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CJP में पड़ी फूट, विजेता दहिया ने इस्तीफा देने से अभिजीत दिपके के मुंह पर किया इनकार, फ़ोन पर क्या बात हुई, खुला राज

नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही सीजेपी में फूट पड़ती दिख रही हैं. दिपके ने दहिया को फ़ोन कर अपना पद छोड़ने को कहा, जिसे दहिया ने सिरे से ख़ारिज कर दिया.

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22 Jul 2026
( Updated: 22 Jul 2026
02:12 PM )
CJP में पड़ी फूट, विजेता दहिया ने इस्तीफा देने से अभिजीत दिपके के मुंह पर किया इनकार, फ़ोन पर क्या बात हुई, खुला राज
Image Source: IANS
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20 जुलाई को संसद मार्च के बीच विजेता दहिया के बर्गर खाने को लेकर हुए विवाद के बाद सीजेपी ने उन्हें प्रवक्ता पद से हटा दिया और उन्हें आंदोलन में नहीं आने को कहा गया है. दहिया ने CJP के एक्शन के बारे में खुलासा करते हुए एक निजी चैनल से बात में कहा कि उन्हें खुद अभिजीत दिपके ने कॉल किया था. दिपके ने दहिया को आंदोलन से दूर रहने को लेकर कहते हुए कहा कि अब उनकी जरूरत नहीं है. इस दौरान दिपके ने दहिया से इस्तीफा भी देने को कहा. दिपके की दहिया से ये बात आधिकारिक रूप से दहिया को सीजेपी के प्रवक्ता पद से हटाने के पहले हुई थी.

अभिजीत दिपेक ने फ़ोन कर विजेता दहिया से क्या कहा?

विजेता दहिया ने सीजेपी से निकाले जाने के बाद अभिजीत दिपके से हुई बातचीत के बारे में खुलासा करते हुए कहा कि उन्हें 'अभिजीत का एकदम से कॉल आया तो मुझे लगा कि वह भी कह रहा होगा कि विजेता भाई आप ठीक तो हो? इस टाइप की वीडियो देखी कि कोई तुम्हें धक्का दे रहा है. अभिजीत ने अचानक से कहा कि विजेता मत आओ, अब आपकी जरूरत नहीं है. एकदम से यह मेरे लिए चौंकाने वाला था कि यह क्या है. खैर कोई बात नहीं. मैंने कहा भी कि अभिजीत यह तो हमें दिख ही रहा है कि ना अंधभक्त ये सब कर रहे हैं, आंदोलन को बदनाम करने के लिए एक महीने से ऐसा कर रहे हैं. तुम्हारी भी वीडियो कचौड़ी खाते हुए चलाते हैं, लेकिन मैंने तो तुम्हारा इतना बचाव किया, हर प्रोपेगेंडा का जवाब दिया. अब हम उनके सामने घुटने क्यों टेक रहे हैं?'

इस्तीफा देने से विजेता दहिया का इनकार

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हालांकि दहिया ने इस्तीफा देने से इनकार करते हुए कहा कि उनसे अभिजीत दहिया ने आंदोलन के हित में अपना पद छोड़ दो. इसपर दहिया ने सरासर इनकार कर दिया. दहिया ने आगे कहा कि देखो, मैं इस्तीफा नहीं दूंगा.  ऐसा करो कि तुम ही मुझे निकाल दो, फिर उन्होंने ऐसा ही किया. आपको बता दें कि सीजेपी के संसद मार्च के बाद वायरल वीडियो पर संज्ञान लेते हुए, असंवेदनहीनता मानते हुए प्रवक्ता पद से हटाने की घोषणा की.

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दहिया को हटाने को लेकर CJP ने क्या कहा?

आपको बता दें कि दहिया को पद से हटाने को लेकर पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं पर पुलिस द्वारा कथित बल प्रयोग के दौरान विजेता दहिया के कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें उनका व्यवहार पार्टी के मूल्यों और सिद्धांतों के अनुरूप नहीं पाया गया.

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बयान में कहा गया, "हम अपने प्रवक्ता विजेता दहिया की अत्यंत असंवेदनशील हरकतों की कड़ी निंदा करते हैं. ऐसे समय में, जब शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी और हमारी टीम पुलिस हिंसा का सामना कर रही थी, उनका व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य था. यह गंभीर निर्णयहीनता को दर्शाता है और हमारे आंदोलन के मूल सिद्धांतों के विपरीत है."

पार्टी ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विजेता दहिया को तत्काल प्रभाव से प्रवक्ता पद से हटाया जा रहा है. साथ ही उन्हें पार्टी की सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों और दायित्वों से भी मुक्त कर दिया गया है.

विजेता दहिया का बर्गर खाने का वीडियो हुआ था वायरल!

बता दें कि 20 जुलाई को जब बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च करने की कोशिश में लगे हुए थे और इस दौरान लाठीचार्ज भी किया गया. बताया जा रहा है कि इस दौरान विजेता दहिया आंदोलन में नहीं थे. उनका बर्गर खाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

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हालांकि, दहिया का कहना है कि वह प्रदर्शन खत्म होने के बाद फ्रेश होने के लिए घर गए थे. उन्हें भूख लगी थी इसी कारण बर्गर खा लिया था. इसमें कोई गलत बात नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि इस बात पर विवाद प्रदर्शन में शामिल लोग नहीं कर रहे, बल्कि वे लोग इसे बढ़ावा दे रहे हैं, जो इस मार्च में कभी शामिल नहीं हुए.

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सीजेपी की तरफ से कहा गया है कि 21 जुलाई को भी जंतर-मंतर और उसके आस-पास भारी भीड़ जमा हो गई है. धर्मेंद्र प्रधान को जाना ही होगा. हम भी मौके पर मौजूद हैं और अपने प्रदर्शनकारियों को कानूनी और मेडिकल मदद दे रहे हैं. हम जरूर जीतेंगे.

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