असम में माधुर्य बर्मन की हत्या का आरोपी आसिफ खान एनकाउंटर में ढेर, CM हिमंत बिस्वा के निर्देश पर बड़ा एक्शन
असम पुलिस ने ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) के नेता माधुर्य बर्मन की हत्या के आरोपी आसिफ खान को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया है. लड़की के साछ छेड़छाड़ और हत्या के आरोपी आसिफ को पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में मार गिराया.
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ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) के नेता माधुर्य बर्मन की हत्या के आरोपी आसिफ खान उर्फ रोज अली को असम पुलिस ने ढेर कर दिया है. मुठभेड़ के दौरान आसिफ ने भागने की कोशिश की, जहां दोतरफा फायरिंग में वह मारा गया. यह कार्रवाई असम के नलबाड़ी जिले में हुई है.
आसिफ खान को असम पुलिस ने मुठभेड़ में किया ढेर
कहा जा रहा है कि नलबाड़ी जिले के रहने वाले माधुर्य बर्मन अपनी चचेरी बहन के साथ घर लौट रहे थे, इसी दौरान रास्ते में आसिफ खान ने बर्मन और उनकी बहन को रोक लिया. जिसका माधुर्य ने विरोध किया और बहसबाजी हुई. जिसके बाद आसिफ ने बर्मन और उनकी बहन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिसमें माधुर्य बर्मन की मौके पर ही जान चली गई. वहीं उनकी बहन को गंभीर रूप से घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया. उनका इलाज गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है.
पुलिस पर गोलीबारी कर फंस गया आसिफ
इसके बाद रविवार शाम से ही पुलिस आसिफ को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दे रही थी. जिसके बाद पुलिस ने उसे जिले के नदी तटीय इलाके से दबोच लिया. बकौल नलबाड़ी पुलिस, आसिफ ने गिरफ्तारी के बाद पुलिस की बंदूक छीनकर भागने की कोशिश की और पुलिस पर कुछ राउंड फायरिंग भी कर दी. जवाब में नलबाड़ी पुलिस ने भी फायरिंग की, जहां उसे गोली लगी और अस्पताल ले जाने के रास्ते में उसकी मौत हो गई है.
लड़की को लगातार कर रहा था परेशान!
आसिफ दिमागी तौर पर सनकी शख्स था, जो लगातार बर्मन की चचेरी बहन को परेशान कर रहा था और उसे स्टॉक कर रहा था. परिवार वालों के अनुसार आसिफ लड़की से शादी करना चाहता था और कई बार प्रेम प्रस्ताव भेज चुका था, जिसे लड़की ने हर बार ठुकरा दिया. परिवार ने आगे कहा कि इन्हीं परेशानियों की वजह से लड़की का अकेले बाहर निकलना मुश्किल हो गया था. इसी वजह से वह हमेशा परिवार के किसी ना किसी सदस्य के साथ बाहर जाया करती थी.
बाजार से लौटते वक्त आसिफ ने कर दिया लड़की और भाई पर हमला
रविवार की शाम भी लड़की अपने चचेरे भाई के साथ नलबाड़ी कस्बे के बाजार से घर लौट रही थी, जहां उसे आसिफ ने रास्ते में रोक लिया. इसी दौरान माधुर्य बर्मन की हत्या कर दी गई. इसके बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों का विरोध भड़क उठा था. लोग छात्र नेता माधुर्य बर्मन की हत्या के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे थे. इस घटना के बाद ‘लव जिहाद का बदला’ जैसे नारे भी लग रहे थे.
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