नोएडा इंजीनियर मौत मामला: फॉरेंसिक टीम ने किया घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण, सीएम योगी ने खुद लिया था मामले का संज्ञान

इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है. लोग इस हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

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21 Jan 2026
( Updated: 21 Jan 2026
06:12 PM )
नोएडा इंजीनियर मौत मामला: फॉरेंसिक टीम ने किया घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण, सीएम योगी ने खुद लिया था मामले का संज्ञान

नोएडा सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक हादसे में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले ने एक बार फिर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस प्रकरण की गहन जांच के लिए फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया.

फॉरेंसिक टीम ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

फॉरेंसिक विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच की और घटनास्थल को इंच बाय इंच नापा गया. फॉरेंसिक टीम ने उस स्थान का निरीक्षण किया, जहां कार अनियंत्रित होकर पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिरी थी. मौके पर सेक्टर 150 का साइनबोर्ड, टूटी हुई पुलिया, क्षतिग्रस्त किनारा और पानी से भरा क्षेत्र साफ दिखाई देता है.

टीम ने रस्सियों और मापने वाले उपकरणों की मदद से सड़क की चौड़ाई, पुलिया की ऊंचाई, किनारे की मजबूती और उस स्थान की दूरी को मापा, जहां से कार के फिसलने की आशंका जताई जा रही है. जांच के दौरान यह जानने की कोशिश की गई कि कार किस दिशा से आई, कैसे स्लिप हुई और किन परिस्थितियों में वह सीधे पानी में जा गिरी.

जांच के दौरान उठाए गए महत्वपूर्ण सवाल

फॉरेंसिक टीम ने सड़क की सतह, मिट्टी, टूटे हुए पत्थरों और सुरक्षा इंतजामों की भी जांच की. मौके पर सुरक्षा रेलिंग या ठोस बैरिकेडिंग की कमी है, जिसे हादसे की एक बड़ी वजह माना जा रहा है.

सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले में गठित एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) की रिपोर्ट में फॉरेंसिक टीम की फैक्ट फाइंडिंग अहम भूमिका निभाएगी. फॉरेंसिक जांच से यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि हादसा लापरवाही, खराब सड़क निर्माण, सुरक्षा मानकों की अनदेखी या किसी तकनीकी खामी की वजह से हुआ. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे और फॉरेंसिक टीम से लगातार जानकारी लेते रहे.

एसआईटी रिपोर्ट में होगी फॉरेंसिक जांच की अहम भूमिका

मौके पर अधिकारी नोट्स लेते और घटनास्थल की स्थिति को गंभीरता से देखते नजर आ रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदारों को चिन्हित किया जा सके.

परिवार और स्थानीय लोगों का आक्रोश

इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है. लोग इस हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. फिलहाल फॉरेंसिक टीम द्वारा जुटाए गए तथ्यों को एसआईटी को सौंपा जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई और रिपोर्ट तैयार की जाएगी.

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प्रशासन का दावा है कि जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.

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