जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

250+ फुटेज, 70 हिरासत, अलग-अलग थानों में FIR...CJP प्रोटेस्ट में पाकिस्तानी एंगल, 'षड्यंत्र' के एंगल से जांच शुरू

CJP protest Live: CJP प्रदर्शन में हिंसा और पत्थरबाजी के मामले में दिल्ली पुलिस झड़पों के पीछे 'षड्यंत्र' की जांच करेगी. कई सोशल मीडिया हैंडल इस मामले में रडार पर हैं. इस लिहाज से पाकिस्तानी एंगल को भी खंगाला जा रहा है कि कैसे प्रदर्शन को हिंसक बनाने की कोशिश की गई.

Author
21 Jul 2026
( Updated: 21 Jul 2026
10:22 AM )
250+ फुटेज, 70 हिरासत, अलग-अलग थानों में FIR...CJP प्रोटेस्ट में पाकिस्तानी एंगल, 'षड्यंत्र' के एंगल से जांच शुरू
Image Source: IANS
Advertisement

दिल्ली पुलिस ने सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 'चलो संसद' प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की हर एंगल से जांच शुरू कर दी है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि झड़पों में शामिल लोगों की पहचान करने के अलावा, जांचकर्ता इस बात की भी पड़ताल करेंगे कि क्या इस अशांति के पीछे कोई बड़ा षड्यंत्र था.

70 से ज्याला लोग हिरासत में!

आपको बता दें कि हिंसा के संबंध में 70 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि विभिन्न स्थानों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर कई एफआईआर दर्ज की जा रही हैं. जानकारी के मुताबिक अब तक पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में दो FIR दर्ज भी की गई है. प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर बैरिकेड तोड़कर और सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प के दौरान कम से कम 118 पुलिसकर्मी घायल हो गए.

Advertisement

दिल्ली पुलिस के पास 250 से अधिक फुटेज मौजूद, गुनहगार के चेहरे कैद!

कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट थानों में अलग-अलग FIR दर्ज की गई है. आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस की जांच अब मुख्य रूप से वीडियो फुटेज पर केंद्रित है. पुलिस के पास मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किए गए वीडियो, सीसीटीवी, ड्रोन कैमरों और पुलिस के बॉडी कैमरों की 250 से अधिक फुटेज उपलब्ध हैं. इन वीडियो के आधार पर हिंसा में शामिल उपद्रवियों की पहचान की जा रही है.

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उपद्रवियों में किसी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है या नहीं. साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि हिंसा में शामिल लोग पूर्व नियोजित तरीके से जंतर-मंतर पहुंचे थे या नहीं. जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि नई दिल्ली में हुई हिंसा से पहले किसी व्हाट्सऐप या टेलीग्राम समूह के जरिए लोगों को उकसाने या संगठित करने की कोशिश की गई थी या नहीं.

Advertisement

दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ ऐसे लोगों को भी हिरासत में लिया गया है, जो वास्तव में छात्र नहीं हैं. सूत्रों ने बताया कि जांच के तहत उनकी पहचान, संबद्धता और हिंसा में उनकी भूमिका की पुष्टि की जा रही है.

पुलिस सूत्रों ने आगे बताया कि जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या हिंसा पूर्व नियोजित थी या संगठित समूहों द्वारा भड़काई गई थी. जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने और हिंसा भड़काने के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है.

जांच का एक और महत्वपूर्ण पहलू तनाव बढ़ाने में सोशल मीडिया की भूमिका है. सूत्रों के अनुसार, विरोध प्रदर्शन से पहले और उसके दौरान कई संदिग्ध सोशल मीडिया खातों ने भ्रामक और भड़काऊ सामग्री प्रसारित की. जांचकर्ताओं ने अशांति फैलाने के स्पष्ट प्रयास में झड़पों के संबंध में गलत जानकारी फैलाने वाली कई पोस्टों की पहचान की है.

Advertisement

कई सोशल मीडिया हैंडल सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर

पुलिस सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान स्थित सोशल मीडिया हैंडल्स से कथित तौर पर प्रसारित कई पोस्टों ने हिंसा को बढ़ावा दिया और अपुष्ट दावे फैलाए. एक व्यापक रूप से साझा की गई पोस्ट में झूठा दावा किया गया कि झड़पों के दौरान सात प्रदर्शनकारी मारे गए, 391 लोग घायल हुए और 250 लोगों को गिरफ्तार किया गया. अधिकारियों ने कहा कि ये दावे निराधार थे और इनका उद्देश्य दहशत फैलाना और अधिक अशांति पैदा करना प्रतीत होता है.

दिल्ली पुलिस ऐसे पोस्टों के स्रोत का पता लगाने और यह निर्धारित करने के लिए साइबर विशेषज्ञों के साथ समन्वय कर रही है कि क्या विरोध प्रदर्शन के दौरान गलत सूचना फैलाने के लिए कोई समन्वित ऑनलाइन अभियान चलाया गया था.

Advertisement

सूत्रों ने आगे कहा कि यदि जांच में हिंसा की योजना बनाने, उसे भड़काने या वित्तपोषण करने में किसी राजनीतिक संगठन या व्यक्ति की संलिप्तता साबित होती है, तो राजनीतिक संबद्धता की परवाह किए बिना उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

दिल्ली पुलिस कर रही हिंसा के पीछे के षड्यंत्र की जांच!

आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस इसे षड्यंत्र के एंगल से इसलिए भी जांच कर रही है क्योंकि बीते दिन पाकिस्तानी बॉट्स और सोशल हैंडल से झूठे दावों और भड़काऊ सामग्री पोस्ट कर आंदोलन को उग्र करने की कोशिश की गई. हालांकि भारतीय सेना ने तुरंत पाकिस्तान के झूठ और प्रोपेगेंडा को उजागर कर दिया.

भारतीय सेना ने पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा की खोली पोल!

बीती शाम भारतीय सेना से जुड़े फैक्ट चेक में उन दावों को गलत बताया गया है, जिनमें पाकिस्तान से चलने वाले प्रोपेगैंडा हैंडल झूठा दावा कर रहे हैं कि भारतीय सेना को नई दिल्ली में तैनात किया गया है और वह प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हथियारों का इस्तेमाल कर रही है, जिससे कई लोगों की मौत हुई है और कई घायल हुए हैं.

Advertisement

'इंडियन आर्मी फैक्ट चेक' में कहा गया कि ये दावे भ्रामक और झूठे हैं. प्रदर्शन की स्थिति को संभालने की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस और अन्य निर्धारित कानून-व्यवस्था एजेंसियों के पास है. इसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान शामिल हैं. फैक्ट चेक में साफ कर दिया गया था कि दिल्ली में प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए भारतीय सेना की कोई तैनाती नहीं की गई है.

इसमें बताया गया कि सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाने के लिए नागरिक प्रदर्शनों के वीडियो, सेना की कथित तैनाती के झूठे दावे और हिंसक कार्रवाई के आरोपों को जोड़कर पेश किया जा रहा है. इसका उद्देश्य लोगों में भ्रम और डर पैदा करना तथा भारतीय सेना की छवि को नुकसान पहुंचाना है.

दिल्ली पुलिस ने अफवाहों से बचने की अपील की

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने कहा था कि दिल्ली पुलिस सभी प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने और शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील करती है. सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करें. किसी भी गैर-कानूनी या हिंसक गतिविधि में शामिल न हों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा दिए गए कानूनी निर्देशों का पालन करें.

पुलिस ने आगे कहा था कि जनता को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अफवाहों, गलत जानकारी या अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और न ही उन्हें फैलाएं. नागरिकों से अनुरोध है कि वे जानकारी के विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा करें और शांति, सद्भाव व कानून-व्यवस्था बनाए रखने में दिल्ली पुलिस का सहयोग करें.

कनॉट प्लेस के पास हिंसक हुआ आंदोलन

पुलिस के मुताबिक सोमवार को कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल स्थित रीगल सिनेमा के पास प्रदर्शन हिंसक हो गया. इस दौरान उपद्रवियों ने पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर पथराव किया. इसके अलावा जनपथ इलाके में कई दुकानों को भी नुकसान पहुंचा, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

ये भी पढ़ें: खाली कराया गया दिल्ली का जंतर-मंतर, पुलिस ने मंच भी उखाड़ फेंका, धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों के आने पर रोक

पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान स्थिति लगातार बिगड़ती गई. प्रदर्शनकारियों को कई बार चेतावनी दी गई और कानूनी निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने वहां से हटने से इनकार कर दिया. पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने लागू निषेधाज्ञा का जानबूझकर उल्लंघन किया और हिंसक रवैया अपनाया.

Advertisement

दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और अन्य वस्तुओं से भी हमला किया. उन्होंने पुलिस बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया, पुलिस और अन्य सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की तथा सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया. पुलिस का कहना है कि इस हिंसा से कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया.

कई IPS, कॉन्सटेबल सहित 118 से अधिक जवान घायल

यह भी पढ़ें

पुलिस के अनुसार, हिंसा में 118 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान घायल हुए हैं. घायलों में स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस, जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस, एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस, डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस, एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस और असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं. कई महिला पुलिसकर्मी भी घायल हुई हैं.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें