'भारत धर्मशाला नहीं, केवल भारतीयों को रहने का हक...', घुसपैठियों की अब खैर नहीं, गृह मंत्री ने दी सख्त वॉर्निंग
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह देश कोई धर्मशाला नहीं है और इस देश में रहने का अधिकार केवल इसके नागरिकों को है. उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध घुसपैठियों की मौजूदगी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया. इस दौरान उन्होंने 'प्रहार' नीति का ऐलान किया.
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केंद्रीय गृह मंत्री घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने दो टूक कहा कि देश धर्मशाला नहीं है, जो उन्हें रहने दें. भारत, भारतीयों का है, यहां केवल वही रह सकते हैं. उन्होंने आगे कहा कि घुसपैठिए देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और जनसांख्यिकीय बदलाव के लिए खतरा हैं. शाह ने इस दौरान जोर दिया कि सरकार का लक्ष्य है देश को इन घुसपैठियों से मुक्त करना है.
'भारत कोई धर्मशाला नहीं, यहां केवल भारतीय रहेंगे!'
इतना ही नहीं शाह ने आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करने और उसके 360 डिग्री नेटवर्क को तोड़ने के लिए PRAHAR रणनीति को रोज की कार्रवाई में उतारने का ऐलान किया.
आपको बता दें कि नई दिल्ली में इंटेलिजेंस ब्यूरो की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने घुसपैठ, आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी और देश की सुरक्षा के लिए उभरते अन्य खतरों से निपटने के लिए सक्रिय और समन्वित कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया.
उन्होंने कहा कि, "यह देश कोई धर्मशाला नहीं है और इस देश में रहने का अधिकार केवल इसके नागरिकों को है." उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध घुसपैठियों की मौजूदगी राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और जनसंख्या संतुलन के लिए गंभीर चुनौतियां पैदा कर सकती है.
आंतरिक सुरक्षा की तीन चुनौतियां खत्म!
इस दौरान शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने नक्सलवाद, आतंक और उग्रवाद की चुनौतियां लगभग खत्म कर दी हैं. उन्होंने कहा कि आंतरिक सुरक्षा के तीन बड़े सेंटर प्वांइट को लगभग खत्म कर दिया है, जड़ पर वार किया गया है. इस मामले में सभी राज्यों की पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिसबलों को श्रेय मिलना चाहिए.
उन्होंने आगे कहा कि अगर पिछली सरकारों ने नशीले पदार्थों, नक्सलवाद और पूर्वोत्तर की समस्याओं को गंभीर होने से पहले समझ लिया होता, तो देश को दशकों तक इनका खामियाजा नहीं भुगतना पड़ता. पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के पूरे कैडर को खत्म करना और एक ही रात में उस पर प्रतिबंध लगाना केंद्र और राज्यों के तालमेल का बेहतरीन उदाहरण है.
उनके इस बयान पर विपक्ष हमलावर है. विपक्षी नेताओं की ओर से आ रही तीखी आलोचनाओं के बीच सत्ताधारी एनडीए के नेताओं ने गृह मंत्री के रुख का समर्थन किया है.
आपको बता दें कि NDA के नेताओं ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की घुसपैठ पर की गई कड़ी टिप्पणियों का स्वागत किया और इसे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा तथा राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम बताया.
घुसपैठियों पर बयान से क्यों भड़का विपक्ष?
उनकी यह प्रतिक्रिया तब आई जब केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने अगले दो दशकों के लिए आंतरिक सुरक्षा का व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनने का लक्ष्य काफी हद तक एक मजबूत और प्रभावी आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर निर्भर करेगा.
गृह मंत्री शाह की टिप्पणियों का समर्थन करते हुए महाराष्ट्र के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक राम कदम ने आईएएनएस से कहा कि गृह मंत्री ने देश के व्यापक हित में बात की है और घुसपैठ के मुद्दे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
Addressed the concluding session of the 9th two-day National Security Strategies Conference 2026, in New Delhi today.
— Amit Shah (@AmitShah) August 25, 2026
This conference has evolved into a robust forum for developing strategies and anticipating emerging challenges to national security. Under the leadership of Modi… pic.twitter.com/yodCLXCEzb
राम कदम ने कहा, "गृह मंत्री ने राष्ट्रहित में यह बात कही है. यह देश एक परिवार है और इस देश के लोगों का इस पर पहला अधिकार है. यदि घुसपैठिए यहां आकर देश की सुरक्षा से समझौता करें, स्थानीय लोगों के अधिकार छीनें और आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दें, उनसे और क्या उम्मीद की जा सकती है."
उन्होंने कहा, "कांग्रेस शासन के दौरान ऐसे लोगों (अवैध घुसपैठियों) को जानबूझकर प्रोत्साहित किया गया और वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में ऐसा बिल्कुल नहीं हो सकता."
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी गृह मंत्री शाह के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार और भाजपा अवैध घुसपैठ रोकने तथा देश के संसाधनों और सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.
सरावगी ने कहा, "गृह मंत्री का स्पष्ट रुख ही केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी का भी रुख है. यह सही है कि भारत कोई 'धर्मशाला' नहीं है जहां घुसपैठिए आकर रहें और देश के संसाधनों का दुरुपयोग करें."
उन्होंने कहा, "भाजपा इस घुसपैठ विरोधी रुख का पूरी तरह समर्थन करती है. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि घुसपैठियों की पहचान की जाएगी, उन्हें सूची से हटाया जाएगा और देश से बाहर भेजा जाएगा."
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आंतरिक सुरक्षा पर जोर दे रही मोदी सरकार!
राष्ट्रीय लोक दल के नेता केसी त्यागी ने भी गृह मंत्री शाह के बयान को महत्वपूर्ण बताया, खासकर उन परिस्थितियों के संदर्भ में जिनमें यह बयान दिया गया. त्यागी ने कहा, "गृह मंत्री का बयान मौजूदा परिस्थितियों में महत्वपूर्ण है. किसी भी विदेशी नागरिक को भारतीय नागरिकता प्राप्त किए बिना देश में रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए."
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एनडीए नेताओं के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब केंद्र सरकार आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने और अवैध घुसपैठ, आतंकवाद तथा संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़े खतरों से निपटने पर जोर दे रही है.