अमरनाथ यात्रा में हो रही थी जांच, अचानक बजी FRS की घंटी, तुरंत अलर्ट हुई पुलिस, UAPA के वांछित अपराधी को दबोचा
जम्मू और कश्मीर के अनंतनाग में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. यहां Facial Recognition System (FRS) के माध्यम से पुलिस ने एक अपधारी को मौके पर ही दबोच लिया. ये UAPA के तहत एक मामले में वांछित था.
Follow Us:
श्री अमरनाथ यात्रा-2026 के लिए किए गए कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच अनंतनाग पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है. यात्रा मार्ग पर नियमित सुरक्षा जांच के दौरान पुलिस ने फेसियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) की मदद से गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार किया है.
FRS की बजी घंटी, UAPA के तहत वांछित आरोपी दबोचा गया!
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई लंगनबल में नियमित जांच अभियान के दौरान की गई. जांच के समय वहां तैनात फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) ने एक व्यक्ति की पहचान को लेकर अलर्ट जारी किया. इसके बाद पुलिस ने संबंधित व्यक्ति का सत्यापन किया.
जांच में उसकी पहचान दानिश अमीन रेशी, पुत्र मोहम्मद अमीन रेशी, निवासी वीरसरन के रूप में हुई. पुलिस ने जब उसके रिकॉर्ड की विस्तार से जांच की तो पता चला कि वह पहले से दर्ज एक आपराधिक मामले में वांछित है.
Anantnag, Jammu and Kashmir: Police apprehended Danish Amin Reshi at Langanbal during routine checking for the Amarnath Yatra, using a Facial Recognition System (FRS). The system flagged his involvement in FIR No. 24/2021 under UAPA at Pahalgam Police Station. He was taken into… pic.twitter.com/I9Cb8G85au
— IANS (@ians_india) July 21, 2026Advertisement
आगे की जांच में यह भी सामने आया कि दानिश अमीन रेशी पुलिस थाना पहलगाम में दर्ज एफआईआर संख्या 24/2021 में नामजद है. यह मामला गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज किया गया था.
रिकॉर्ड की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आरोपी को तुरंत हिरासत में ले लिया. अब उसके खिलाफ कानून के अनुसार आगे की सभी कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
अनंतनाग पुलिस ने बताया कि श्री अमरनाथ जी यात्रा-2026 की सुरक्षा को पूरी तरह मजबूत बनाने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है. इस सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है.
क्या है फेसियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS)?
यह भी पढ़ें
पुलिस ने कहा कि फेसियल रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) भी इसी सुरक्षा तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसकी मदद से संदिग्ध और वांछित लोगों की पहचान तेजी से की जा रही है. पुलिस का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षित और शांतिपूर्ण यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरे यात्रा मार्ग पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ लगातार निगरानी बनाए हुए हैं.