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ईडी का बड़ा एक्शन: पोंजी घोटाले में 13.41 करोड़ की संपत्ति जब्त, 15,500 निवेशक प्रभावित

ईडी ने गुवाहाटी के पलटन बाजार पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की, जिसे बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपने हाथ में ले लिया.

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24 Mar 2026
( Updated: 24 Mar 2026
09:47 PM )
ईडी का बड़ा एक्शन: पोंजी घोटाले में 13.41 करोड़ की संपत्ति जब्त, 15,500 निवेशक प्रभावित
Image Credits: IANS
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के गुवाहाटी क्षेत्रीय कार्यालय ने मंगलवार को मेसर्स डीबी स्टॉक कंसल्टेंसी और उसके मालिक दीपांकर बर्मन से जुड़े एक बड़े पोंजी घोटाले के सिलसिले में 13.41 करोड़ रुपए की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त कर ली है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. 

ईडी ने पोंजी घोटाले में 13.41 करोड़ की संपत्ति जब्त की

यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है. ईडी ने यह कार्रवाई अनियमित जमा योजनाओं के माध्यम से निवेशकों के साथ कथित धोखाधड़ी की चल रही जांच के बाद की है. 

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ईडी के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों में लगभग 8.71 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियां शामिल हैं, जिनमें गुवाहाटी, हैदराबाद और विशाखापत्तनम में स्थित फ्लैट, जमीन और कार्यालय स्थान जैसी 13 संपत्तियां शामिल हैं.

इसके अतिरिक्त, लगभग 4.7 करोड़ रुपए की चल संपत्ति जब्त की गई है, जिसमें 4.03 करोड़ रुपए वाले 27 बैंक खाते और लगभग 66.45 लाख रुपए के म्यूचुअल फंड और इक्विटी निवेश शामिल हैं.

मामला दर्ज़ कर पुलिस ने शुरू की जाँच 

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ईडी ने गुवाहाटी के पलटन बाजार पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की, जिसे बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपने हाथ में ले लिया.

यह मामला भारतीय न्याय संहिता, 2023 और अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध अधिनियम, 2019 की संबंधित धाराओं के तहत अपराधों से संबंधित है.

डीबी स्टॉक कंसल्टेंसी पर बड़ा एक्शन

जांच में पता चला कि डीबी स्टॉक कंसल्टेंसी ने 2021 से अगस्त 2024 के बीच एक अनियमित जमा योजना चलाई, जिसमें निवेशकों को 1.25 प्रतिशत साप्ताहिक से लेकर 120 प्रतिशत वार्षिक तक के असाधारण रूप से उच्च रिटर्न का वादा करके लुभाया गया.

अधिकारियों ने बताया कि फर्म ने सेमिनारों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और रेफरल नेटवर्क के माध्यम से आक्रामक प्रचार करके पूरे भारत में लगभग 15,500 निवेशकों से जमा राशि जुटाई और लगभग 400.14 करोड़ रुपए एकत्र किए.

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ईडी के एक अधिकारी ने कहा कि यह संस्था एक क्लासिक पोंजी स्कीम चला रही थी, जिसमें नए निवेशकों से एकत्र की गई धनराशि का उपयोग पुराने निवेशकों को रिटर्न देने के लिए किया जाता था. इस तरह के रिटर्न को बनाए रखने के लिए इसके पास कोई वैध व्यवसाय मॉडल नहीं था.

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आरोपी दीपांकर बर्मन कथित तौर पर योजना विफल होने के बाद फरार हो गया था, लेकिन बाद में असम पुलिस और सीबीआई ने उसे गिरफ्तार कर लिया. केंद्रीय एजेंसी ने बताया कि मामले की आगे की जांच फिलहाल जारी है.

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