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'हाउस अरेस्ट किया, मोबाइल जब्त कर लिया…', अभिजीत दिपके का पकड़ाया सफेद झूठ, फेक नैरेटिव फेल, सबूत सामने आ गया

सीजेपी के प्रमुख अभिजीत दिपके की ओर से सरकार के ख़िलाफ़ ग़लत नैरेटिव सेट की जा रही थी. हालांकि एक तस्वीर से उनकी हाउस अरेस्ट और मोबाइल फ़ोन जब्ती को लेकर किया जा रहा दावा फर्जी साबित हो गया है.

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22 Jul 2026
( Updated: 22 Jul 2026
12:31 PM )
'हाउस अरेस्ट किया, मोबाइल जब्त कर लिया…', अभिजीत दिपके का पकड़ाया सफेद झूठ, फेक नैरेटिव फेल, सबूत सामने आ गया
जेपी नड्डा से मिलता सीजेपी का प्रतिनिधिमंडल/ Image Source: IANS
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन लगातार जारी है. इससे पहले सरकार से सीजेपी के दो लोगों की मुलाकातें हुईं. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से CJP की ओर से आशुतोष रांका और सौरभ दास ने मुलाकात की थी.

इसके बाद CJP के प्रमुख अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि जेपी नड्डा के आवास पर उनके प्रतिनिधियों को 5 बजे तक नज़रबंद किया गया, उन्हें हाउस अरेस्ट किया गया. इसके अलावा उन्होंने कहा कि उनके दोनों लोगों के मोबइल जब्त कर लिए गए. उन्हें कोई भी इलेक्ट्रोनिक गैजेट लेने नहीं दिए गए.

हालांकि इसके बाद सामने आई तस्वीर से अभिजीत दिपके दावे की कलई खुल गई. इतना ही नहीं जेपी नड्डा के ट्विटर पर शेयर तस्वीर में साफ़ दिख रहा है कि सौरभ दास और आशुतोष रांका साथ में अपने मोबाइल ले गए. इतना ही नहीं उनके हाथ में पावर केबल भी थे. इससे साफ होता है कि दिपके सरासर झूठ बोले रहे थे और फेक नैरेटिव सेट करने की कोशिश कर रहे थे, जो कि फेल हो गया है.

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी सीजेपी

इस बीच संगठन के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बुधवार को कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से नहीं हटेंगे. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन युवाओं के मुद्दों को लेकर किया जा रहा है और इसे आगे भी जारी रखा जाएगा. आशुतोष रांका ने कहा, "हम लोग यहीं बैठे रहेंगे. जंतर-मंतर से हिलने वाले नहीं हैं, जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते."

राहलु गांधी के धरना प्रदर्शन पर सीजेपी ने टिप्पणी करने से किया इनकार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए रांका ने कहा कि यह उनका अधिकार है और संगठन इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता. उन्होंने कहा कि जो भी नेता या संगठन युवाओं के मुद्दों को उठा रहा है, उसका स्वागत किया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति या पार्टी अपने स्तर पर मुद्दे उठा सकती है, लेकिन अगर सभी लोग मिलकर काम करते हैं तो आंदोलन को ज्यादा मजबूती मिलती है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल अगर युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं तो यह अच्छी बात है. देश को सही दिशा में ले जाने के लिए सभी को साथ आने की जरूरत है.

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विजेता दहिया को हटाने को लेकर क्या होले आशुतोष रांका?

वहीं, प्रवक्ता विजेता दहिया को पद से हटाने को लेकर आशुतोष रांका ने कहा कि संगठन पहले ही इस संबंध में स्पष्टीकरण दे चुका है. उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे वीडियो सामने आए थे जो बेहद संवेदनशील थे और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए संगठन ने कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटाने का फैसला किया.

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प्रदर्शन को मिल रहे समर्थन और खाने-पीने की सामग्री पहुंचने को लेकर उठ रहे सवालों पर भी रांका ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति या संगठन की फंडिंग नहीं है, बल्कि देश के लोगों का समर्थन है. उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों से लोग प्रदर्शनकारियों के लिए खाना भेज रहे हैं. रांका ने कहा कि बिहार, अहमदाबाद, केरल और जयपुर जैसे कई स्थानों से लोग ऑर्डर भेज रहे हैं. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोग खुद बता रहे हैं कि उन्होंने कहां से कहां मदद भेजी जा रही है.

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