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PM मोदी का वीडियो हटाने की फेसबुक की हिमाकत, हो गया एक्शन, IT मिनिस्ट्री ने जैसे ही भेजा समन, Meta ने मांग ली माफी

पीएम मोदी का वीडियो फेसबुक से हटने वाले मामले को लेकर हो रही बयानबाजी के बीच मेटा ने माफी मांग ली है. मेटा ने इसके पीछे तकनीकी गड़बड़ी का हवाला दिया है. सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है. IT मिनिस्ट्री ने मेटा और इंस्टाग्राम के ग्लोबल हेड को समन कर लिया है.

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28 Jul 2026
( Updated: 28 Jul 2026
12:42 PM )
PM मोदी का वीडियो हटाने की फेसबुक की हिमाकत, हो गया एक्शन, IT मिनिस्ट्री ने जैसे ही भेजा समन, Meta ने मांग ली माफी
Image Source: IANS
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो को फेसबुक से कुछ समय के लिए हटाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. हालांकि, मेटा ने इस घटना पर माफी मांग ली है और कंपनी के प्रवक्ता ने वीडियो हटने की वजह तकनीकी गड़बड़ी को बताया है.

मेटा ने पीएम मोदी का वीडियो हटाने को लेकर मांगी माफी

सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से देख रही है और इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा और इंस्टाग्राम के ग्लोबल हेड को समन किया है.

सरकार इस बात की जांच करना चाहती है कि आखिर किस वजह से प्रधानमंत्री के आधिकारिक वीडियो तक लोगों की पहुंच अचानक रोक दी गई. सरकार का मानना है कि इस तरह की घटना को हल्के में नहीं लिया जा सकता, इसलिए संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा.

सरकार ने मेटा-इंस्टा के ग्लोबल हेड को भेजा समन

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यह मामला 28 जुलाई की तड़के सामने आया, जब मेटा के स्वामित्व वाले फेसबुक पर भारतीय यूजर्स कुछ समय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो नहीं देख पाए. वीडियो खोलने की कोशिश करने पर यूजर्स को एक स्वचालित संदेश दिखाई दिया, जिसमें लिखा था कि कानूनी अनुरोध के कारण भारत में इस वीडियो की पहुंच सीमित कर दी गई है. इससे सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं.

मेटा ने तकनीकी गड़बड़ी का दिया हवाला

हालांकि, बाद में मेटा ने इस घटना पर खेद जताते हुए कहा कि यह किसी कानूनी कार्रवाई का परिणाम नहीं था, बल्कि एक तकनीकी गड़बड़ी के कारण ऐसा हुआ. कंपनी ने माफी मांगते हुए स्थिति को जल्द सामान्य कर दिया.

पीएम मोदी के जिस वीडियो को मेटा ने हटाया, उस पर थे मिलियंस व्यूज

गौरतलब है कि यह वीडियो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सेल्फी फॉर्मेट में रिकॉर्ड किया गया संदेश था, जिसमें उन्होंने पेपर लीक विवाद और इस मुद्दे पर होने वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की आगामी कार्रवाई को लेकर खासतौर पर देश के जेन-जी युवाओं को संबोधित किया था.

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बता दें कि यही वीडियो इंस्टाग्राम पर 24 घंटे के भीतर 300 मिलियन से अधिक बार देखा गया, जबकि फेसबुक पर कुछ समय के लिए इसकी पहुंच सीमित हो गई थी. अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर केंद्र सरकार की नजर मेटा की कार्यप्रणाली पर है, और माना जा रहा है कि कंपनी के अधिकारियों से इस संबंध में विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है.

बीजेपी ने की थी कार्रवाई की मांग

इस मुद्दे को लेकर बीजेपी ने भी मेटा पर हमला बोला था और कार्रवाई की मांग की थी. बीजेपी लीडर तजिंदर पाल बग्गा ने X पर लिखा कि, फेसबुक ने सारी हदें पार कर दी हैं. उसने पेपर लीक के खिलाफ़ सख़्त कार्रवाई के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोस्ट को भारत में दिखाए जाने से रोक दिया है. इस विदेशी प्लेटफ़ॉर्म को भारत के प्रधानमंत्री को सेंसर करने और यह तय करने का अधिकार किसने दिया कि भारतीय क्या पढ़ सकते हैं?

यह "कंटेंट मॉडरेशन" नहीं है. यह भारत के लोकतंत्र और डिजिटल संप्रभुता में बेशर्म दखलंदाज़ी है. फेसबुक को यह बताना चाहिए कि उसने किसके "कानूनी अनुरोध" का पालन किया और भारत की जनता को जवाब देना चाहिए.

 

 

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आपको बता दें कि मेटा ने पीएम मोदी के जिस पोस्ट को हटाया उसका टाइटल था "कल होने वाली कैबिनेट बैठक में पेपर लीक के खिलाफ और सख्त कदम उठाए जाएंगे!." इस वीडियो के हटने के बारे में मेटा ने लिखा कि "यह पोस्ट भारत में उपलब्ध नहीं है. कानूनी अनुरोध के कारण, साथ में दी गई मीडिया फ़ाइल आपके क्षेत्र में उपलब्ध नहीं है."

आपको बता दें कि पीएम मोदी के इसी वीडियो पोस्ट पर करीब 9.3 मिलियन लाइक्स, 654.4 लाख कमेंट्स, 2.83 लाख शेयर हैं. हालांकि फेसबुक पर अब देखने पर ये बीडियो दिख रहा है.

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टिप्पणियाँ 5
G
Guest (अतिथि)
M
Manoj Kumar
1 month ago

यही तो दुख की बात है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया स्वदेशी नहीं है, विदेशी मीडिया तो अपना नफा नुकसान देखकर सेवा देती है।

M
Manoj Kumar
1 month ago

यही तो दुख की बात है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया स्वदेशी नहीं है, विदेशी मीडिया तो अपना नफा नुकसान देखकर सेवा देती है।

M
Manoj Kumar
1 month ago

यही तो दुख की बात है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया स्वदेशी नहीं है, विदेशी मीडिया तो अपना नफा नुकसान देखकर सेवा देती है।

M
Manoj Kumar
1 month ago

यही तो दुख की बात है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया स्वदेशी नहीं है, विदेशी मीडिया तो अपना नफा नुकसान देखकर सेवा देती है।

s
shriniwas singh
1 month ago

Facebook ko bharat me block kar dena chahiye.firangio ko is desh me qya kam?jay hind jay bharat🙏🚩🇮🇳

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