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झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के मुद्दे पर संसद में आमने-सामने विपक्ष, तनातनी दिखी, सदन में भी गतिरोध बरकरार

संसद में झारखंड के छात्रों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं. मकर द्वार पर सत्ताधारी सांसदों ने भी प्रदर्शन किया और राहुल गांधी को चर्चा में भाग लेने की चुनौती दी. इस दौरान विपक्षी सांसदों की ओर से भी गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग की गई.

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11 Aug 2026
( Updated: 11 Aug 2026
03:21 PM )
झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के मुद्दे पर संसद में आमने-सामने विपक्ष, तनातनी दिखी, सदन में भी गतिरोध बरकरार
Image Source: IANS
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संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को एनडीए और विपक्षी सांसदों का आमना-सामना हुआ, जब दोनों पक्षों ने संसद के मकर द्वार के बाहर विभिन्न मुद्दों पर अलग-अलग विरोध प्रदर्शन किए. इन मुद्दों में झारखंड के छात्रों के आंदोलन से संबंधित विपक्ष का चुनिंदा आक्रोश और संसद में व्यवधान शामिल था.  

संसद में पक्ष और विपक्ष में वार पलटवार

जहां एक ओर भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने विपक्ष पर कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाया, वहीं विपक्ष ने मांग की है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में उपस्थित होकर प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर अपनी बात रखें.

एनडीए सांसदों ने तख्तियां लेकर विपक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी को निशाना बनाते हुए नारे लगाए और उन पर छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर चर्चा से "भागने" का आरोप लगाया. उनका यह विरोध ऐसे समय में हुआ जब केंद्र सरकार ने दोहराया कि गृह मंत्री अमित शाह इस मामले पर संसद में बयान देने के लिए तैयार हैं.

राहुल गांधी से बीजेपी ने मांगा हिसाब

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भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के सांसदों को "गृह मंत्री की चर्चा से राहुल गांधी भागो मत" जैसे नारे लिखे हुए तख्तियां लिए देखा गया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि विपक्ष जानबूझकर छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर चर्चा से बच रहा है.

विपक्ष के खिलाफ बैनर और पोस्टर लिए हुए एनडीए सांसदों ने कहा कि भले ही सरकार छात्रों के विरोध प्रदर्शन के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है लेकिन इंडिया ब्लॉक चर्चा से बचने के लिए संसद की कार्यवाही को बाधित करने की कोशिश कर रहा है.

कुछ सांसदों को झारखंड में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर विपक्ष की "चुप्पी" की निंदा करते हुए बैनर पकड़े हुए भी देखा गया और उन्होंने इस मुद्दे पर राहुल गांधी से बयान की मांग की.

इसी बीच, कांग्रेस सांसदों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए गृह मंत्री अमित शाह से सदन में आकर बयान देने की मांग की. उन्होंने "अमित शाह सदन में आओ" जैसे नारे लगाए और जोर देकर कहा कि गृह मंत्री को प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर स्वयं संसद को संबोधित करना चाहिए.

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कांग्रेस ने भी बीजेपी को घेरा

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि संसद में गृह मंत्री की उपस्थिति के बिना चर्चा संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह सदन से भाग जाते हैं लेकिन हम नहीं. वे खुद को 'लोहे का पुरुष' कहते हैं लेकिन लोहा जंग खा चुका है. ये आरएसएस वाले हमेशा से ऐसे ही रहे हैं. ये सबसे बड़े कायर हैं. 

उन्होंने कहा, "हमारी सरकार सत्ता में आई तो हम उन्हें मुंहतोड़ जवाब देंगे. आरएसएस नामक संगठन का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा." 

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झारखंड सरकार का बचाव करते हुए कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने राज्य सरकार की आलोचना करने पर भाजपा पर निशाना साधा.

कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि आप सत्ता में हैं लेकिन फिर भी कुछ भी हासिल करने में असमर्थ हैं. आप झारखंड की बात करते हैं, जहां सरकार इस मुद्दे पर काम कर रही है. हमारे नेता राहुल गांधी ने कहा है कि छात्रों को दबाया नहीं जाना चाहिए और उनकी चिंताओं को सुना जाना चाहिए.

इसी बीच, भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने राहुल गांधी पर छात्रों से जुड़े मुद्दों पर चयनात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने झारखंड में हो रहे घटनाक्रमों को नजरअंदाज किया जा रहा है.

अमित शाह के समर्थन में एनडीए सांसदों ने निकाला मार्च, झारखंड मुद्दे पर विपक्ष पर साधा निशाना

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वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समर्थन और विपक्ष के विरोध में एनडीए सांसदों ने मंगलवार को संसद के मकर द्वार की ओर मार्च किया. उन्होंने झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से जवाब मांगा. 

भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा, 'हम सब हर चर्चा के लिए तैयार हैं, उसके बाद भी राहुल गांधी चर्चा नहीं होने दे रहे हैं. हर बार सदन की कार्यवाही को रोक रहे हैं, इसलिए हम लोग उनके खिलाफ मार्च कर रहे हैं."

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा,"झारखंड के युवाओं के साथ न्याय हो. उन पर जिस तरह से अत्याचार किया गया ये राहुल गांधी की सोच दिखाती है कि उनके समर्थक राज्य में कैसे युवाओं के साथ अत्याचार हो रहा है और न्याय नहीं हो रहा है. दूसरी ओर वे गृह मंत्री से जवाब मांगते हैं और खुद सदन में नहीं आते हैं. गृह मंत्री जवाब देने को तैयार हैं, लेकिन राहुल गांधी केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए झूठे बयान दे रहे हैं."

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झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर एनडीए सांसदों ने संसद परिसर में मार्च निकाला. भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, "कांग्रेस पार्टी 'झूठ की दुकान' बन गई है. कांग्रेस छात्रों का इस्तेमाल करके राजनीति करने की कोशिश करती है, लेकिन जब छात्रों को न्याय दिलाने की बात आती है तो राहुल गांधी, कांग्रेस और उनके सहयोगी पीछे हट जाते हैं."

भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, "रांची में जिस तरह से उनकी सरकार है और जिस तरह से पुलिस ने लाठीचार्ज किया है, वाटर कैनन चलाए हैं आज वे चुप हैं? यहां पर हंगामा है. आज उनकी चुप्पी से वे देश के सामने बेनकाब हो रहे हैं."

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, "जिस तरह से विपक्ष पूरे सत्र को बाधित करता रहा. आज जब सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है तो विपक्ष गोलपोस्ट बदलता रहता है. कभी कहता है कि वे एक मुद्दा उठाना चाहते हैं, तो कभी दूसरे पर जवाब मांग रहे हैं. गोलपोस्ट बदलते रहने की विपक्ष और राहुल (गांधी) की इस प्रवृत्ति ने सदन के कामकाज को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है."

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बीजेपी ने चर्चा से भागने का राहुल गांधी पर लगाया आरोप!

भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा, "झारखंड में राहुल गांधी विपक्ष के नेता की तरह जवाब दे रहे हैं. वह जो कहते हैं उसे टाल देते हैं. वह भूल रहे हैं कि झारखंड में छात्र जवाबदेही की मांग कर रहे हैं. राहुल गांधी शायद भूल रहे हैं कि उनकी पार्टी झारखंड में सरकार में भागीदार है. छात्र बयान नहीं चाहते, वे कार्रवाई चाहते हैं."

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भाजपा सांसद निशिकांत दूबे ने कहा, "ये जो राहुल गांधी का दोहरा चरित्र है जिस तरह से मोदी विरोध की उनकी आग है जिसमें देश तोड़ने वाले तत्वों के साथ वो हमेशा शामिल रहते हैं, उनके लिए संदेश है कि अपनी दोहरी मानसिकता को बंद करें. आप छात्रों के साथ आएं और उनको न्याय दिलाएं."

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झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर भाजपा सांसद अशोक मित्तल ने कहा, "छात्रों के साथ हिंसा हुई है. उन्हें पीटा गया और विधानसभा परिसर के अंदर हम पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए. यह बेहद निंदनीय है और वहां की सरकार की ओर से किया गया शर्मनाक काम है, जिसमें कांग्रेस पूरी तरह शामिल है. छात्रों को जिस तरह से पीटा गया, वह बहुत निंदनीय है. दिल्ली में तो उनका दोहरा रवैया रहता था, लेकिन अब वहां पहुंचने पर क्या हो गया है? छात्रों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है. मैं इसकी निंदा करता हूं और कहना चाहता हूं कि यही कांग्रेस का असली चेहरा है. हमें इससे खुद को बचाना होगा. छात्रों को इससे बचाना होगा."

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