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रामबन: भूस्खलन के कारण श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग फिर बंद, यात्री रहें सतर्क

जम्मू डिवीजन में राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी बारिश हो रही है. अधिकारियों ने कहा कि खराब मौसम के कारण मरम्मत का काम बाधित हुआ है.

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08 Apr 2026
( Updated: 08 Apr 2026
04:26 PM )
रामबन: भूस्खलन के कारण श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग फिर बंद, यात्री रहें सतर्क
Image Credits: IANS
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रामबन जिले के बनिहाल सेक्टर में ताजा भूस्खलन के कारण रणनीतिक रूप से अहम श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी बंद रहा. 

श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग दूसरे दिन भी बंद रहा

यातायात विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच44) अवरुद्ध हो गया है और शालगढ़ी, बनिहाल में सड़क को साफ करने का काम चल रहा है, जिसमें कुछ समय लगेगा.

इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार बारिश हो रही है. लोगों को सलाह दी गई है कि जब तक सड़क पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाती, तब तक एनएच-44 पर यात्रा न करें.

अधिकारियों ने कहा, "कृपया अफवाहों पर ध्यान न दें और श्रीनगर व जम्मू में स्थित यातायात पुलिस के नियंत्रण कक्षों से सड़कों की स्थिति की जानकारी लें."

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ताजा हिमस्खलन और भूस्खलन के कारण राजमार्ग फिर बंद

सोमवार को राजमार्ग वाहनों के लिए फिर से खोल दिया गया था लेकिन ताजा हिमस्खलन और भूस्खलन के कारण सड़क क्षतिग्रस्त हो गई और इसे फिर से बंद कर दिया गया.

रामबन जिले के करोल ब्रिज और चंदरकोट में भूस्खलन के मलबे को हटाया जा रहा था, तभी बनिहाल सेक्टर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक और भूस्खलन हो गया.

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जम्मू डिवीजन में राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी बारिश हो रही है. अधिकारियों ने कहा कि खराब मौसम के कारण मरम्मत का काम बाधित हुआ है.

300 किलोमीटर लंबा राजमार्ग चारों ओर से पहाड़ियों और जमीन से घिरा

लगभग 300 किलोमीटर लंबा यह राजमार्ग, जो चारों ओर से पहाड़ियों और जमीन से घिरे घाटी क्षेत्र से होकर गुजरता है, यहां के लोगों के जीवन रेखा की तरह है. अधिकांश आवश्यक वस्तुएं अभी भी इसी राजमार्ग के माध्यम से घाटी में पहुंचाई जाती हैं.

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जम्मू और घाटी के बीच रेल संपर्क चालू होने के बावजूद एलपीजी, पेट्रोल, डीजल और केरोसिन के साथ-साथ मटन, पोल्ट्री और सब्जियां अभी भी टैंकरों व ट्रकों के माध्यम से घाटी में पहुंचाई जाती हैं.

जब तक मालगाड़ियां व्यस्त मौसम के दौरान जीवन की आवश्यक वस्तुएं और फल-सब्जियां ले जाना शुरू नहीं करतीं, तब तक घाटी के लोग राजमार्ग पर ही निर्भर रहेंगे.

श्रीनगर और जम्मू के बीच रास्ता लगभग पांच घंटे का है

नए पुलों, फ्लाईओवरों और सुरंगों के निर्माण के साथ ही बड़े पैमाने पर नवीनीकरण और जीर्णोद्धार कार्यों के कारण श्रीनगर और जम्मू के बीच यात्रा का समय पहले के 10-12 घंटे से घटकर लगभग पांच घंटे रह गया है. 

इसके बावजूद, रामसू से रामबन तक का यह क्षेत्र पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील होने के कारण राजमार्ग मौसम पर अत्यधिक निर्भर रहता है. बारिश के दौरान भूस्खलन और पत्थर गिरने के कारण इस हिस्से में अक्सर राजमार्ग अवरुद्ध हो जाता है और मरम्मत कार्य में कई दिन लग जाते हैं.

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