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जंतर-मंतर प्रदर्शन: अनशन खत्म करने को तैयार सोनम वांगचुक, लेकिन… सरकार के सामने रख दीं ये बड़ी शर्तें

सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक लेटर शेयर करते हुए अपनी शर्तें रखी और कहा कि वे अनशन खत्म करने के लिए तैयार हैं.

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22 Jul 2026
( Updated: 22 Jul 2026
06:05 PM )
जंतर-मंतर प्रदर्शन: अनशन खत्म करने को तैयार सोनम वांगचुक, लेकिन… सरकार के सामने रख दीं ये बड़ी शर्तें
Image Source- IANS
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NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के समर्थन में अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल खत्म करने की बात कही है, लेकिन शर्तों के साथ. वांगचुक ने सरकार से आंदोलनकारी छात्रों पर कार्रवाई न करने की मांग की है. 

दरअसल, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मंगलवार देर रात गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना था. इसके बाद आज सोनम वागंचुक ने दोनों केंद्रीय मंत्रियों को लिखकर बड़ी मांग की है. साथ ही साथ सेहत का हाल जानने के लिए दोनों का आभार भी जताया है. 

सोनम वांगचुक ने सरकार के सामने क्या शर्ते रखीं? 

  • छात्रों के खिलाफ सरकार कोई दंडात्मक कार्रवाई न करे 
  • सरकार से मांगा लिखित आश्वासन 
  • परीक्षा पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग
  • पेपर लीक से आहत होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग 
  • शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर संसद में सार्थक चर्चा सुनिश्चित करने की मांग
  • शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर विचार किए जाने की मांग

सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक लेटर शेयर करते हुए अपनी शर्तें रखी और कहा कि वे अनशन खत्म करने के लिए तैयार हैं. 

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सोनम वांगचुक ने जेपी नड्डा से मुलाकात पर क्या कहा? 

वांगचुक ने लिखा, केंद्रीय मंत्रियों ने मुलाकात के दौरान उन्हें भरोसा दिलाया है कि सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रूप से विचार करेगी. इनमें परीक्षा पेपर लीक की घटनाओं के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर संसद में सार्थक चर्चा सुनिश्चित करने जैसी मांगें शामिल हैं. 

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि चर्चा के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर भी विचार किए जाने की बात सामने आई. अपने पत्र में वांगचुक ने 20 जुलाई को आयोजित 'चलो संसद' मार्च का भी जिक्र किया. 

उन्होंने कहा कि पुलिस की कथित सख्ती और बल प्रयोग के बावजूद यह मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा. देश और दुनिया ने देखा कि युवाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखी और संयम का परिचय दिया. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस आंदोलन में भाग लेने वाले छात्रों और युवाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की प्रतिशोधात्मक या कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी. 

जेपी नड्डा ने की अनशन खत्म करने की अपील 

सोनम वांगचुक ने बताया कि केंद्रीय मंत्रियों की मुलाकात के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने उन्हें पत्र लिखकर अनशन खत्म करने की अपील की है. कुछ सांसद व्यक्तिगत रूप से उनसे मिलने भी पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि सभी सांसदों ने उन्हें याद दिलाया कि देश और शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान अभी बाकी है. 

हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह केवल व्यक्तिगत आग्रहों के आधार पर अनशन खत्म नहीं कर सकते. उन्होंने लिखा, 

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‘मैं जीना चाहता हूं. मैं अपने छात्रों और शिक्षा के क्षेत्र में लौटना चाहता हूं, लेकिन जिन युवाओं के लिए यह आंदोलन शुरू हुआ, उनके हितों की अनदेखी करके ऐसा नहीं कर सकता.’

उन्होंने कहा, इन युवाओं का एकमात्र उद्देश्य एक निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग करना है. अगर सरकार यह भरोसा देती है तो वह विश्वास के साथ अपना अनशन खत्म कर देंगे, लेकिन ऐसा नहीं होता तो उन्हें अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. सोनम वांगचुक ने सरकार से यह भी अपील की, आंदोलन को कंट्रोल करने के लिए पुलिस की ओर से आगे किसी तरह के बल प्रयोग से बचा जाए. युवा जब साहस, उम्मीद और लोकतांत्रिक भावना के साथ अपनी आवाज उठाते हैं, तो उनकी बात सुनना लोकतांत्रिक व्यवस्था की जिम्मेदारी है. 

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