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गुरुग्राम लैंड डील: रॉबर्ट वाड्रा को कोर्ट से मिली जमानत, जानें मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा पूरा मामला

रॉबर्ट वाड्रा ने ED को केंद्र के इशारे पर काम करने वाली एजेंसी बताया. उन्होंने कहा, सब अच्छा है बस ED को झेलना है.

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16 May 2026
( Updated: 16 May 2026
11:34 AM )
गुरुग्राम लैंड डील: रॉबर्ट वाड्रा को कोर्ट से मिली जमानत, जानें मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा पूरा मामला
Source- IANS
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गुरुग्राम के शिकोहपुर लैंड डील से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के पति और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा (Robert Vadra) को बड़ी राहत मिली है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है. 

दरअसल, रॉबर्ट वाड्रा 13 मई बुधवार को अदालत में पेश हुए थे. इसके बाद उन्हें नियमित प्रक्रिया के तहत जमानत दी गई. इससे पिछली सुनवाई में रॉबर्ट वाड्रा को जमानत नहीं दी गई थी. इस बार 50 हजार के निजी मुचलके पर उन्हें जमानत दी गई है. 

रॉबर्ट वाड्रा ने क्या कहा? 

इससे पहले जब रॉबर्ट वाड्रा कोर्ट पहुंचे तो उन्होंने मीडिया का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा, ‘सब अच्छा है, धन्यवाद.’ उन्होंने आगे कहा, न्यायालय पर पूरा भरोसा है और उनके पास छिपाने जैसा कुछ भी नहीं है. वाड्रा ने आरोप लगाया कि ED केंद्र सरकार के इशारे पर काम करती है. वे निडर हैं और कुछ छिपाना नहीं चाहते हैं, बस ED को झेलना है. उन्होंने कहा कि झेलने की क्षमता है, वह सबसे बड़ी चीज है. 

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रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ क्या है मामला? 

यह मामला रॉबर्ट वाड्रा की गुरुग्राम स्थित शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़ा है. मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) के हाथ में है. 17 जुलाई 2025 को इस मामले में ED ने रॉबर्ट वाड्रा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी.

ED ने आरोप लगाया है कि वाड्रा की कंपनी 'स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड' ने फरवरी 2008 में हरियाणा के शिकोहपुर गांव में लगभग 3.5 एकड़ जमीन 'ओमकारेश्वर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड' से 7.50 करोड़ रुपए में खरीदी थी जबकि उनके पास पूंजी सीमित थी. 

ED का आरोप है कि कोई भी असल भुगतान नहीं किया गया था और बिक्री विलेख (सेल डीड) में झूठे बयान शामिल थे, जिसमें एक ऐसे चेक का जिक्र भी था जो कथित तौर पर कभी जारी ही नहीं किया गया या भुनाया नहीं गया. ED ने आगे दावा किया है कि बिक्री विलेख में जमीन का मूल्य कम दिखाया गया था, जिसके परिणामस्वरूप स्टांप शुल्क की चोरी हुई और यह आईपीसी की धारा 423 के तहत एक अपराध है. अपनी अभियोजन शिकायत में ED ने 58 करोड़ रुपये को अपराध से प्राप्त आय के रूप में पहचाना है और 43 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है, जिनकी कीमत 38.69 करोड़ रुपये है. 

कोर्ट में वाड्रा के वकील ने क्या दलील दी? 

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कोर्ट में सुनवाई के दौरान वाड्रा के वकील ने दलील थी कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला नहीं बनता. यह भी कहा था कि ED की ओर से कोर्ट में दी गई चार्जशीट पर संज्ञान नहीं लिया जाना चाहिए. उन्हें पहले कभी गिरफ्तार नहीं किया गया था, इसलिए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए. अदालत ने उनकी दलील सुनने के बाद जमानत मंजूर कर ली, मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी. 

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दूसरी ओर ED का आरोप है कि शिकोहपुर भूमि सौदे में वित्तीय अनियमितताएं हुईं है. इससे जुड़े लेन देन और सौदों के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच की जा रही है. मामले में आगे की सुनवाई अब राउज एवेन्यू कोर्ट में होगी. इससे पहले 2 अगस्त 2025 को वाड्रा सहित 10 अन्य आरोपियों को प्री-समन जारी किए गए थे. 

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