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मेरठ में आर्मी कैंट के पास तीन दिन तक दिखे 5 संदिग्ध ड्रोन, सेना ने दो को किया नष्ट, अलर्ट पर पुलिस और प्रशासन

मेरठ आर्मी कैंट के आस-पास 28 से 30 मई के बीच, करीब तीन दिनों तक पांच संदिग्ध ड्रोन देखे गए. हालांकि सेना ने इसमें से 2 को नष्ट कर दिया. वहीं पुलिस को अलर्ट पर रहने को कहा गया है. वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है.

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02 Jun 2026
( Updated: 02 Jun 2026
11:10 AM )
मेरठ में आर्मी कैंट के पास तीन दिन तक दिखे 5 संदिग्ध ड्रोन, सेना ने दो को किया नष्ट, अलर्ट पर पुलिस और प्रशासन
Meerut Cantt/ AI Image (Gemini)
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मेरठ से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आ रही है. यहां सैन्य और सुरक्षा के लिहाज से अतिसंवेदनशील आर्मी कैंट (सैन्य छावनी) में लगातार तीन दिन तक ड्रोन को डिटेक्ट किया है. इस हाई सेक्योर जोन में ड्रोन देखे जाने की खबर के बाद से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया. पुलिस और प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया. खबर के मुताबिक ये घटना 28 से 30 मई के बीच की है. इस दौरान रात के समय कुल पांच ड्रोन कैमरों को उड़ते हुए देखा गया. 

इस दौरान ड्यूटी पर तैनात चौंकन्ने जवानों ने ड्रोन को डिटेक्ट किया और सर्विलांस गतिविधियों को नोटिस किया. इतना ही नहीं जवानों ने ड्रोन के उड़ने का वीडियो भी बनाया. ताजा समाचार मिलने तक कुल दो ड्रोन को तो मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, जबकि तीन अन्य ड्रोन को लेकर जानकारी नहीं मिल पाई है, मामले की जांच जारी है. वहीं पुलिस और सेना नष्ट किए गए ड्रोन के मलबे की तलाश कर रही है.

सेना ने नष्ट किया 5 में से 2 ड्रोन

खबर के मुताबिक सेना ने आला अधिकारियों ने ड्रोन की गतिविधियों और उन्हें नष्ट किए जाने की सूचना स्थानीय पुलिस प्रशासन को दी है. वहीं पुलिस और सैन्य अधिकारियों की एक टीम ने ज्वांइट ऑपरेशन भी चलाया. 5 में से जिन 2 ड्रोन को नष्ट किया गया उनके मलबे की तलाश के लिए जंगलों और आसपास के क्षेत्रों में विस्तृत खोजबीन की गई, लेकिन कोई खास सफलता नहीं मिली और अवशेष बरामद नहीं किया जा सका. मामले की जांच से जुड़े अधिकारियों ने साफ किया है कि ड्रोन का मलबा बरामद किए जाने के बाद ही इसके मोटिव और सोर्स का पता किया जा सकेगा कि ड्रोन किस कैटेगरी के थे और उनका क्या उद्देश्य था, कितने घातक थे.

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ड्रोन में HD कैमरे की आशंका

हालांकि आशंका जताई जा रही है कि ड्रोन में संभवत: हाई-रेजोल्यूशन कैमरा लगा होगा. ऐसा ऑन ड्यूटी जवान द्वारा बनाए गए ड्रोन के वीडियो की जांच के बाद अंदाजा लगाया जा रहा है. इसी बीच सेना ने इस घटना को गंभीर माना है. इसे कैंट क्षेत्र में सैन्य प्रतिष्ठान और सिविलियंस की सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर माना है. इसे कैंट की सुरक्षा के लिहाज से सिरियस थ्रेट मानते हुए सेना की ओर से DIG कलानिधि नैथानी और एसएसपी अविनाश पांडेय को भी सूचना दे दी गई है.

पूरे इलाके की CCTV खंगाल रही पुलिस

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जानकारी के लिए बता दें कि पूरे मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी के नेतृत्व में पुलिस टीम को सैन्य क्षेत्र में जांच के लिए भेजा गया. इतना ही जांच का दायरा सरधना रोड, कंकरखेड़ा, आरवीसी और गंगानगर समेत कई इलाकों में बढ़ा दिया गया है. इसके अलावा आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि ड्रोन संचालकों को ट्रेस किया जा जा सके.

SP सिटी के नेतृत्व में हो रही मामले की जांच

खबर के मुताबिक बीते दिन सोमवार को भी दिन और रात के समय भी कुछ संदिग्ध ड्रोन्स के देखे जाने की जानकारी सामने आ रही है. इस लिहाज से सभी संबंधित थानों को अलर्ट कर दिया गया है. वहीं सेना ने भी सैन्य क्षेत्र में रात के समय निगरानी और गश्ती बढ़ा दी है. वहीं सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन के सोर्स और उनके मकसद का पता लगाने के लिए जोर-शोर से जुटी हुई हैं. हाल के समय ड्रोन स्पाई के मामलों को देखते हुए इसे किसी भी लिहाज से हल्के से नहीं लिया जा सकता. मामले की गंभीरता को देखते हुए सेना और पुलिस इसे गंभीरता से ले रही हैं. अधिकारियों ने बताया कि तिबंधित सैन्य क्षेत्र में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना दंडनीय अपराध है, जिसमें एफआईआर दर्ज होने के साथ एक लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है. फिलहाल पुलिस और सेना की संयुक्त टीम ड्रोन उड़ाने वालों के उद्देश्य और पहचान का पता लगाने में जुटी हुई हैं.

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सोमवार को भी दिखा ड्रोन! थानों को भी किया गया अलर्ट

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सूत्रों के मुताबिक सोमवार को भी दिन और रात के समय कुछ संदिग्ध ड्रोन देखे जाने की जानकारी मिली है. इसके बाद सभी संबंधित थानों को अलर्ट कर दिया गया है. वहीं सेना ने भी सैन्य क्षेत्र में रात के समय गश्त और निगरानी बढ़ा दी है. सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन उड़ाने वालों की पहचान और उनके मकसद का पता लगाने में जुटी हैं. हाल के जासूसी मामलों को देखते हुए जांच को गंभीरता से लिया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार प्रतिबंधित सैन्य क्षेत्र में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना दंडनीय अपराध है, जिसमें एफआईआर दर्ज होने के साथ एक लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है. पुलिस और सेना की संयुक्त टीम ड्रोन उड़ाने वालों के उद्देश्य और पहचान का पता लगाने में लगी हुई है.

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