिल्ली विधानसभा परिसर से संदिग्ध को सुरक्षा कर्मियों ने पकड़ा, मंत्री से जान पहचान होने का किया दावा
पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान दिल्ली के ही बुद्ध विहार निवासी नवीन डबस के रूप में हुई. नवीन डबस दिल्ली सरकार के अंतर्गत गेस्ट फैकल्टी (टीजीटी इंग्लिश) के रूप में कार्यरत हैं.
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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से बड़ी खबर सामने आई है. यहां मंगलवार को दिल्ली विधानसभा परिसर में एक व्यक्ति ने घुसने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने शख्स को हिरासत में ले लिया.
दिल्ली विधानसभा में प्रवेश की कोशिश
पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान दिल्ली के ही बुद्ध विहार निवासी नवीन डबस के रूप में हुई. नवीन डबस दिल्ली सरकार के अंतर्गत गेस्ट फैकल्टी (टीजीटी इंग्लिश) के रूप में कार्यरत हैं. वह पिछले लगभग 12 वर्षों से शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे हैं.
गेस्ट फैकल्टी शिक्षक हिरासत में
जानकारी के अनुसार व्यक्ति ने सरकारी पहचान पत्र दिखाकर मुख्य प्रवेश द्वार से प्रवेश किया था. पूछताछ में उसने गेस्ट फैकल्टी शिक्षकों से जुड़ी नीतियों में सुधार की मांग बताई. उसके पास से अब तक कोई संदिग्ध या आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई.
प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार की आपराधिक मंशा सामने नहीं आई. सुरक्षा की दृष्टि से संयुक्त पूछताछ की जा रही है. संदिग्ध ने पुलिस पूछताछ में दिल्ली के मंत्री के बुलावे पर आने का दावा किया है. हालांकि बाद में मंत्री से कोई जान पहचान न होने का खुलासा किया.
बता दें कि दिल्ली की आठवीं विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 जनवरी से शुरू हो चुका है, जो 8 जनवरी तक चलेगा. अगर आवश्यकता पड़ी तो सदन की सहमति से इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है.
विधानसभा में प्रदूषण को लेकर भारी हंगामा
दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन प्रदूषण को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला. आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों ने सदन में दिल्ली प्रदूषण का मुद्दा उठाया, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष के आदेश पर मार्शलों ने 'आप' के सभी विधायकों को सदन से बाहर कर दिया. इस दौरान चार विधायकों को तीन दिन के लिए निलंबित भी कर दिया गया.
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इस कार्रवाई को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है. 'आप' विधायक दल के चीफ व्हिप संजीव झा ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्लीवासियों के लिए इस समय सबसे बड़ी समस्या प्रदूषण है. ऐसे में सदन में उपराज्यपाल (एलजी) से इस मुद्दे पर सवाल पूछना अपराध कैसे हो गया? जनता की आवाज उठाने पर सरकार इतनी असहज हो गई कि चार विधायकों को निलंबित कर दिया गया.
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